: आदि गुरू शंकराचार्य जी की जयंती पर चांवरपाठा में व्याख्यान कार्यक्रम का हुआ आयोजन आदि गुरू शंकराचार्य जी के जीवन दर्शन व कृतित्व के बारे में कराया गया अवगत
आदि गुरू शंकराचार्य जी की जयंती पर चांवरपाठा में व्याख्यान कार्यक्रम का हुआ आयोजन
आदि गुरू शंकराचार्य जी के जीवन दर्शन व कृतित्व के बारे में कराया गया अवगत
अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पर उनके जीवन दर्शन एवं कृतित्व पर आधारित व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन मप्र जनअभियान परिषद विकासखंड चांवरपाठा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री रघुनाथ दास त्यागी जी महाराज बड़ाराम जानकी मंदिर बरमान ने कहा आदि गुरु शंकराचार्य युवा पीढ़ी के लिये सदैव प्रासंगिक रहेंगे। आदि गुरु शंकराचार्य आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व दक्षिण भारत की पावन धरा केरल प्रान्त के एक छोटे से गांव "कालड़ी" में पूर्णा नदी के तट पर जन्में। आदि जगद्गुरु शंकराचार्य के नाम से विश्व विश्रुत महापुरुष के सिद्धांत व उपदेश आज भी भारतवर्ष में उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तत्कालीन आर्यावर्त में स्वीकार्य और प्रासंगिक थे। उन्होंने कहा कि आदि जगद्गुरु शंकराचार्य जी के अनुसार राष्ट्रनिर्माण में एवं पारम्परिक जीवन मूल्यों के संरक्षण में प्रत्येक युग में युवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत सदस्य श्री धनंजय पटेल ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए आदि गुरु शंकराचार्य जी का दर्शन दिशा प्रबोधन करता है, जो अत्यंत प्रसांगिक है हम सभी को पूज्य संतो के बताए गए विचारों के साथ राष्ट्र के विकास को सर्वोपरि मानते हुए कार्य करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि श्री देवराज कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त किये। जिला समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य सनातन संस्कृति के पुनरुद्धारक थे। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए चार मठों की स्थापना की। उन्होंने बताया कि मप्र जनअभियान परिषद द्वारा प्रतिवर्ष देश के महापुरुषों की जयंती पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी कड़ी में यह व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री नीलेश पटेल, श्री भगवान उपाध्याय, पं. कम स्वरूप शर्मा, श्री बाबूलाल नोरिया, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के सदस्य, धार्मिक व अध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मेंटर्स प्रस्फुटन समितियों एवं सामाजिक कार्यकर्ता व नागरिक मौजूद थे। व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन व आभार विकासखंड समन्वयक श्री धर्मेंद्र चौहान ने किया।
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