नरसिंहपुर में अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालय विभाग को लेकर सौंपा ज्ञापन : राजस्व मंत्री,प्रभारी मंत्री, पंचायत एवं श्रम मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Aditi News Team
Tue, Jun 2, 2026
नरसिंहपुर में अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालय विभाग को लेकर सौंपा ज्ञापन
यह ज्ञापन करणसिंह वर्मा राजस्व मंत्री,गोविंद सिंह राजपूत प्रभारी मंत्री, प्रहलाद पटेल श्रम मंत्री,नरसिंहपुर के नाम सौंपा गया है
जिला कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा ज्ञापन सौंपा गया जिसमें विभिन्न मांगे इस प्रकार है।
नरसिंहपुर मुख्यालय में राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा अधिवक्ताओं को विधि अनुसार सम्मान नहीं देने एवं उनसे अपमान जनक व्यवहार करने तथा राजस्व न्यायालयों में पेश मामलों को समय पर दर्ज व उनका निराकरण नही किया जा रहा है, सैकडों मामले आंनलाईन समय पर डिस्पोजल कर (ताकि पोर्टल पर लंबित न दिखे) उनको ऑफलाईन चलाया जा रहा है तथा शासन के निर्देशों व नियमों के विपरीत सैंकड़ों की संख्या में अपंजीबद्ध मामलों को निजी लाभ हेतु चलाया जा रहा है तथा प्रक्रिया के विपरीत मामलों को खारिज किया जा रहा है इस तरह अनेकों समस्याये है जिनको लेकर अधिवक्तागण जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मंत्री महोदय जी को इस आशय से प्रेषित किया जा रहा है कि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जावेगा, समस्याऐ बिंदूवार निम्न लिखित है-
1. नरसिंहपुर जिले में शीघ्र ही अपर कलेक्टर के पद पर अपर कलेक्टर की नियुक्ति की जावे क्योकि वर्तमान में जिला पंचायत सी.ओ. प्रभार पर है जो समय नही दे पाते है।
2. अपर कलेक्टर न्यायालय में न्यायालयीन कार्यवाहियों का समय एवं दिन निश्चित की जावे।
3.अपर कलेक्टर न्यायालय में वर्षों से जमे पुराने बाबुओं को तत्काल अलग किया जावे तथा उनके द्वारा जो फर्जी तरीके से मामलों का ऑनलाईन डिस्पोजल कर ऑफ लाईन मामलों में कार्यवाहिये लंबे समय तक की जा रही है उनकी सूक्ष्मता से जाँच कर बाबुओं पर कार्यवाही की जावे और लंबित मामलों को शीघ्र दर्ज कर निर्धारित समयावधि में निराकृत किया जावे।
4. अपर कलेक्टर एवं कलेक्टर से अधिवक्ताओं को मिलने हेतु सप्ताह में एक दिन व समय निर्धारित किया जावे।
5. तहसील न्यायालय को शीघ्र नरसिंह भवन में स्थापित कराया जावे।
6. मुख्याल तहसील नरसिहपुर की न्यायालय एवं नायब तहसीलदार की न्यायालय में सैकडों मामले अपंजीबद्ध विधि विरुध तरीके से चलाये जा रहे है उनको शीघ्र दर्ज कराकर उनका समयावधि में निराकृत कराया जावे।
7. आनलाईन नामांतरण में अप्रत्यक्ष रुप से आपत्ति लगा कर उन्हें निरस्त कराकर आफ लाईन नामांतरण के मामले चलाने पर दोषियों पर कार्यवाही की जावे।
8. न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान कलेक्टर, अपर कलेक्टर, तहसीलदार एव नायब तहसीलदार के द्वारा अधिबक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जावे व उनका कानूनी पक्ष सुना जाकर मामले का निराकरण किया जावे।
9. तहसीलदार एव नायब तहसीलदार की न्यायालय में मामलों की सुनबाई का दिन एवं समय निस्चित किया जावे व दर्ज मामलों की सूची चस्पा कर सूची अनुसार सुनवाई किया जावे ताकि अधिवक्ता अन्य मामलों में सुनबाई हेतु समय पर पहुँच सके।
10. निर्धारित समय पर अधिवक्ताओं को मामले की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जावे तथा तहसील कार्यालय में दलालों को घुसने से रोका जावे तथा वरिष्ठ तथा जिले के बाहर के अधिकारियों से अपर कलेक्टर न्यायालय एवं तहसीलदार व नायब तहसीलदार की सूक्ष्मता से तत्का से तत्काल जॉच कराई जावे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यदि 7 दिवस के अंदर बिंदूवार समस्याओं का समधान नही किया जाता तो वृहद स्तर पर अधिवक्तागण आंदोलन करेगें जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
जिला कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह
जिला पंचायत CEO श्री गजेन्द्र नागेश सिंह