: निमाड़ के त्यागी एवं प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा का निधन
निमाड़ छेत्र के प्रसिद्ध,सदगुरु,तपस्वी एवं मां नर्मदा के वरद पुत्र संत श्री सियाराम बाबा का देवलोक गमन,
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निमाड़ के सदगुरु परमहंस त्यागी एवं प्रसिद्ध संत श्री सियाराम बाबा का देवलोक गमन हो गया है। बुधवार (11 दिसंबर) सुबह 6.10 बजे उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सियाराम बाबा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सियाराम बाबा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शाम 4 बजे भट्यान तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मां नर्मदा जी के व हनुमान जी के थे परम भक्त
सियाराम बाबा खरगोन के नर्मदा नदी के घाट पर स्थित भट्याण आश्रम में रहते थे। वह हनुमान जी के परम भक्त थे। हमेशा रामचरिस मानस का पाठ किया करते थे। कहा जाता है कि सातवीं क्लास की शिक्षाके बाद किसी संत के संपर्क में आए। उसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया। फिर तपस्या के लिए हिमाचल चले गए ।
केवल 10 रुपये दान में लेते थे
कहा जाता है कि संत सियाराम बाबा दान में 10 रुपये ही लेते थे। बाबा ने समाज के लिए उद्धार के लिए कई काम किए। नर्मदा नदी की घाट के मरम्मत के लिए उन्होंने दो करोड़ 57 लाख रुपये दान किए थे।
जीवन में त्याग ऐसा की तन पर केवल लंगोट पहनते थे
कड़ाके की सर्दी हो या बारिश सियाराम बाबा के बारे में कहा जाता है कि वह एक लंगोट में रहते थे। ध्यान के दम पर उन्होंने अपने शरीर को मौसम के अनुकूल बना लिया था। वह अपना सारा काम खुद करते थे। संत सियाराम करीब 12 साल तक मौन व्रत में रहे।
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