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भाजपा के नेता पवन पटेल ने ही प्रधानमंत्री तक की शिकायत : मध्य प्रदेश की शुगर मिलों पर गंभीर आरोप,

Aditi News Team

Mon, Jan 5, 2026

मध्य प्रदेश की शुगर मिलों पर गंभीर आरोप,

भाजपा नेता पवन पटेल ने प्रधानमंत्री तक की शिकायत

भोपाल।मध्य प्रदेश में संचालित शुगर मिलों द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों के साथ लंबे समय से आर्थिक शोषण किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता पवन पटेल ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 (खंड–3) के उल्लंघन, अनियमित डबल ट्रॉली संचालन तथा दूषित अपशिष्ट जल से नदियों के प्रदूषण को लेकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी है।

शिकायतकर्ता भाजपा नेता पवन पटेल ने बताया कि प्रदेश में विगत लगभग 20 वर्षों से शुगर मिलें गन्ना किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) का पूर्ण भुगतान नहीं कर रही हैं। नियमों के अनुसार शुगर रिकवरी प्रतिशत के आधार पर किसानों को समय पर भुगतान अनिवार्य है, लेकिन व्यवहार में मिलें मनमाने ढंग से भुगतान कर रही हैं। इससे किसानों को प्रति क्विंटल ₹130 से ₹150 तक का नुकसान हो रहा है, जिससे सालाना ₹35,000 से ₹40,000 तक की आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

पवन पटेल ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 के तहत 14 दिनों के भीतर भुगतान का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद अधिकांश किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जो कानून का खुला उल्लंघन है।

इसके अतिरिक्त शुगर मिलों द्वारा डबल ट्रॉली का अवैध संचालन किए जाने से सड़कों पर जाम, दुर्घटनाएं और किसानों की परिवहन लागत बढ़ रही है। कई शुगर मिल परिसरों में पेयजल एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर यातायात बाधित हो रहा है।

पर्यावरणीय दृष्टि से भी मामला गंभीर बताते हुए पवन पटेल ने आरोप लगाया कि कई शुगर मिलें बिना शोधन किए दूषित अपशिष्ट जल को नदियों एवं सहायक नालों में छोड़ रही हैं, जिससे जल प्रदूषण, पर्यावरण असंतुलन और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

शिकायत में मांग की गई है कि—

शुगर मिलों की गन्ना सैंपल शुगर रिकवरी स्वतंत्र शासकीय प्रयोगशालाओं से जांच कराई जाए,

किसानों का विगत वर्षों का बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाया जाए,

गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 के उल्लंघन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए,

अवैध परिवहन एवं पर्यावरण प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाई जाए।

इस शिकायत की प्रतिलिपि भाजपा प्रदेश नेतृत्व सहित केंद्र व राज्य सरकार के संबंधित मंत्रियों और विभागों को भी भेजी गई है। अब गन्ना किसानों और जनहित संगठनों की निगाहें सरकार की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मप्र शासन

मध्य प्रदेश की शुगर मिलों पर गंभीर आरोप

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