Wednesday 9th of September 2026

ब्रेकिंग

तस्करी में प्रयुक्त एक अल्टो कार भी जप्त।* • *जप्त शराब एवं वाहन की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹4.8 लाख।

दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई, 500 पेटी शराब बरामद

पढ़ाई से वंचित छात्रा ने राष्ट्रपति महोदया को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजकर इच्छा मृत्यु की लगाई गुहार

सांसद एवं विधायक ने मधुवन (मोतिया तालाब) बोहानी में लगाया पौधा

प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर,4 हजार 350 रुपये का जुर्माना वसूला

सीएमएचओ का गाडरवारा अस्पताल में औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर सख्त रुख : अनावश्यक सिजेरियन प्रसव पर नाराजगी, तीन चिकित्सकों व प्रभारी अधिकारी को नोटिस

Aditi News Team

Sun, Jul 19, 2026

सीएमएचओ का गाडरवारा अस्पताल में औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर सख्त रुख

अनावश्यक सिजेरियन प्रसव पर नाराजगी, तीन चिकित्सकों व प्रभारी अधिकारी को नोटिस

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने सिविल अस्पताल गाडरवारा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला एवं पुरुष वार्ड, लेबर रूम, ओपीडी तथा अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था का अवलोकन किया और भर्ती मरीजों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिलाओं की जांच एवं प्रसव व्यवस्थाओं की समीक्षा में यह सामने आया कि फरवरी 2026 से 16 जुलाई 2026 तक अस्पताल में 243 सिजेरियन प्रसव किए गए, जो निर्धारित मानकों की तुलना में अधिक पाए गए। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए डॉ. मिश्रा ने डॉ. अनामिका जैन, डॉ. क्षिप्रा कौरव एवं डॉ. शिवानी सिंह को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि सिजेरियन प्रसव केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर ही किया जाए तथा प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए पहले सुरक्षित सामान्य प्रसव को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकीय निर्णय मरीज के हित और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप ही लिए जाने चाहिए।

डॉ. मिश्रा ने कहा, “चिकित्सकों को भगवान का दर्जा दिया जाता है और मानव सेवा हमारा सर्वोच्च धर्म है। यदि किसी भी शासकीय स्वास्थ्य संस्था में अनावश्यक सिजेरियन, लापरवाही या नियमों के विपरीत कार्य पाए गए, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों द्वारा प्रसव अथवा अन्य सेवाओं के बदले धनराशि लेने की मौखिक शिकायत भी सामने आई। इस पर सीएमएचओ ने शिकायतकर्ताओं से लिखित शिकायत प्रस्तुत करने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा रात्रिकालीन ड्यूटी में महिला चिकित्सकों की तैनाती निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर प्रभारी अधिकारी डॉ. उपेन्द्र वास्तकार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि भविष्य में शासन के निर्धारित रोस्टर के अनुसार ही ड्यूटी लगाई जाए, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

सीएमएचओ ने कहा कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष कुमार मिश्रा

प्रभारी अधिकारी डॉ. उपेन्द्र वास्तकार

जरूरी खबरें