: मध्य प्रदेश के प्रमुख समाचार
Sat, Dec 10, 2022
शासकीय और निजी विश्वविद्यालय सामुदायिक सेवा के लिए हर वर्ष
5-5
गाँव गोद लें : राज्यपाल श्री पटेल
विश्वविद्यालय अधिनियमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुरूप संशोधन करें
राज्यपाल श्री पटेल ने समन्वय समिति की बैठक ली
नरसिंहपुर।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सभी निजी और शासकीय विश्वविद्यालय अधिक से अधिक रोजगारमूलक पाठ्यक्रम संचालित करें। पाठ्यक्रमों की उच्च गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में निजी कंपनी और उद्योगों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। कुलपति का नाम कुलगुरू किए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में समन्वय समिति की 100 वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि शासकीय और निजी विश्वविद्यालय हर वर्ष 5-5 गाँव गोद लेकर स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक सेवा के कार्यों का संचालन करें। राष्ट्रीय सेवा योजना और सामुदायिक सेवा के कार्यों के समान ही रेडक्रॉस सोसायटी के साथ समन्वय कर, मानवता की सेवा के कार्यों में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा युवाओं को जमीन से जुड़े रहते हुए अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनने का अवसर दिया है। नीति के प्रभावी और एकीकृत क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय अधिनियमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संशोधन का कार्य समय-सीमा में पूरा किया जाए। निजी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, कुलपति और गवर्निंग कॉउन्सिल में अधिकारियों के समय-सीमा में नामांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यक होने पर प्रक्रिया और नियमों में संशोधन किया जाए।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों का देश-दुनिया में नाम हो। सभी विश्वविद्यालयों की उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में पहचान बने। इसके लिए एकजुट और एकरूपता के साथ प्रयास किये जायें। निर्धारित कैलेंडर के अनुसार प्रवेश, परीक्षा और परिणाम घोषित हों।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय काम के आधार पर पहचान बनायें। विश्वविद्यालय क्षेत्रीय संसाधन और संभावनाओं से सम्बद्ध जैसे वनांचल में वन, दर्शनीय क्षेत्रों में पर्यटन संबंधी और औद्यौगिक क्षेत्र में उद्योगों के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करें। विश्वविद्यालय में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और बौद्धिक सम्पदा से समाज को परिचित कराये। अपने संसाधन और सुविधाओं के आधार पर गुणात्मक सुधार के प्रयास करें। इन्क्यूबेशन सेंटर, नेक ग्रेडिंग आदि की पहल करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए पाठ्यक्रम संशोधन आदि विभिन्न विषयों पर चर्चा और सेमीनार करें। उन्होंने बताया कि शोध ज्ञान फाउन्डेशन और प्रत्येक जिला मुख्यालय में स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना आदि के प्रयास किए गए हैं। सहायक कुल सचिव की नियुक्ति के लिए लोक सेवा आयोग से भर्ती की पहल की गई है। विवेकानंद कैरियर योजना के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार कुलपति की नियुक्ति संबंधी प्रावधान किये जाने का निर्णय लिया गया और आवश्यक होने पर विश्वविद्यालय के अधिनियमों में संशोधन किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालय में स्व-वित्तीय पाठ्यक्रम संचालित करने के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति में विचार किया जाये। बताया गया कि एकीकृत केन्द्रीय अध्ययन मंडल गठित कर स्नातक स्तर पर 84 विषय के पाठ्यक्रम विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित कर दिए गए हैं। शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए मध्यप्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और निजी अशासकीय महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए अकादमिक कैलेन्डर मार्गदर्शी सिद्धांत के साथ जारी किया गया है। शासकीय विश्वविद्यालयों ने बताया कि वर्ष 2021-22 की सभी परीक्षाएँ पूरी हो गई हैं। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा की पूरक परीक्षाएँ शीघ्र हो जाएंगी।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री शैलेन्द्र सिंह, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, वित्त आयुक्त श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री कर्मवीर शर्मा, प्रदेश के सभी शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान इंदौर में मालू परिवार के विवाह समारोह में शामिल हुए
