: कुंडलपुर में निर्यापक श्रमण श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस मनाया गया
Sun, Mar 31, 2024
कुंडलपुर में निर्यापक श्रमण श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस मनाया गयाकुंडलपुर दमोह ।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्यों के बीच पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस भव्यता के साथ मनाया गया ।इस अवसर पर पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज ने कहा आज जेष्ठश्रेष्ठ प्रथम मुनि श्री समयसागर जी महाराज का 45 वां मुनि दीक्षा दिवस है ।समय शब्द के बहुत अर्थ होते हैं। हम सब तो समय का ध्यान करने ही वाले हैं। समय का सदुपयोग करो गुरु मुख से कई बार सुना है ।अब हमें समझ में आ रहा है उनके कहे वाक्य का अर्थ ।पूज्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कई संस्मरण सुनाते हुए बताया गुरुदेव ने 10 निर्यापक मुनिराज को संघ की व्यवस्था करने की जवाबदारी दी है। जो सब मिलकर संघ को सुव्यवस्थित करेंगे। जेष्ठश्रेष्ठ प्रथम मुनिराज की मुनि दीक्षा आज ही के दिन द्रोणागिरी सिद्ध क्षेत्र पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के कर कमलों से हुई थी ।निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज ,मुनि श्री प्रवोध सागर जी महाराज ,मुनि श्री प्रशस्तसागर जी महाराज ,मुनि श्री निश्चय सागर जी महाराज, मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज, आर्यिकारत्न श्री चिंतनमति माताजी ने पूज्य निर्यापक श्रमण श्री समयसागर जी महाराज के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सभी मुनिराज ,आर्यिका माता जी के साथ बड़ी संख्या में श्रावक, श्राविकाओं की उपस्थिति रही।
: कुंडलपुर में मुनि संघो का निरंतर आगमन-- हुआ मंगल मिलन
Sat, Mar 30, 2024
कुंडलपुर में मुनि संघो का निरंतर आगमन-- हुआ मंगल मिलनकुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र जैन तीर्थ कुंडलपुर की पावन धरा पर मुनि संघो का निरंतर आगमन हो रहा है। शनिवार को संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अजितसागर जी महाराज ससंघ 5 मुनिराज, पूज्य मुनि श्री प्रयोगसागर जी महाराज ससंघ तीन मुनिराज, पूज्य मुनि श्री सौम्यसागर जी महाराज ससंघ 6 मुनिराज ,पूज्य मुनि श्री निर्दोष सागर जी मुनिराज ससंघ तीन मुनिराज का मंगल प्रवेश कुंडलपुर में हुआ ।इस अवसर पर कुंडलपुर में पूर्व से विराजित पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभयसागर जी महाराज, पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज ,मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराज, मुनि श्री चंद्रसागर जी महाराज, मुनि श्री आनंदसागर जी महाराज, मुनि श्री निर्णयसागर जी ससंघ, मुनि श्री विनम्र सागर जी ससंघ, मुनि श्री विशदसागर जी ससंघ, मुनि श्री विराट सागर जी ससंघ, आर्यिकारत्न श्री ऋजुमति माताजी ससंघ ,आर्यिकारत्न श्री चिंतनमति माताजी ससंघ, आर्यिकारत्न श्री सोम्यमति माताजी ससंघ आदि का मंगल मिलन हुआ ।इस अवसर पर कुंडलपुर में बड़ी संख्या में उपस्थित यात्रीगण, ब्रह्मचारी भैया जी ,दीदी जी, कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी पदाधिकारी सदस्य, महोत्सव समिति के संयोजक, सहसंयोजक ,प्रभारी सदस्य गण, कुंडलपुर जैन समाज आदि की उपस्थिति रही।
: सिरदर्द को 5 मिनट में ठीक करने वाली प्राकृतिक चिकित्सा...
Thu, Mar 28, 2024
सिरदर्द को 5 मिनट में ठीक करने वाली प्राकृतिक चिकित्सा...
नाक के दो हिस्से हैं दायाँ स्वर और बायां स्वर जिससे हम सांस लेते और छोड़ते हैं ,पर यह बिल्कुल अलग - अलग असर डालते हैं और आप फर्क महसूस कर सकते हैं। दाहिना नासिका छिद्र "सूर्य" और बायां नासिका छिद्र "चन्द्र" के लक्षण को दर्शाता है या प्रतिनिधित्व करता है। सरदर्द के दौरान, दाहिने नासिका छिद्र को बंद करें और बाएं से सांस लें और बस ! पांच मिनट में आपका सरदर्द "गायब" है ना आसान ?? और यकीन मानिए यह उतना ही प्रभावकारी भी है। अगर आप थकान महसूस कर रहे हैं तो बस इसका उल्टा करें...यानि बायीं नासिका छिद्र को बंद करें और दायें से सांस लें ,और बस ! थोड़ी ही देर में "तरोताजा" महसूस करें। दाहिना नासिका छिद्र "गर्म प्रकृति" रखता है और बायां "ठंडी प्रकृति"अधिकांश महिलाएं बाएं और पुरुष दाहिने नासिका छिद्र से सांस लेते हैं और तदनरूप क्रमशः ठन्डे और गर्म प्रकृति के होते हैं सूर्य और चन्द्रमा की तरह। प्रातः काल में उठते समय अगर आप बायीं नासिका छिद्र से सांस लेने में बेहतर महसूस कर रहे हैं तो आपको थकान जैसा महसूस होगा ,तो बस बायीं नासिका छिद्र को बंद करें, दायीं से सांस लेने का प्रयास करें और तरोताजा हो जाएँ। अगर आप प्रायः सरदर्द से परेशान रहते हैं तो इसे आजमायें ,दाहिने को बंद कर बायीं नासिका छिद्र से सांस लें बस इसे नियमित रूप से एक महिना करें और स्वास्थ्य लाभ लें। बस इन्हें आजमाइए और बिना दवाओं के स्वस्थ महसूस करें।