: मुर्गे- मुर्गियों की बीमारियों और बर्ड फ्लू से बचाव के संबंध में आम नागरिकों को सलाह
मुर्गे- मुर्गियों की बीमारियों और बर्ड फ्लू से बचाव के संबंध में आम नागरिकों को सलाह
नरसिंहपुर। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ. असगर खान ने मुर्गे- मुर्गियों की बीमरियों से बचाव के लिए और बर्ड फ्लू- एवियन इंफ्लूऐंजा से बचाव के संबंध में आम नागरिकों को सलाह दी है। उन्होंने मुर्गे- मुर्गियों की बीमारियों से बचाव के लिए दूरी बनाये रखने, साफ- सफाई रखने, पोल्टी फार्म में बीमारियों को प्रवेश करने से रोकने, पोल्ट्री फार्म से उपकरण उधार न लेने, संकेतों को जानने, बीमारी की सूचना और बर्ड फ्लू- एवियन इंफ्लूऐंजा से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी है।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ. खान उन्होंने बताया कि पक्षियों को बर्ड फ्लू एवं अन्य कई बीमारियां हो सकती हैं। ये बीमारियां एक पक्षी से दूसरे पक्षी में व दूषित पानी से अथवा प्रभावित पक्षी के मल-मूत्र पंखों आदि के जरिये पूरे झुंड को तेजी से प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने इसके बचाव के लिए विभिन्न तरीके अपनाने की अपील की है। पक्षियों को बाड़े में बंद रखिये, केवल पोल्ट्री फार्म की देखभाल करने वालों को ही पक्षियों के पास जाना चाहिये। अनावश्यक लोगों को बाड़े में प्रवेश नहीं करने दें और मुर्गे- मुर्गी को दूसरे पक्षियों/ पशुओं से नहीं मिलने दें। पक्षियों के बाड़ों को साफ- सुथरा रखें और पक्षियों का भोजन और पानी रोजाना बदलें। पोल्ट्री फार्म/ बाड़े को नियमित रूप से संक्रमण मुक्त करते रहें। उन्होंने बताया कि अपने आपको और बाजार से या अन्य फार्मों में अन्य पक्षियों के सम्पर्क में आने वाली हर चीज की साफ- सफाई रखें। नये पक्षी को कम से कम 30 दिन तक स्वस्थ पक्षियों से दूर रखें। बीमारी को फैलने से रोकने या बचाव के लिए पोल्ट्री के सम्पर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथ, कपड़ों और जूतों को धोयें तथा संक्रमण मुक्त करें। यदि आप अन्य फार्मों से उपकरणों, औजारों या पोल्ट्री को उधार लेते हैं, तो अपने स्वस्थ पक्षियों के सम्पर्क में आने से पहले भली-भांति उनकी सफाई करें और संक्रमण मुक्त करें। पक्षियों पर नजर रखें। यदि अधिक पक्षी मर रहे हैं, आंखों, गर्दन और सिर के आसपास सूजन है, रिसाव हो रहा है, पंखों कलगी या टांगों का रंग बदल रहा है और पक्षी अंडे कम देने लगे हैं, तो सब खतरे के संकेत हैं। पक्षियों में अचानक कमजोरी व पंख गिरने और हरकत कम होने पर नजर रखें। पक्षियों में असामान्य बीमारी अथवा मौत की सूचना तुरंत नजदीकी पशु उपचार केन्द्र को दें।
बर्ड फ्लू- एवियन इंफ्लूऐंजा से बचाव के संबंध में सावधानियां
बीमार मुर्गियों के सीधे सम्पर्क में न आयें। दस्ताने या किसी भी अन्य सुरक्षा साधन का इस्तेमाल करें। बीमार पक्षियों के पंख, श्लेषमा- म्यूकस और बीट को न छुयें। छुये जाने की स्थिति में साबुन से तुरंत अच्छे तरीके से अपने हाथों को धोयें। मुर्गियों को बाड़े में रखें। बीमारी अथवा मरे हुए पक्षियों की सूचना तुरंत पशु पालन विभाग की निकतम संस्था को दें। ऐसा करना आवश्यक है। चिकन एवं अंडे अच्छे से पकाकर उपयोग करें। बर्ड फ्लू रोग के संबंध में अनावश्यक भ्रांतियों व अफवाहों से सावधान रहें, जिससे जनसमुदाय में भय व्याप्त न हो। बर्ड फ्लू रोग के संबंध में सूचना प्रशासन के अधिकृत प्रवक्ता द्वारा दी जाती है।
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