: पशु मेले की आड़ में गो तस्करी का खुला खेल, साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती
पशु मेले की आड़ में गो तस्करी का खुला खेल, साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती
परबतसर(नागौर)/14 अगस्त, एक और तो देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है वहीं वीर तेजाजी की पुण्य भूमि नागौर में पशु मेले की आड़ में गो तस्करी का खुला खेल चल रहम है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नागौर जिले के परबत सर क्षेत्र में देखने को विगत 13 अगस्त की रात्रि को देखने को मिला यानि एक और तो अभी अभी श्रावण महीना निकला ही है और सावन महीने में शिव जी के वाहन नंदी बाबा की खूब पूजा की,खूब कुमकुम चंदन चढ़ाया लेकिन वास्तविक नंदी को वध के लिए भेजने का बड़ा षड्यंत्र सामने आया है। राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर में वीर तेजाजी के नाम से जिन्होंने गाय माता के लिए अपने प्राण त्यागे उन्हीं का नाम रख करके वीर तेजाजी का नाम बदनाम करते हुए इन लोगों ने वीर तेजा पशु मेला नाम रखते हुए एक पशु मेला आयोजित किया जबकि पशु मेलों पर हाईकोर्ट के निर्देश अनुसार 2014 में ही प्रतिबंध लगा चुका है फिर भी इन्होंने अपनी मनमर्जी से मेला रखा, जिसमें अनेक अनियमितता देखने को मिली,जो निम्नानुसार है
(१) 3 साल से कम आयु के नंदी का परिवहन नहीं किया जा सकता है जबकि यहां 1.5/ 2 साल के नंदी का भी परिवहन किया है।
(२) किसी भी गोवंश के परिवहन के लिए राजस्थान गोवंश अधिनियम के तहत जो भी डॉक्यूमेंट चाहिए वह कागज उनके पास अपूर्ण है अर्थात पशुपालन विभाग ने परिवहन के लिए जो सर्टिफिकेट बनाएं वह वर्ष 2024 की पर्ची में बनाएं गए जबकि वर्तमान में 2025 चल रहा है साथ परिवहन के लिए न्यायालय ने जो शर्ते तय की हैं उनका पालन भी नहीं किया जा रहा है और वाहन के आकार एवं क्षमता से कई गुना अधिक गोवंश ले जाया जा रहा था और इसकी सूचना गोसेवकों को मिली और जब इसका संज्ञान लेने पहुंचे तो वहां के राजनेताओं और अधिकारियों ने जो तस्करों से सांठगांठ करके चलते हैं उन्हीं तथाकथित गो तस्करों ने
, कुल्हाड़ी एवं अन्य धारदार हथियारों से पुलिस की मौजूदगी में गोवंश को बचाने आएं गो भक्तों पर प्रहार कर दिया जिसके कारण कहीं गोभक्त लहूलुहान हुए और उन्हें
हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ा और उनमें से कईयों को अभी भी होश नहीं आया उल्टा पुलिस ने गो सेवकों ही हिरासत में लेकर लॉक अप में डाला दिया गया ।
जब ये बात धेनु शक्ति संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की सदस्या साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती दीदी को पता चली तो इस मामले का संज्ञान लेने, समझाइस करने और मामले को नीति पूर्वक निपटाने के लिए गयी तो इन्हीं पर भ्रष्ट राजनेताओं, अधिकारियों और गो तस्करों के दबाव में आकर के पुलिस ने साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती दीदी को हिरासत में ले लिया और रात को 1.30 से 02 बजे तक थाने में रखा और जो पुलिस जनता की रक्षा की बात करती है वहीं पुलिस गो रक्षकों को गुंडे की तरह धमकी देती है कि परबतसर में दिख गए तो हाथ पेर तोड़ देंगे जिस प्रकार का वातावरण बना हुआ है उससे लग रहा है कि शासन भारतीय गो वंश को समाप्त करना चाहती है
प्रशासन बार बार कह रहा है कि ये गो वंश किसान ले जा रहे हैं पर इससे पूर्व जो गो वंश नागौर मेले से गया उसकी हमने व्यक्तिगत रूप से पुलिस से सूची लेकर किसानों की जांच उनके गांव में जाकर की तो फर्जी निकले या तो वो लोग उन गांवों में नहीं थे या मर चुके थे
और प्रशासन यह के रहा है कि ये किसानों को दिए जा रहे हैं तो वर्तमान में झारखंड, पश्चिम बंगाल सीमा पर BSF से बांग्लादेश सीमा से तस्करी के लिए जा रहे 22000 बेलों को चाकूलिया गो शाला में पहुंचाया जिसमें अधिकाशं नागौरी बेल है तो वो कहा से आए?
आँखों में धूल पड़ी हैं सबके सब भ्रष्टाचार में लिप्त है, वोट बटोरने में लगे हुए है
और गो वंश का रक्षक इस वक़्त कोई नहीं है
राजस्थान के मुख्यमंत्री महोदय से विनम्रता पूर्वक निवेदन है कि राजस्थान में उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद भी जो अवैध मेलो के माध्यम से जो गो तस्करी हो रही है उस पर अंकुश लगाया जाए क्योंकि राष्ट्र विरोधी पार्टी के नेता भी गो तस्करों के साथ शामिल होकर...गो रक्षा की बात बात करने वाले गो भक्तों के खिलाफ एसा वातावरण बना रखा है कि वो किसानों का अहित चाहते है..
अरे भाई अगर सच में किसानों को बेल चाहिए तो हम देने को तैयार हैं इस समय हमारे पास 20000 कृषि योग्य बेल है जब हम निशुल्क देने को तैयार है, किसानों के घर तक पहुचाने के लिए तैयार है तो किसानों का पेसा क्यु लगा रहे हैं..
हम किसानों का अहित नहीं कर रहे हैं बल्कि गो हत्या के कुचक्र को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं साथ ही क्षेत्र वासियों एवं राज्य वासियों से निवेदन है आप इस विषय में संज्ञान लेकर गो तस्करों का खुलकर विरोध करें ताकि हम सब मिलकर भगवान शंकर के वाहन नन्दी को बचा सकें ।
Tags :