वर-वधु को दिया आशीर्वाद
नरसिंहपुर।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर प्रवास के दौरान श्री गोविन्द मालू और विधायक मनासा श्री माधव मारू के परिवार में विवाह समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने वर-वधु को आशीर्वाद और शुभकामनाएँ दी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
नगरों के विकास की सम्पूर्ण रूपरेखा बन रही है
,
विकास पर
20
हजार करोड़ खर्च करेंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
नियम और प्रक्रिया जनता की सहूलियत के लिये है
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काम रोकने के लिये नहीं
खाद के वितरण के लिये अधिक केन्द्र बनाये जायें
पशुपतिनाथ मंदिर के पास भी बनेगा महाकाल लोक की तरह भव्य परिसर
1500
करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण किया
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण कर किया संवाद
मुख्यमंत्री श्री चौहान मंदसौर गौरव दिवस समारोह में हुए शामिल
नरसिंहपुर।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में ग्रामों की तरह नगरों के विकास की सम्पूर्ण रूपरेखा बन रही है। हाल ही में हुए पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन की तरह नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन किया जायेगा। प्रदेश के नगरों के विकास पर लगभग 20 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। सभी 413 नगरों में पुरानी अवैध कॉलोनियों को नाममात्र की राशि लेकर वैध किया जायेगा। मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना में पात्र व्यक्तियों को पट्टे दिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि नियम और प्रक्रिया जनता की सहूलियत के लिये है, काम रोकने के लिये नहीं। जनता के कार्य बिना किसी रुकावट के किये जायें। किसानों को खाद वितरण के लिये अधिक केन्द्र बनाये जायें। जो किसान डिफाल्टर हैं, उन्हें भी नगद राशि देने पर सोसायटी कार्यालय से खाद दिया जाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान मंदसौर गौरव दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर ही 1500 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर के विकास में अमूल्य योगदान देने वाली हस्तियों श्रीमती निर्मला कनोसिया, श्रीमती अनामिका जैन और डॉ. विजय शंकर मिश्र को शॉल-श्रीफल, स्मृति-चिन्ह और प्रशंसा-पत्र प्रदान कर "दशपुर रत्न'' से सम्मानित किया। इसके पूर्व उन्होंने तेलिया तालाब के पास मंदसौर के गौरव सम्राट यशोवर्धन की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वर्चुअल माध्यम से मोहना नगर परिषद की प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों श्रीमती मीना बाई, हनुमना के प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही श्री संगम लाल और बालाघाट के प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राही श्री अनिल कुमार से संवाद किया और शुभकामनाएँ दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सम्राट यशोवर्धन ने मंदसौर और मालवा के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है। वे वीर और पराक्रमी थे। उन्होंने विदेशी आक्रांता हूणों को परास्त किया था। उनके नाम पर मंदसौर गौरव दिवस मनाया जाना हम सबके लिये गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री महाकाल लोक उज्जैन की तरह ही पशुपतिनाथ मंदिर के पास भी भव्य परिसर विकसित किया जायेगा। श्री पशुपतिनाथ मंदिर के विकास में बाबू शिवदास अग्रवाल, प्रतीकानंद महाराज और मस्तराम महाराज का अमूल्य योगदान रहा है। मंदसौर में शिवना नदी के शुद्धिकरण पर 28 करोड़ 91 लाख रूपये व्यय किये जायेंगे। गाँधी सागर समूह जल-प्रदाय योजना से मंदसौर जिले के 629 गाँव और रतलाम जिले के 191 गाँव में पाइप लाइन से घर तक नल से जल पहुँचाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में मंदसौर जिले में विभिन्न योजनाओ के एक लाख 10 हजार हितग्राहियों का चयन किया गया है, जिन्हें स्वीकृति-पत्र शीघ्र ही वितरित किये जायेंगे। मंदसौर में 34 करोड़ रूपये की लागत से सीएम राइज स्कूल बनाया जा रहा है, जो निजी स्कूलों से बेहतर होगा। यहाँ विश्व स्तरीय शिक्षा दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में प्रारंभ की गई है। बारहवीं कक्षा में 75 प्रतिशत एवं अधिक अंक लाने वालों को लेपटॉप दिये जा रहे हैं। उच्च शिक्षा की फीस भी सरकार भर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को पर्यावरण बचाने, शुभ अवसरों पर पौधे लगाने, पानी बचाने, हर बच्चे को स्कूल भिजवाने और गाँव-शहर को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया।
