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: मां लक्ष्मी की अद्भुत प्रतिमा पचमठा मंदिर जबलपुर: दिन में 3 बार बदलता रंग, तंत्र साधना का रहा केंद्र !!.सूर्य देवता की किरणें हर सुबह माँ लक्ष्मी के चरण करती स्पर्श.!!

Aditi News Team

Fri, Apr 25, 2025
रिपोर्टर पंकज पाराशर  मां लक्ष्मी की अद्भुत प्रतिमा पचमठा मंदिर जबलपुर: दिन में 3 बार बदलता रंग, तंत्र साधना का रहा केंद्र !!.सूर्य देवता की किरणें हर सुबह माँ लक्ष्मी के चरण करती स्पर्श.!! हमारे देश में धन की देवी माँ लक्ष्मी के कुछ ही मंदिर हैं लेकिन जो भी मंदिर हैं वह अपने आप में एक अद्भुत चमत्कार को समेटे हुए हैं। आज हम आपको मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित पचमठा मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां पर माँ लक्ष्मी की एक प्राचीन प्रतिमा स्थापित हैं जो दिन में तीन बार रंग बदलती हैं। इस मंदिर के बारे में कई विचित्र कथाएं भी प्रचलित हैं। इस मंदिर का निर्माण लगभग 1100 वर्ष पहले हुआ था। एक समय यह मंदिर तंत्र साधना का एक विख्यात केंद्र भी रहा हैं। लोगो का मानना हैं कि यहाँ विराजित माँ लक्ष्मी की प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही कई इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। माँ लक्ष्मी की प्रतिमा का तीन बार बदलता रंग पचमठा मंदिर कई मायनों में अहम माना गया हैं। यहाँ विराजित माँ लक्ष्मी की प्रतिमा वर्षो पुरानी हैं। इस मंदिर का निर्माण रानी दुर्गावती के विशेष सेवापति रहें दीवान अधार सिंह के नाम पर बने अधारताल तलाब में गोंडवाना शासन द्वारा करवाया गया था। बताया जाता हैं कि इस मंदिर में विराजित माँ लक्ष्मी की प्रतिमा काफी प्राचीन हैं जो दिन में तीन बार रंग बदलती हैं। प्रातः काल में सफेद, दोपहर में पीली और शाम को यह प्रतिमा नीली हो जाती हैं। अनूठी संरचना से बना हैं मंदिर पचमठा मंदिर को लेकर काफी कथाएं भी प्रचलित हैं। इस मंदिर का निर्माण 1100 वर्ष पहले करवाया गया था। यह मंदिर एक अनूठी सरंचना के तहत बना हैं। मंदिर के अंदरूनी भाग में लगे श्रीयंत्र की काफी चर्चा होती हैं। मंदिर की खास बात यह हैं कि इस मंदिर की संरचना इस प्रकार हैं कि आज भी सूर्य की पहली किरण माँ लक्ष्मी की प्रतिमा के चरणों में पड़ती हैं। लोग कहते हैं कि सूर्य देवता की किरणें हर सुबह माँ लक्ष्मी के चरण स्पर्श करती हैं। तंत्र साधना का रहा हैं विख्यात केंद्र माँ लक्ष्मी का यह मंदिर कई मायनों में अहम हैं। इसको लेकर कई मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। बताया जाता हैं कि एक जमाने में यह मंदिर तंत्र साधना का विख्यात केंद्र रहा हैं। एक समय में यहाँ काफी तंत्र साधनाएं होती थी। देश भर के तांत्रिकों का यहाँ अमावस की रात को आना जाना लगा रहता था। लेकिन अब यहाँ तंत्र साधनाएं नही होती हैं। मंदिर के चारों तरफ श्रीयंत्र की विशेष रचना हैं। जो तंत्र साधना होने का सबूत देती हैं। दर्शन मात्र से होती हैं हर इच्छा पूर्ण, शुक्रवार को लगती भीड़ जबलपुर का पचमठा मंदिर माँ लक्ष्मी की प्राचीन प्रतिमा के लिए जाना जाता हैं। मंदिर पर शुक्रवार को विशेष भीड़ रहती हैं। इस दिन भक्तों का तांता लगा रहता हैं। मंदिर के द्वार रात को छोड़ हर समय खुले रहते हैं। कहाँ जाता हैं कि दिन में तीन बार रंग बदलती इस प्रतिमा के कारण माँ लक्ष्मी के दर्शन मात्र से ही हर इच्छा पूर्ण हो जाती हैं। यहाँ देशभर से लाखो की संख्या में लोग रंग बदलती माँ लक्ष्मी की प्रतिमा के दर्शन हेतु आते हैं।

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