: गोमाता में 33 कोटि देवता विराजमान होते है साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती
Aditi News Team
Tue, Aug 26, 2025
गोमाता में 33 कोटि देवता विराजमान होते है साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती
नावा(डीडवाना कुचामन)/26 अगस्त,राजस्थान के नवगठित डीडवाना कुचामन जिले की नावा तहसील के मिठडी ग्राम में स्थित श्री सत गोपाल गौशाला मिठडी में चल रही सप्त दिवसीय गौ कृपा कथा महोत्सव के प्रथम दिवस की गो कृपा कथा को संबोधित करते हुए 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी की कृपा पात्र शिष्या साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती ने कहा कि गोमाता में 33 कोटी देवी-देवताओं का निवास होता है। गौ माता की सेवा करने पर सभी का उद्धार होता है और जिस प्रकार सनातन धर्म में मंदिर की परिक्रमा का महत्व है ,उसी प्रकार भगवती गोमाता की परिक्रमा का महत्व है और कोई गर्भवती माताएं अपने गर्भावस्था काल में प्रतिदिन भगवती गोमाता की को सात परिक्रमा करें और रात्रि को गाय का दुध सेवन करें तो उसके उत्पन्न होने वाली संतान स्वस्थ,बुद्धिमान एवं मेधावी होती है क्योंकि गाय का दूध जल्दी पचता है व कई पौष्टिक चीजों से भरा रहता है।
साध्वी जी ने आगे बताया कि भगवान गणेश व गुरु गोरखनाथ जी का प्रकटीकरण भी गोमाता के गोबर से ही हुआ है साथ ही भूमि का मुख्य आहार भी गोबर ही है जिससे खेतों में यूरिया डीएपी की अधिकता होने से जो भूमि खराब हो रही है, वह बहुत ही चिंतनीय विषय है और धरती माता को बचाना है तो हमें गोमाता की शरण में जाना ही होगा ।
गौरतलब है कि विगत दिनों डीडवाना - कुचामन जिले के परबतसर मेले में लग रहे वीर तेजाजी पशु मेले में अवैध रूप में गोवंश के परिवहन के विरोध में साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती दीदी ने विरोध किया था और साध्वी जी को रात्रि 2 बजे तक थाने में बैठाए रखा था लेकिन गो सेविका साध्वी जी ने हिम्मत नहीं हारी और महान गो सेवक वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली क्षेत्र में भगवती गोमाता की महिमा जन जन तक पहुंचे इसी निमित्त वे गो कथा कर रही हैं ।
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