: बरमान मेला घाट पर गंदगी का आलम जिला प्रशासन बड़े स्तर पर चलाए सफाई अभियान
Aditi News Team
Thu, Feb 20, 2025
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी
बरमान मेला घाट पर गंदगी का आलम
जिला प्रशासन बड़े स्तर पर चलाए सफाई अभियान
करेली। बरमान घाट में मकर संक्रांति का मेला नर्मदा जयंती तक लगता है इस दिन अनेक जिले के श्रद्धालु बरमान आते है। बरमान रेतघाट मेला स्थल पर नर्मदा जयंती के बाद व्यापक सफाई नहीं होने के कारण बेजा गन्दगी का आलम है जिसमें बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित रहने वाली पनी बहुतायत मिलेगी। जानकारी अनुसार सफाई का ठेका भी नर्मदा जयंती तक ही रहता है।
जनपद देखती हैं व्यवस्था
इस सम्बध में चावरपाठा जनपद सीईओ श्री गोस्वामी का कहना है कि सफाई निरन्तर चल रही है एक सप्ताह में पूरी सफाई हो जावेगी। माघ पूर्णिमा पर भी बड़ी संख्या में भक्त स्नान करने पहुंचेंगे।
ध्यान दे जिला प्रशासन
जिला प्रशासन की देखरेख में मेले का मुख्य आयोजन होता है ऐसे में जिला प्रशासन को समस्त व्यवस्थाओ को देखना चाहिए नर्मदा जयंती के दूसरे दिन से व्यापक पैमाने पर सफाई अभियान चलाना चाहिए जिससे गन्दगी ना हो। माँ नर्मदा के समक्ष श्रद्धालु पग-पग ब्रम्हांड़ घाट पहुंचे पडोसी जिले के कौने-कौने से पग-पग चलकर जाने वाले जत्थों का अनवरत क्रम जारी था जिस तरह भोर से ही बरमान के दोनो तट सहित लिंगा घाट, शगुन घाट बरिया घाट, खामघाट, रेवा नगर, धर्मपुरी में ही श्रद्धालु जुटे रहे। नर्मदा प्राकटोत्सव त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे दर्शन मात्र से मानव का कल्याण करने वाली माता नर्मदा के प्रति असीम श्रद्धा व्याप्त है। महापर्व श्री नर्मदा जयंती पर श्रद्धालुओं सुबह से ही आमगांव, मोहद, खमरिया, कनवास, बटेसरा, बंदेसुर, करेली, सिंगोटा, कामती, गोंगावली, नरसिंहपुर, सागर, देवरी, गौंरझामर, महाराजपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लाखों श्रृद्वालु विभिन्न वाहनो से पैदल एवं टोलियों के साथ दर्शनों के लिए निकल पड़े। मॉ नर्मदा का जयकारा करते हुये सैकड़ों टोलियां दीपदान करने शाम तक नर्मदा तट पर पहुंची जीवनदायिनी नर्मदा मैया मॉ नर्मदा के तट तक पहुंचे। अनेको जन स्वयं के वाहन व अन्य वाहनों द्वारा भी मां नर्मदा के दर्शन लाभ लेने बरमान घाट पहुंचे। करेली बरमान चौराहे से रेत घाट तक भीड़ का न टूटने वाला काफिला का मंजर रहा।
लाखों की संख्या में पहुंचे भक्त
नर्मदा जयंती के पावन पर्व पर वर्ष दर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ौत्तरी होती जा रही है। इस दिन अधिकतर श्रद्धालु पैदल ही नर्मदा तट तक जाते है। नगर से बरमान के रेत घाट तक पूरे दिन श्रद्धालुओं के आने-जाने वालांे की कतार लगी रही। इसकी मुख्य वजह लोगों में मां नर्मदा के प्रति असीम आस्था है। मां नर्मदा में श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा के चलते लाखों लोगोे ने मॉ के दर्शनों के लिए पद यात्रा की। खमरिया, करेली, नरसिंहपुर, सागर, देवरी, गौंरझामर, महाराजपुर, आमगांव बड़ा, शाहपुर, भौरझिर, बटेसरा आदि सहित ग्राम कौडिया से माँ नर्मदा मैया के लिये पैदल चुनरी यात्रा निकली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मॉ नर्मदा का जयकारा करते हुये सैकड़ों टोलियां दीपदान करने शाम तक नर्मदा तट पर पहुंची। करेली से लेकर बरमान तक भारी भीड़ रही दर्जनांे संगठनों के द्वारा पंडाल लगाकर भण्डारा किया गया। वहीं ग्रामीण अंचलांे के लोगांे ने भी जगह-जगह स्टाल लगाकर प्रसादी पूरे श्रद्धा भाव से पंडाल लगाकर विभिन्न प्रकार की प्रसादी के साथ पानी का वितरण किया।नर्मदा जयंती पर बरमान घाट, रामघाट, सतधारा घाट पर श्रद्वालुओं ने दीपदान किए। इस मौके पर हजारों श्रद्वालुओं ने पूरी श्रद्वा के साथ मां नर्मदा का पूजन अर्चन कर दीपदान कर अपने सुखी जीवन की कामना की। नर्मदा जयंती के अवसर पर सुबह से ही भक्तों का बरमान घाट पहुंचने का सिलसिला निरंतर चलता रहा। शाम के समय भक्तों ने दीपदान किए। दीपों से दोनों घाट झिलमिला उठे यह दृश्य इतना मोहक था कि इसे लोेग देखते रहे। लाखो दीपों से मां रेवा का तट जगमगा गया था।संसार में एकमात्र मां नर्मदा नदी ही है जिसकी परिक्रमा सिद्ध, नाग, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, मानव आदि करते हैं। माँ नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं का जत्था बरमान पहुंचता है इस शुभ अवसर पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन होता है उसके अवशिष्ट भी जहां तहां पड़े रहते है।
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