सचमुच में अदभुत है मंदसौर
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंदसौर सचमुच अद्भुत नगर है। जहाँ एक ओर यहाँ भगवान पशुपति नाथ का मंदिर है, वहीं यह नगर सम्राट यशोवर्धन जैसे शूर और वीर के नाम से जाना जाता है। आज उनकी प्रतिमा का यहाँ लोकार्पण हुआ है। प्रतिमा निर्माण और स्थापना से जुड़े सभी लोगों को मैं बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदसौर के व्यंजन भी अपनी अलग पहचान रखते हैं। यहाँ का नमकीन, दाल बाटी, अफीम की भाजी, लहसुन की चटनी, गुप्ता जी की कचोरी, पोस्ता दाने का हलुआ, नलवाय का लच्छा पा, भजिये की दुकान और पाव बड़े काफी फेमस है। आज मैं अपने साथ यहाँ की कचोरी साथ ले जाऊँगा और हेलीकाप्टर में खाऊँगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर के गौरव दिवस पर दी अनेक सौगातें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा मंदसौर नगर पर केन्द्रित वर्ष 2023 का कैलेण्डर और दिव्य दशपुर एवं दशपुर जनपद संस्कृति पुस्तक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्व-सहायता समूह के उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों से चर्चा भी की।वाणिज्य कर, वित्त, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सकलेचा, जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। स्वागत भाषण नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर ने दिया और आभार प्रदर्शन जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पाटीदार ने किया।नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक निरंतर कार्य करते हैं। उन्हें इतना कार्य करने की शक्ति और प्रेरणा जनता के स्नेह और दुआओं से मिलती है। मंदसौर विधायक श्री यशपाल सिसोदिया ने मंदसौर जिले को एक साथ इतनी सौगातें देने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार माना। उन्होंने श्री महाकाल लोक की तरह ही श्री पशुपतिनाथ परिसर के विकास की माँग रखी।
मंदसौर गौरव दिवस पर निकला भव्य चल समारोह
मंदसौर गौरव दिवस पर नगर में विशाल और भव्य चल समारोह निकाला, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल शासकीय महाविद्यालय के खेल मैदान पहुँचा। चल समारोह में बड़ी संख्या में नगर के जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि सहित मीडिया प्रतिनिधि भी शामिल हुए। चल समारोह में यशोधर्मन राज दरबार की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। नासिक के ढोल, तासे, घोड़े एवं ऊँट ने चल समारोह की शोभा बढ़ायी। चल समारोह का जगह-जगज भव्य स्वागत भी किया गया।
शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जनता का संतोष हमारी प्राथमिकता- मुख्यमंत्री श्री चौहान
निर्माण-कार्यों की गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहना आवश्यकजन-प्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी मिलकर बनाएंगे हरदा को आदर्श जिलामुख्यमंत्री श्री चौहान ने की हरदा जिले की वर्चुअल समीक्षानरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का संचालन पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में किया जाए। निर्माण-कार्यों में गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। शासकीय गतिविधियों के क्रियान्वयन में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ जन-प्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभाएँ और जन-सामान्य से निरंतर संवाद में रहें। शासकीय कार्यों के प्रति जनता में संतोष का भाव सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान हरदा जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं, विकास गतिविधियों और कानून-व्यवस्था की निवास कार्यालय से वर्चुअली समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जल संसाधन तथा हरदा जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, सांसद श्री दुर्गादास उईके, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव, कलेक्टर हरदा तथा अन्य अधिकारी हरदा से वर्चुअली जुड़े।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हरदा जिले को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में आदर्श जिला बनाना है। जिले में शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जल ज्योर्तिर्मय शिविरों का आयोजन, साइबर सखी योजना, गोंडी एवं कोरकू में पाठ्यक्रम सामग्री विकसित करने, क्लस्टर क्रेडिट केम्प के नवाचार सराहनीय है। आँगनवाड़ियों का संचालन संतोषजनक है। अधिकारी-कर्मचारी तथा जन-प्रतिनिधि समन्वित रूप से प्रयास करते हुए जिले में ऐसी प्रक्रियाएँ स्थापित करें जिसका अन्य जिले भी अनुसरण करें।