: हिंदी दिवस के संदर्भ में नेपाल में विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता आयोजित नेपाल, भारत, अमेरिका अफ्रीका से प्रतियोगी शामिल 250 कवि/ कवित्रियों का होगा सम्मान ,गाडरवारा के वरिष्ठ साहित्यकार सुशील शर्मा भी होंगे सम्मानित
हिंदी दिवस के संदर्भ में नेपाल में विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता आयोजित
नेपाल, भारत, अमेरिका अफ्रीका से प्रतियोगी शामिल 250 कवि/ कवित्रियों का होगा सम्मान ,गाडरवारा के वरिष्ठ साहित्यकार सुशील शर्मा भी होंगे सम्मानित
हरेक वर्ष की तरह इस वर्ष भी नेपाल के लुबिनी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। आगामी हिंदी दिवस 14 सितंबर के सन्दर्भ में विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्धन, हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार, नेपाल भारत बीच सामाजिक तथा सांस्कृतिक सम्बन्ध सुदृढ़ करने तथा देश विदेश की साहित्यिक प्रतिभाओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस कविता प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका तथा अफ्रीका से 6845 रचनाकारों ने सहभागिता जनाई है। भारत के 20 राज्यों से कवि/ कवयित्रियों की सहभागिता रही है। जिसमें से कविता की उत्कृष्टता के आधार पर 250 रचनाकारों का चयन किया गया है। इस कविता प्रतियोगिता में कुल 3461 महिला तथा 3384 पुरुष रचनाकारों की सहभागिता थी जिसमें से 128 महिला तथा 122 पुरुष रचनाकारों का चयन किया गया है। ये गर्व का विषय है कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश गाडरवारा से वरिष्ठ साहित्यकार सुशील शर्मा जो कि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य हैं को भी सम्मानित किया जा रहा है सभी चयनित प्रतिभाओं को हिंदी दिवस 14 सितंबर के अवसर पर प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर विश्व हिंदी रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु कहते है- हमारी प्रकृति से ईर्ष्या करने वालों की कमी नहीं है फिर भी हम स्नेह करने वाले रचनाकारों की बदौलत इस वर्ष भी सफल रहे हैं। इस वर्ष की विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता सफल रही है। सफलता का संपूर्ण श्रेय शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल से प्रेम और विश्वास करने वाले हजारों कवियों, लेखकों और साहित्यकारों को जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक महत्व का गौरवशाली 21वीं सदी की हिंदी कवयित्रियाँ ग्रन्थ प्रकाशन किया जा रहा है। भारत से बाहर हिंदी के प्रचार में लगनशील होकर कार्य करना निःसंदेह प्रशंसनीय है। शब्द प्रतिभा संस्था की बदौलत आज हजारों प्रतिभाओं को एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। इस अवसर पर सुशील शर्मा को सभी इष्ट मित्रों ने बधाई प्रेषित की है।
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