: नरसिंहपुर जिले में डायल 112 सेवा का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने 21 अत्याधुनिक 112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब पुलिस सहायता हेतु 100 के स्थान पर करना होगा 112 डायल।
नरसिंहपुर जिले में डायल 112 सेवा का शुभारंभ
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने 21 अत्याधुनिक 112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अब पुलिस सहायता हेतु 100 के स्थान पर करना होगा 112 डायल।
डायल 112 सेवा के तहत पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर, डॉ. ऋषिकेश मीना ने जिले को मिले 21 अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर थानों के लिए रवाना किया। इन वाहनों के माध्यम से आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक,डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा एफआरव्ही स्टाफ एवं पायलटों से मुलाकत कर कर्तव्य निर्वाहन संबंधी दिशा निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया, एसडीओपी, नरसिंहपुर, श्री मनोज गुप्ता, रक्षित निरीक्षक श्रीमति मनोरमा बघेल, निरीक्षक प्रमोद कश्यप (रेडियो शाखा), सूबेदार प्रियंक सराठिया, एमटीओ उनि हरिशंकर रैदास, उनि रिचा बरछैया, प्रधान आरक्षक अंशुल श्रीवास (रेडियो शाखा), सहित पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।
• सेवा का उद्देश्य तेज़, विश्वसनीय और एकीकृत प्रतिक्रिया प्रणाली सुनिश्चित करना है।
• डायल 112 सेवा से पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सहायता जैसी विभिन्न सेवाओं को एकीकृत किया गया है।
• प्रत्येक वाहन में जीपीएस सिस्टम, वायरलेस संचार और अन्य आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं ताकि रिस्पांस टाईम न्यूनतम रखा जा सके।
• "112" आपातकालीन नंबर से संपर्क करने के लिए नागरिक फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल, मोबाइल में उपलब्ध पैनिक बटन तथा '112 इंडिया' मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
• यह सेवा 24x7 (चौबीसों घंटे, सातों दिन) सक्रिय रहती है।
• सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध होने के कारण, यह नंबर पूरे देश के लिए एक सार्वभौमिक आपातकालीन संपर्क माध्यम बन गया है।
• "112" को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एकल आपातकालीन नंबर के रूप में अपनाया गया है, जिससे नागरिकों को अलग-अलग एजेंसियों के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं रहती।
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