: गाडरवारा,माहेश्वरी समाज ने ऋषि पंचमी पर रक्षा बंधन मनाया
माहेश्वरी समाज ने ऋषि पंचमी पर रक्षा बंधन मनाया
गाडरवारा ।भारतीय जनजीवन में अनेक सांस्कृतिक सामाजिक और सांस्कृतिक लोकपरम्पराओ के संवर्धन की दिशा में अनेक पावन पर्व मनाये जाते हैं इसी श्रृंखला में माहेश्वरी समाज भगवान शिव के वंशज वंशोत्पत्ति से जुड़े और अपने गुरु ऋषियों के प्रति श्रृध्दा और समर्पित भाव से भादो माह शुक्ल पक्ष की पंचमी को श्रावणी पूर्णिमा के बजाय भाई बहिन को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया ।
इसके लिए मान्यता है कि जब माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई जब उनके जो गुरु थे उन्हें ऋषि कहा जाता था और उनके व्दारा विशेष रूप से इस दिन रक्षा सूत्र बांधा जाता था, इसी कारण इस दिन को "ऋषि पंचमी" कहा जाता है । रंग बिरंगे धागे, कुसुम मौली के स्थान पर राखियों का रूप ले लिया है ।विदित हो कि माहेश्वरी समाज पीढ़ी दर पीढ़ी इस पारम्परिक ऋषि पंचमी के पावन दिवस पर रक्षाबंधन मनाता आ रहा है ,उल्लेखनीय है कि भारत में ही नहीं विश्व मे माहेश्वरी समाज के लोग इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं ।दुखित घटनाक्रम और भौगोलिक कारणवश कुछेक परिवार इस दिन की अपेक्षा त्योहार को श्रावणी पूर्णिमा के दिन ही मनाते हैं ।
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