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन में संचालित गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। खोदी गई सड़कों के रि-स्टोरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा पानी की संतोषजनक आपूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिशन के कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि प्रधानमंत्री आवास योजना में आवासों का निर्माण समय पर हो और किश्त जारी करने में बेईमानी या भ्रष्टाचार न हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभागायुक्त नर्मदापुरम को हरदा जिले में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग की जाँच के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रतिमाह जिले में होने वाले रोजगार दिवस के लिए लक्ष्य तय कर बैंकों से समन्वय करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को स्व-रोजगार तथा रोजगार से जोड़ने के लिए कार्य-योजना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-सेवा अभियान, अमृत सरोवर योजना, राशन वितरण, आयुष्मान कार्ड, आँगनवाड़ियों का संचालन, पोषण आहार वितरण, सड़कों की स्थिति, विद्युत व्यवस्था, उर्वरक वितरण तथा सिंचाई व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विद्युत व्यवस्था तथा सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश भी दिए।जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन में 280 ग्रामों में योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 79 में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रधानमंत्री आवास (शहरी) में 9109 आवास के लक्ष्य के विरुद्ध 6 हजार आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। आवास प्लस में स्वीकृत 5632 आवासों में से 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कार्य में विलम्ब के कारण 5 कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर की गई है। मॉनिटरिंग के लिए जनपद में वार्ड वार जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमृत सरोवर योजना में 75 में से 36 सरोवर पूर्ण कर लिए गए हैं। सरोवर के सौंदर्यीकरण के साथ मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन को भी जोड़ा गया है। एक जिला-एक उत्पाद में बाँस उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए आईआईएम इन्दौर के विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। बताया गया कि नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्यवाही में एनडीपीएस के 28 प्रकरण दर्ज किए गए और 20 व्यक्तियों पर जिला बदर की कार्यवाही की गई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अवैध शराब और नशीले पदार्थों के विरूद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से म.प्र. प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारियों ने की भेंटनरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष श्री जी.पी. माली के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधियों ने भेंट कर राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग की मांगों पर सहृदयतापूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। संघ ने राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए सुझाव प्रस्तुत किए हैं। संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की पदस्थापना राज्य शासन स्तर से किए जाने, अपर कलेक्टर के पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पदस्थ करने आदि मांगों पर विचार करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में भेंट के दौरान संघ की प्रभारी महा सचिव सुश्री किरण गुप्ता, सर्वश्री संजय श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, श्री पी.सी. शाक्य, अरुण सिंह, आकाश श्रीवास्तव, क्षितिज शर्मा, जमील खान और कमल सोलंकी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया पौध-रोपण
