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नरसिंहपुर,एम.आई.एम.टी. कॉलेज में व्याख्यान आयोजित : लेखक का काम समाज को दर्पण दिखाना: प्रो. विकास शर्मा

Aditi News Team

Wed, Jan 21, 2026

लेखक का काम समाज को दर्पण दिखाना: प्रो. विकास शर्मा

एम.आई.एम.टी. कॉलेज में व्याख्यान आयोजित

नरसिंहपुर। एम.आई.एम.टी. काॅलेज नरसिंहपुर में आयोजित ‘मीट दी आॅथर प्रो. विकास शर्मा‘ कार्यक्रम का आयोजन देश के ख्याति लब्ध कवि एवं उपन्यासकार डाॅ. विकास शर्मा, प्रोफेसर अंग्रेजी विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ एवं जनरल सेक्रेटरी, दी एसोसिएशन फाॅर इंग्लिश स्टडीज आॅफ इंडिया के मुख्य आतिथ्य, प्रोफेसर डाॅ. स्वाती चांदोरकर, विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग प्रधानमंत्री काॅलेज आॅफ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानन्द शासकीय पी.जी. काॅलेज नरसिंहपुर की अध्यक्षता, डाॅ. अशोक कुमार गर्ग प्राचार्य एम.आई.एम.टी. काॅलेज नरसिंहपुर एवं उपप्राचार्य डाॅ. एस.एन. राव की उपस्थिति में किया गया। प्रो. विकास शर्मा ने छात्र-छात्राओं से रू-ब-रू होते हुए कहा कि परम्परा कोई बेड़ी नही होती और ना ही आधुनिकता कोई अनुमति पत्र होता है दोनों सहअस्तित्व में रह सकते है परन्तु यह तभी संभव हो सकता है जब चुनाव विवेकपूर्ण हो। लेखक का काम समाज को चापलूसी से बहलाना नहीं है, बल्कि उसको दर्पण दिखाना हैं। उन्होंने जेन-जी से कहा उन परंपराओं को त्यागें जो विकास में बाधक हो परन्तु उन परम्पराओं को संरक्षित कीजिए जो चरित्र को पोषित करती हो। लेखक का काम तानाशाहों व अधिनायकवादियों को रास्ता दिखाना हैं। प्रो. विकास शर्मा ने अपने उपन्यास आल आर फायर्स का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस उपन्यास में यदि जेन-जी की आलोचना की है तो उसकी आलोचना में भी प्रेम है। जेन-जी की मैं मूर्खता नहीं देखता बल्कि उन्हे अग्रदूत के रूप में देखता हूॅ। यही जेन-जी वो हैं जो हमें दिषा देगी परन्तु उन्होने चेतावनी दी कि वो प्रतिद्वंद भी देखे और समाज को भी समझे। सच्चा लेखक माता पिता के समान होता है जब बच्चा भटकता है तो माता पिता ताली नहीं बजाते बल्कि उसे डांटते भी है आगे उन्होंने कहा कि मैं जेन-जी में बेहतर भारत का भविष्य देखता हॅू, पर मुझे भय है कि उनका ध्यान भटक ना जाये। कार्यक्रम अध्यक्ष डाॅ. स्वाति चांदोरकर ने भारतीय ज्ञान परम्परा एवं नारी सशक्तिकरण के संदर्भ में प्रो. शर्मा के साहित्य की उपादेयता पर विस्तार से विश्लेषण किया। प्राचार्य डाॅ. अशोक कुमार गर्ग ने स्वागत भाषण में वर्तमान साहित्य एवं भारतीय ज्ञान परम्परा विषय पर अपने विचार प्रकट किए। अतिथियों का शैक्षणिक एवं साहित्यिक परिचय सहा. प्राध्यापक श्रीमती विजेता शर्मा तथा सुश्री दीक्षा केवट द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन कला एवं समाज कार्य विभागाध्यक्ष मेजर डाॅ. पराग नेमा एवं आभार सहा. प्राध्यापक सुश्री कृतिका झारिया द्वारा किया गया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन, सरस्वती पूजन एवं अतिथियों का स्वागत शाल श्रीफल से किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती अनीता रघुवंषी, सुश्री विजेता सिधना, प्रसून नेमा, श्रीमती आराधना दुबे, श्रीमती माधुरी पटवा, हेमराज सेन, मो. आषिक अली, सुयष फरसोईया, श्रीमती प्रावी सिंह पटेल, श्रीमती आकांक्षा नामदेव, श्रीमती रष्मि दुबे, सुश्री खुषबू निषा, सुश्री मानसी जैन, सुश्री दीक्षा तोमर, सुश्री षिवानी सिंह, सुश्री नंदनी विष्वकर्मा, सी पी गुप्ता, फूल सिंह धानक, कृष्णकांत जाटव एवं महेष पाठक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रहीं।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर,एम.आई.एम.टी. कॉलेज में

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