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भ्रष्टाचार हो तो ऐसा 18 लाख का काम किए 5 लाख में नीचे से ऊपर तक लिप्त : भ्रष्टाचार में प्रदेश का सबसे अव्वल जिला, यहां नहीं चलते कोई नियम कानून, यदि चलते हैं मात्र गांधी छाप नोट

Aditi News Team

Sat, Jan 10, 2026

भ्रष्टाचार हो तो ऐसा 18 लाख का काम किए 5 लाख में नीचे से ऊपर तक लिप्त

भ्रष्टाचार में प्रदेश का सबसे अव्वल जिला, यहां नहीं चलते कोई नियम कानून, यदि चलते हैं मात्र गांधी छाप नोट, 18 लाख के काम को 5लाख में निपटा कर बाकी रकम का हो गया बंदरबांट।

उमरिया - जिले मे जिस विभाग में देखेंगे उस विभाग में ऊपर से नीचे तक दिखेगा तो मात्र भ्रष्टाचार, चाहे जिसको जहां शिकायत करना हो करता रहे कोई फर्क नहीं पड़ता। जी हां जम आपको जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत असोढ़ का हाल बता रहे हैं। सरकार के द्वारा पंचायत को कार्य एजेंसी बनाकर विकास की धारा में ग्रामों को भी जोड़ने का पूरा प्रयास किया जाता है लेकिन पंचायत में बैठे सरपंच, सचिव से लेकर इंजिनियर और जनपद से लेकर जिला पंचायत तक के सीईओ सभी मिलकर सरकारी राशि का बंदरबांट कर अपनी जेब गरम करने में लगे हैं। जिसका एक जीता जागता नमूना हम आपके सामने दिखा रहे हैं, वह भी भ्रष्टाचार ऐसा कि सब कुछ खुली आंखों से देखा जा सकता है।

ग्राम असोढ़ में जहां पर पंचायत कार्य विभाग के द्वारा गांव में पानी की कमी को देखते हुए लगभग 18 लाख रुपए की लागत से एक तालाब व करीब 7 लाख रुपए में एक पुल बनाने की स्वीकृति प्राप्त हुई लेकिन पंचायत के सचिव, सरपंच व विभागीय इंजीनियर ने मिलकर जमकर भ्रष्टाचार किया और अपनी जेब भरी तालाब की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि इस तालाब में पानी कहां से आएगा और यह तालाब कैसे भरेगा यह तो ऊपर वाला ही जानता है।

अजय बर्मन निवासी ग्राम असोढ़ ने बताया कि इसमें घटिया कार्य करवाया गया है, रेत की जगह डस्ट, कांक्रीट की जगह बड़े - बड़े बोल्डर लगे हैं, सीमेंट भी ठीक नहीं लगाई गई, 4 से 5 किलो के पत्थर लगाए गए हैं, जब हमने सचिव से पूछा तो उन्होंने कहा कि आप तो हमेशा ही ऐसी नेतागिरी की बात करते हो, हमने सचिव को फोटो भी दिखलाया तो उन्होंने कहा कि काम ऐसे ही होता है तुमको जहां जाना हो वहां जाकर शिकायत कर दो, हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है वैसे भी मेरे 2 साल बचे हैं मैं जैसे तैसे काट लूंगा, ग्राम पंचायत में जितने भी कम हुए हैं सब घटिया स्तर के हुए हैं यदि 1लाख रुपए किसी काम के लिए आता है तो 20 से 30 हजार रुपए में उस काम को करवा दिया जाता है, आप सामने देख सकते हैं यह 5लाख रुपए की पुलिया है और इसमें कितना काम हुआ है, इसकी शिकायत हमने सीओ साहब को भी किया था मगर उसने कोई कार्यवाही नहीं हुई तब हमने 181 में भी शिकायत किया है तो सेक्टर प्रभारी के द्वारा जांच होना है मगर अभी तक जांच नहीं हुई है सारे काम घटिया है मैं चाहता हूं कि ईमानदारी से सभी कामों की जांच हो।

वहीं ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 13 के पंच राम टहल यादव ने बताया कि मैं निर्माण समिति का सदस्य भी हूं और तीन वर्ष तो बीत गए, यहां जो भी कार्य कराए जाते हैं उसमें न किसी पंच को न किसी निर्माण समिति के सदस्य को पूछा जाता है, कभी पंचायत में मीटिंग लगाई जाती है या कोई बैठक की जाती है तो हम पंचों को किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है, यहां सारे काम घटिया करवाए जाते हैं यह तालाब 14 लाख 80 हजार रुपए का आया है मगर इतना घटिया काम हुआ है कि जिसकी कोई सीमा ही नहीं है, मिट्टी खुदाई के दौरान जो पत्थर निकले उसी को पिचिंग में लगाया जा रहा है, इसका पेमेंट भी पूरा हो चुका है उसके चक्कर में कोई 181 में शिकायत करता था या कोई कहीं और शिकायत करता था तब बड़े मुश्किल से मजदूरों को उनका पेमेंट दिया गया है, हमारी जानकारी के हिसाब से बहुत ही घटिया काम करवाया गया है इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए, इस वर्ष की बारिश में ही यह फूट जाता लेकिन ओवरफ्लो इतना अधिक काट दिया गया कि इसमें पानी ही नहीं भर पाया, इस राशि का गबन कर लिया गया है और ठीक से कार्य नहीं कराया गया है।

वही इस मामले में जब सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ओहरिया से बात किया गया तो उन्होंने सभी सभी बातों को मुख्य मुद्दे से भटका कर अपनी सफाई देते हुए कहे कि आप जो बता रहे हैं तो वह तालाब पूरा हुआ या नहीं हुआ यह जांच का विषय है और यदि पूरा हो चुका है तो उसका इस्टीमेट कितने का था और उसके जो नॉर्म्स रखे गए थे उसके आधार पर काम हुआ या नहीं हम इसकी जांच करवा लेते हैं और जांच के आधार पर कार्रवाई करेंगे।

गौरतलब है कि जिले में जिस कदर भ्रष्टाचार मचा हुआ है कि जिले की जनता त्राहि त्राहि करने लगी है और अधिकारी आदर्शवादी बाते कर ईमानदारी का चोला ओढ़ कर फर्जी जानकारी ऊपर भेजने में व्यस्त हैं। आवश्यकता है जिले की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषी को दंडित करने की।

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

मानपुर विधानसभा क्षेत्र का मामला

पंचायत अभय सिंह ओहरिया

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