शासकीय कन्या महाविद्यालय बालाघाट की छात्राओं ने भी लगाए पौधेनरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में अशोक, कचनार और हरसिंगार के पौधे लगाए। शैक्षणिक भ्रमण पर भोपाल आईं शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय बालाघाट की छात्राएँ भी पौध-रोपण में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ नेलोर शिक्षा समिति की सुश्री संगीता नेलोर, अभिलाषा यादव, वंदना तेलंग और उमा सोनी ने भी पौध-रोपण किया।समिति भोपाल में यशोदा वृद्धाश्रम संचालित करती है। जरूरमंद बच्चों को शिक्षा और अन्य गतिविधियों में सहायता, स्वच्छता तथा पर्यावरण-संरक्षण संबंधी गतिविधियों का संचालन भी किया जाता है। मुख्यमंत्री के साथ योग शिक्षक श्रीमती भाविशा सोलंकी ने भी पौधा लगाया। श्रीमती भाविशा की कोरोना काल में योग से निरोग कार्यक्रम संचालित करने और कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर भोपाल से कोरोना प्रभावित लोगों को योग अभ्यास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व. लक्ष्मण दास महाराज को दी श्रद्धांजलि
नरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर प्रवास पर श्रीराम मंदिर पंचकुईया आश्रम पहुँचे। उन्होंने महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास महाराज के देवलोकगमन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संत समाज और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि गत रविवार को आश्रम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री लक्ष्मण दास महाराज का देवलोकगमन हो गया था।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रख्यात रंगमंच निर्देशक श्री के.जी. त्रिवेदी के निधन पर दुख व्यक्त
नरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के प्रख्यात रंगमंच निर्देशक श्री के.जी. त्रिवेदी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री त्रिवेदी ने कला क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएँ दी। उनके अवसान से बच्चों को अभिनय की बारीकियाँ सिखाने वाले एक योग्य गुरू को हमने खो दिया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिजन को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।श्री के.जी. त्रिवेदी ने सामान्य प्रशासन और महिला-बाल विकास विभाग के लिए भी सार्थक विषयों पर केंद्रित नाट्य मंचन करवाए। जवाहर बाल भवन केन्द्र, तुलसी नगर के नाट्य प्रभाग के प्रमुख के नाते उन्होंने छात्र-छात्राओं को नाट्य कला में दक्ष किया। उन्होंने अखिल भारतीय शार्ट प्ले स्पर्धा में मध्यप्रदेश सिविल सेवा खेल बोर्ड के नाट्य दल के लिए विभिन्न अवसर पर निर्देशन का दायित्व संभाला। रंगमंच से जुड़ी कई नाट्य संस्थाओं के लिए उन्होंने लम्बे समय तक कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री माहेश्वरी के निधन पर शोक व्यक्त किया
नरसिंहपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश माध्यम से सेवानिवृत्त प्रबंधक श्री संजीव माहेश्वरी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे विनम्र और कर्मठ अधिकारी थे। उन्होंने स्व. श्री माहेश्वरी की आत्मा की शांति और उनके परिजन को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। श्री माहेश्वरी का बुधवार को इन्दौर में निधन हुआ।
दिव्यांग विद्यार्थी पोस्ट मैट्रिक एवं टॉप क्लास स्कॉलरशिप के लिए 31 दिसम्बर तक कर सकते हैं आवेदन
नरसिंहपुर।दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति के लिए छात्र 31 दिसबंर तक आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन संस्था स्तर पर ऑनलाइन 15 जनवरी 2023 तक किया जाएगा। प्रदेश में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थी, छात्रवृत्ति के लिये नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।छात्रवृत्तियों के लिए, सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए केन्द्र सरकार की वेबसाइट www.disabilityaffairs.gov.in, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल www.scholarships.gov.in एवं विभागीय वेबसाइट https://www.socialjustice.mp.gov.in/ पर देखा जा सकता है।
: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने किया "कृषि निवेश पोर्टल" बनाने का शुभारंभ
Tue, Dec 6, 2022
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ आज नई दिल्ली में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की सह-अध्यक्ष सुश्री मेलिंडा फ्रेंच गेट्स की बैठक हुई। इस दौरान श्री तोमर ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एकीकृत "कृषि निवेश पोर्टल" बनाए जाने का शुभारंभ किया। बैठक में श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला किसानों को और बढ़ावा देने पर सरकार का पूरा फोकस है।