राष्ट्रीय श्रम जीवी पत्रकार परिषद ने सौंपा ज्ञापन : मां नर्मदा की स्वच्छता बनी रहे l उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, दोनों तटों से अतिक्रमण हटाया जाए
Aditi News Team
Wed, Dec 31, 2025
मां नर्मदा की स्वच्छता बनी रहे l उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, दोनों तटों से अतिक्रमण हटाया जाए
करेली । केबिनेट मंत्री मां नर्मदा भक्त गोमाता भक्त नर्मदा आंचल के पुत्र प्रहलाद सिंह पटेल को लिखित ज्ञापन मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि ,जी सी सी आई के प्रदेश प्रेस संयोजक राष्ट्रीय श्रम जीवी पत्रकार परिषद के जिला अध्यक्ष भागीरथ तिवारी ने पत्रकार साथी गीत गोविंद पटेल ,अभय हिंदुस्तानी आदि ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नर्मदा तट बरमान घाट के संरक्षण, स्वच्छता कार्यों एवं तथ्यहीन प्रचार-प्रसार के संबंध में वास्तविक स्थिति से अवगत कराने हेतु ज्ञापन कहा कि जिला नरसिंहपुर का पावन तीर्थ स्थल नर्मदा तट बरमान घाट धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण धरोहर भी है। इस पवित्र स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता व्यवस्था हेतु जिला पंचायत नरसिंहपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र नागेश निरंतर प्रतिबद्धता, कर्मठता एवं सेवा-भाव के साथ सतत कार्यरत हैं।वे केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि अनेक अवसरों पर स्वयं उपस्थित होकर घाट क्षेत्र में साफ-सफाई, श्रमदान एवं स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं, जो उनके समर्पित दायित्व-बोध का स्पष्ट उदाहरण है।
विदित है कि शासन द्वारा माँ नर्मदा जी को जीवित इकाई की मान्यता प्रदान की गई है। इस भाव के अनुरूप नर्मदा तट पर शुचिता, अनुशासन एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से जब कार्यवाही की जा रही थी, तब कुछ व्यक्तियों द्वारा घाट क्षेत्र में ही लेट बाथरूम एवं अशोभनीय गंदगी किए जाने की स्थिति सामने आई। उक्त व्यक्तियों को केवल समझाइश एवं रोक-टोक किए जाने के दौरान एक घटना-क्रम घटित हुआ।
दुर्भाग्यवश, इस घटना को आधार बनाकर कुछ असत्य, भ्रामक एवं एकतरफा समाचार सोशल एवं मीडिया माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे एक ईमानदार, संवेदनशील एवं जनहितैषी अधिकारी की छवि को अनावश्यक रूप से धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह न केवल न्यायोचित भावना के विरुद्ध है, बल्कि नर्मदा संरक्षण के सामाजिक-प्रशासनिक प्रयासों को भी हानि पहुँचाता है।
इसके अतिरिक्त निवेदन है कि
नर्मदा तट केवल उपासना स्थल ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा एवं पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है। इस स्थल की स्वच्छता एवं गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। गजेन्द्र नागेश के मार्गदर्शन में घाट क्षेत्र में
स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन
अतिक्रमण एवं अशोभनीय गतिविधियों पर नियंत्रण
श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों में जागरूकता
जनसहभागिता आधारित श्रमदान अभियान
जैसी गतिविधियाँ सतत रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनका व्यापक सामाजिक समर्थन भी प्राप्त हो रहा है।
किन्तु कुछ स्वार्थवश तत्व इन प्रयासों को ही तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे समाज एवं प्रशासन के मध्य विश्वास-भावना प्रभावित हो रही है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। श्री नागेश का आचरण सदैव मर्यादित, सेवामूलक एवं धर्मसम्मत रहा है।
हमारी विनम्र माँग है कि
उक्त प्रकरण के संबंध में तथ्यपरक एवं निष्पक्ष जांच कर भ्रामक प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई जाए।
नर्मदा तट पर अशोभनीय आचरण करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित वैधानिक एवं सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
नर्मदा संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान में संलग्न अधिकारियों एवं जनसहयोगियों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।
घाट क्षेत्र को “संवेदनशील धार्मिक एवं पर्यावरणीय क्षेत्र” घोषित कर कड़े अनुशासनात्मक प्रावधान लागू किए जाएँ। जिनकी सहमति से शराब अतिक्रमण का बढ़ावा दिया जा रहा है उनकी संपति की भी जांच किया जावे l दोनों तटों पर जिन्होंने अतिक्रमण कर लिया जिनको न्यायालय के आदेश पर नोटिस मिले। हे उनको तत्काल हटाया जाए जिससे आम जनता को समझ में आए कि कौन सही है कौन गलत है l शासन के नियमों का पालन न कराने वाले कर्मचारियों पर भी सकती कार्यवाही हो l जो ऐतिहासिक मिले को खत्म करने की कोशिश कर रहे हे l
हम सभी नागरिक नर्मदा तट की गरिमा, पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं तथा गजेन्द्र नागेश द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों का समर्थन एवं प्रशंसा करते हैं।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)