Wednesday 10th of June 2026

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नरसिंहपुर सुआतला थाना क्षेत्र के ग्राम केरपानी में बीती देर रात दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा एक वाहन पर तोड़फोड़ करने पर

विकास के नाम पर जनता के पैसों को कैसे ठिकाने लगाया जा रहा

ग्राम पंचायत बोदरी तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर का मामला जहां दबंगों ने की तानाशाही से ग्रामीण परेशान,

कलेक्टर ने हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभांवित करने और स्थानीय समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए

पूर्ण एकल नल-जल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएं- कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

: गाडरवारा ,राधा अष्टमी पर्व पर डॉ सुशील शर्मा द्वारा रचित श्री राधा वंदना

Aditi News Team

Sun, Sep 4, 2022
राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत का काव्य रूपांतरण मुनि गण वन्दित शोक निकन्दित। मुख मंदित मुस्कान प्रलंबित। भानु नंदनी कृष्ण संगनी। प्रभु मन बसती राजनंदनी। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ || 1 ||   वृक्ष वल्लरी मध्य विराजीं। मंदित मुख मुस्कान से साजीं। सुंदर पग कर कमल तुम्हारे। सुख ,यश ,धर्म ,दान के धारे। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ || 2 ||   श्री नंदन को बस में करके बाँकी भृकुटि में रस भरके सहज कटाक्ष की बर्षा करतीं। हे जगजननी दुःख को हरतीं। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ || 3 ||   चम्पा पुष्प दामनी दमके। दीप्तमान आभा सी चमके। शरदपूर्णिमा सी तुम उज्जवल। शिशु समान तुम नेहल कोमल। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ ||4||   चिर यौवन आनंद मगन तुम। प्रियतम की अनुराग अगन तुम। प्रेम विलास कृष्ण आराधन। रास प्रिया तुम अति मन भावन। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ ||5||   शृंगारों के भाव से भूषित। धीरज रुपी हार विभूषित। स्वर्ण कलश से अंगों वाली। मधुर पयोधर धर मतवाली। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ || 6 ||   कमलनाल बाहें अति सुन्दर। नीले चंचल नेत्र समंदर। सबके मन को हरने वाले। मुग्ध आप पर कान्हा काले। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ ||7 ||   स्वर्णमाल से कंठ सुशोभित। मंगलसूत्र कंठ में शोभित। रत्नों से आभूषित परिवेश। दिव्य पुष्प संग सजे हैं केश। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ ||8 ||   पुष्पमाल शोभित सुंदर कटि। मणिमय किंकण रत्नजटित नटि। स्वर्णफूल झंकार प्रलम्ब। स्वर्ण मेखलाकार नितम्ब। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता मैं मूरख खल कामी हूँ ||9||   नूपुर चरण वेद उच्चारित। मन्त्र सभी तुम पर आधारित। स्वर्णलता से अंग लहरते। नीलकांत तुम संग विचरते। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे। भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता। मैं मूरख खल कामी हूँ ||10 ||   पारवती लक्ष्मी से वन्दित। शारद इन्द्राणी से पूजित। चरण कमल नख ध्यान जो धारित। अष्टसिद्धि है उसको पारित। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे। भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता। मैं मूरख खल कामी हूँ ||11 ||   सब यज्ञों की आप स्वामिनी। स्वधा ,क्रिया सब देव दामनी। तीनों वेद आपको गाते। तीनों देव आपको ध्याते। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे। भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता। मैं मूरख खल कामी हूँ ||12 ||   यह स्तुति माँ आप हितार्थ। दया दृष्टि से माँ करो कृतार्थ। नाश करो संचित कर्मों को। प्रेरित हो मन सत्कर्मों को। चरणों में माँ पड़ा हूँ तेरे। भक्ति का अनुगामी हूँ। कृपा कटाक्ष करो हे माता। मैं मूरख खल कामी हूँ ||13 ||   शुक्ल पक्ष की अष्टमी ,बन राधा का भक्त। पाठ करे जो नर सदा ,राधा पग अनुरक्त।।14।।   अष्ट सिद्धि उसके मिले ,कृष्ण बने अनुकूल। राधा कृपा कटाक्ष से ,मिटते जीवन शूल।।15।।   माँ राधा के चरण में ,है अनुरक्त सुशील। अभयदान माता करो ,दिव्य लेखनी शील।।16।।   ।।आप सभी को राधाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।।

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