बैठक में श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनेक चुनौतियां हैं, जिनके समाधान के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कुशलतापूर्वक सतत् काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में छोटे किसानों की संख्या ज्यादा है, सरकार का मानना है कि इनकी ताकत बढ़ेगी तो कृषि क्षेत्र और उन्नत होगा व उत्पादन भी बढ़ेगा, इस दिशा में सरकार काम कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि भारत में कृषि क्षेत्र में सामान्यतः परंपरागत कृषि पद्धति चलती थी, अब वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कृषि क्षेत्र में निवेश की आवश्यकता है, जिसके मद्देनजर सरकार ने अनेक सुधार किए हैं, कृषि में टेक्नालाजी का समावेश किया है और पात्र किसानों को पारदर्शिता से पूरी सहायता मिलें, इस दृष्टि से देश में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन भी प्रारंभ किया गया है। श्री तोमर ने बताया कि कृषि में निवेश और बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए डेढ़ लाख करोड़ रु. से अधिक के विशेष पैकेजों का प्रावधान कर इन पर काम प्रारंभ किया है, जिनमें एक लाख करोड़ रु. का कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड भी शामिल है। इन पर अमल होने से भारतीय कृषि क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा।श्री तोमर ने कहा कि भारत में कृषि क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम कर रही है, जिनकी संख्या बढ़ाने एवं इनकी निरंतर प्रगति के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय भी महिला किसानों के सशक्तिकरण की योजना चला रहा है, जिसमें कृषि मंत्रालय मददगार हैं, वहीं कृषि मंत्रालय महिला किसानों के उत्थान के लिए अपने बजट का निश्चित हिस्सा खर्च करता है। श्री तोमर ने कहा कि "कृषि निवेश पोर्टल" कृषि क्षेत्र में निवेश की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा, जो कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा कार्यान्वित विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभ प्राप्त करने के लिए कृषि-निवेशकों हेतु केंद्रीकृत वन स्टॉप पोर्टल के रूप में बनाया जाना है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए यह पोर्टल दर्पण सिद्ध होगा, उन्हें इससे काफी सहायता मिलेगी। श्री तोमर ने गेट्स फाउंडेशन द्वारा भारत में विविध क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि फाउंडेशन द्वारा भारत में कृषि क्षेत्र में भी काम करना अच्छा अनुभव सिद्ध होगा। सुश्री मेलिंडा ने कहा कि कृषि मंत्रालय के साथ काम करके उन्हें खुशी होगी। वे चाहती है कि महिला किसानों का जुड़ाव ज्यादा से ज्यादा हों। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन कई देशों में काम कर रहा है और भारत में उन्हें अच्छा अनुभव हुआ है। सुश्री मेलिंडा ने भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने पर प्रसन्नता जताई व सदैव मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। बैठक में कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने भी विचार रखें। संयुक्त सचिव श्री प्रवीण सैमुअल ने प्रेजेन्टेशन दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्रालय के अन्य अधिकारी तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) एवं गेट्स फाउंडेशन के भारतीय कार्यालय के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने राजस्व आसूचना निदेशालय के 65वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया
Tue, Dec 6, 2022
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तत्वावधान में काम करने वाली शीर्ष तस्करी विरोधी खुफिया जांच एजेंसी, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने आज नई दिल्ली में अपना 65वां स्थापना दिवस मनाया।
समारोह की शुरुआत केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में उद्घाटन के साथ हुई। राजस्व सचिव, श्री संजय मल्होत्रा; केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष श्री विवेक जौहरी; राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के महानिदेशक श्री मोहन कुमार सिंह के साथ बोर्ड के अन्य सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे। इस समारोह में सीबीआईसी के पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों, डीआरआई के पूर्व महानिदेशकों सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया और डीआरआई, सीबीआईसी, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और भारत सरकार के अन्यअधिकारियों के सैकड़ों उपस्थित लोगों की भागीदारी के साथ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।केंद्रीय वित्त मंत्री ने "भारत में तस्करी (स्मगलिंग इन इंडिया) रिपोर्ट 2021-22" (
https://dri.nic.in/writereaddata/smuggling_in_india_report_2021_2022.pdf
