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कलेक्टर ने उद्यानिकी फसलों से आय बढ़ाने के बारे में अवगत कराया : प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय बायो-इनपुट संसाधन केंद्र प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ

Aditi News Team

Sat, Mar 14, 2026

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने उद्यानिकी फसलों से आय बढ़ाने के बारे में अवगत कराया

प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय बायो-इनपुट संसाधन केंद्र प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की मौजूदगी में चयनित किसानों के लिए बायो- इनपुट रिसोर्स सेंटर पर आधारित तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र नरसिंहपुर में क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र नागपुर के सहयोग से किया गया। यह प्रशिक्षण 11 मार्च से प्रारंभ किया गया था, जिसका शुक्रवार 13 मार्च को सम्पन्न हुआ। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण- पत्र वितरित किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल की अध्यक्षता में किया गया था। उन्होंने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया और इसके लाभों पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खाद के उपयोग तथा उद्यानिकी फसलों जैसे पपीता, अंगूर, आंवला, अमरूद एवं औषधीय फसलों जैसे चिया, अदरक, हल्दी और धनिया की खेती कर अधिक उत्पादन एवं आय बढ़ाने की संभावनाओं से अवगत कराया।

सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने जल संरक्षण के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को जैविक खेती के साथ-साथ जल प्रबंधन और वर्षा जल संचयन के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। डिप्टी कलेक्टर सुश्री शानू चौधरी ने प्राकृतिक खेती के सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष शर्मा ने प्रतिभागियों को केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया तथा चिया सीड की खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी दी। क्षेत्रीय संचालक डॉ. राजपूत ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न घटकों जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी तथा अन्य प्राकृतिक कृषि उत्पादों की जानकारी दी। इस प्रशिक्षण में 12 जिलों से आए 25 बीआरसी प्रशिक्षार्थी लाभान्वित हुए।

प्रशिक्षण में संयुक्त संचालक कृषि श्री केएस नेताम ने जैविक खेती एवं जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. निधि प्रजापति ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बीज प्रमाणन की प्रक्रिया की जानकारी दी तथा बीज प्रमाणन अधिकारी श्रीमती भारतीराज ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

सागर जिले से आए प्रगतिशील किसान श्री आकाश चौरेसिया ने बहु-मंजिला खेती का उदाहरण देते हुए प्राकृतिक खेती की उपयोगिता समझाई, जिससे लगभग 92 प्रतिशत पानी की बचत संभव है तथा खरपतवार और कीट नियंत्रण में भी मदद मिलती है। जिले प्रगतिशील किसान श्री कृष्णपाल सिंह लोधी ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले घटकों को बनाने की विधि बताई, जबकि किसान श्री अजय चौरेसिया ने जैविक खेती के अपने अनुभव साझा किए।

इस दौरान उप संचालक कृषि श्री मौरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा श्री आरपी झारिया, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष शर्मा, सहायक संचालक आत्मा श्रीमती शिल्पी नेमा, श्रीमती दीप्ति यादव, श्रीमती रजनी प्रभा कोरी सहित जिले के एटीएम और बीटीएम और बीआरसी

किसान मौजूद थे।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश

संयुक्त संचालक कृषि श्री केएस नेताम

उप संचालक कृषि श्री मौरिस नाथ

परियोजना संचालक आत्मा श्री आरपी झारिया,

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष शर्मा

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