) भी जारी की, जिसमें सोने की तस्करी, मादक औषधियों (नारकोटिक्स ड्रग्स) और (साइकोट्रोपिक पदार्थों, वन्यजीवों, वाणिज्यिक धोखाधड़ी और अंतर्राष्ट्रीय प्रवर्तन संचालन और सहयोग जैसे रुझानों का विश्लेषण किया गया है। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के महानिदेशक श्री मोहन कुमार सिंह श्री एम के सिंह ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और पिछले वित्तीय वर्ष में डीआरआई के प्रदर्शन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
श्रीमती सीतारमण ने राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) और उसके अधिकारियों को उनके प्रदर्शन और सराहनीय सेवा के लिए बधाई दी। वित्त मंत्री ने डीआरआई और उसके अधिकारियों की पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना की और कहा कि डीआरआई ने बेहतर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रत्येक वर्ष अपने प्रदर्शन के स्तर (बेंचमार्क) में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि डीआरआई के अनुकरणीय प्रदर्शन ने अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के लिए मानदंड को और ऊंचा कर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि वह भारत में विशेष रूप से दवाओं और सोने की तस्करी का पता लगाने की बारीकी से निगरानी कर रही हैं।श्रीमती सीतारमण ने डीआरआई की सराहना करते हुए कहा कि निदेशालय ने देश के 14 स्थलों में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान 44,000 किलोग्राम से अधिक मादक दवाओं को नष्ट कर दिया और कहा कि यह डीआरआई के प्रदर्शन और शमता ताकत का एक असाधारण प्रदर्शन है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अब उद्देश्य इन मामलों में मुख्य संचालकों और अपराधियों / वित्तपोषकों को गिरफ्तार करके औषधि और एनडीपीएस अधिनियम मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाना होना चाहिए। वित्त मंत्री ने सोने और एनडीपीएस की तस्करी के खतरे का मुकाबला करने के लिए तस्करों से आगे रहने के लिए प्रौद्योगिकी अपनाने, निश्चित तरीके से काम करने, डेटा विश्लेषण और उनकी कार्यप्रणाली को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शत्रुता रखने वाले तत्वों (एडवर्स प्लेयर्स) द्वारा डेटा की घुसपैठ को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर मुंबई संभागीय इकाई की उप–निदेशक सुश्री मिशाल क्वीनी डी'कोस्टा, और कोलकाता संभागीय इकाई के वरिष्ठ आसूचना अधिकारी श्री बिपुल बिस्वास को उनकी वीरता के अनुकरणीय कार्य के लिए 'वर्ष 2022 का राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) वीरता पुरस्कार' प्रदान किया गयाI
इस अवसर पर भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के 1964 बैच के अधिकारी श्री आर. गोपालनाथन को उनकी विशिष्ट और प्रतिबद्ध सेवा के लिए डीआरआई ' उत्कृष्ट सेवा सम्मान, 2022' से सम्मानित किया गया।इस समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। माननीय राज्य मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि डीआरआई ने आकार में छोटा होने के बावजूद स्वयं को एक बहुत प्रभावी प्रवर्तन एजेंसी के रूप में प्रतिष्ठित किया है। श्री चौधरी ने हाल के दिनों में स्वापक ओषधि और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस - एनडीपीएस की कुछ प्रमुख बरामदगी का भी उल्लेख किया और इन मामलों में डीआरआई की के पेशेवर रुख की सराहना की। माननीय राज्य मंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी और युवाओं पर इसके प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने एनडीपीएस के मामलों में शून्य – सहिष्णुता (नो टॉलरेंस) की नीति पर जोर दिया।राजस्व सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में राजस्व आसूचना महानिदेशालय (डीआरआई) को 65वें स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा कि इन 65 वर्षों के दौरान डीआरआई का बहुत लंबा और विशिष्ट रिकॉर्ड रहा हैI उन्होंने आने वाले वर्षों में चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए डीआरआई को शुभकामनाएं दी।स्थापना दिवस समारोह के बाद 8वीं क्षेत्रीय सीमा शुल्क प्रवर्तन बैठक (आरसीईएम) का भी आयोजन किया गया, जिससे कि सहयोगी सीमा शुल्क संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे विश्व सीमा शुल्क संगठन, ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) के साथ प्रभावी रूप से जुड़ सकें।इस उद्घाटन समारोह का समापन डीआरआई की दिल्ली संभागीय इकाई में प्रधान अपर महानिदेशक दिल्ली जोनल यूनिट श्री अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा 'धन्यवाद ज्ञापन' के साथ हुआ।