: प्रवेश उत्सव को लेकर बनवारी जेएसके में मीटिंग संपन्न हुई
Fri, Jun 14, 2024
प्रवेश उत्सव को लेकर बनवारी जेएसके में मीटिंग संपन्न हुई गाडरवारा_ विगत दिवस बनवारी जन शिक्षा केंद्र में सभी प्रधान पाठकों की प्रवेश उत्सव को लेकर बैठक रखी गई जिसमें सभी को 18 जून को सभी शालाओ में प्रवेश उत्सव मनाने की बात कही गई जिसमें बीएसी योगेंद्र झारिया ने सभी विन्दुओ पर चर्चा की गई जिसमे वताया गया 18 जून को वच्चो के साथ प्रवेश उत्सव मे जनप्रतिनधियो को वुलाया जाना है 19 जून को एसएमसी की वैठक रखना है 20 जून को स्कूल चले अभियान के तहत भविष्य की भेंट का कार्यक्रम संपन्न करना है लगातार तीन दिवस यह कार्यक्रम कराये जाने है जेएसके प्रभारी आनंद चोकसे ने वताया सभी शिक्षको को अपनी शाला समय पर खोलना वंद करना है जनशिक्षक दीपक स्थापक ने भी आवश्यक निर्देश दिये गये संकुल समन्वयक साक्षरता सुरेन्द्र पटैल साक्षरता सर्वे के वारे मे वताया सभी नोडल अधिकारयो सर्वे करना है इस मोके पर शिक्षक सिराज अहमद सिद्दगी, प्रीतम रूसिया ,शील मेहरा ,क्रष्णकांत गूजर,गनेष शुक्ला और अन्य शिक्षक शिक्षिकाऐ उपस्थित रहे ।
: बोर्ड ने बकरीद को लेकर सभी राज्यों के मुख्य सचिव,
Fri, Jun 14, 2024
बोर्ड ने बकरीद को लेकर सभी राज्यों के मुख्य सचिव,
पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा नरसिंहपुर भारतीय पशु कल्याण बोर्ड,मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को। सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक बकरीद के अवसर पर गाय/बछड़े, ऊंट और अन्य जानवरों की अवैध हत्या/बलि को रोकने के संबंध में। बोर्ड के सचिव डाक्टर एस के दत्ता ने अपने लिखे गए पत्र में यह कहा गया है कि बकरीद त्योहार 17 जून, 2024 को पूरे देश में मनाया जाएगा। यह सच है कि बकरीद त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में जानवरों का वध किए जाने की संभावना होती है। बताया गया है कि पशुओं के परिवहन के दौरान पशुओं के मालिक. पशु कल्याण कानूनों का पालन नहीं करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप जानवरों के प्रति क्रूरता होती है और परिवहन के दौरान जानवर मर जाते हैं।जैसा कि आप जानते होंगे, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत किसी भी जानवर के साथ क्रूरता एक दंडनीय अपराध है। ऐसा उल्लंघन भारत के संविधान के अनुच्छेद 48, 48 ए और 51 ए जी की भावना के खिलाफ है।कृपया ध्यान दें कि पशु क्रूरता निवारण (वधगृह) नियम, 2001 के नियम 3 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति नगरपालिका क्षेत्र के भीतर किसी भी पशु का वध नहीं करेगा, सिवाय कानून के तहत अधिकार प्राप्त संबंधित प्राधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त या लाइसेंस प्राप्त बूचड़खाने के अलावा। ऐसा करने के लिए बाध्य होना। किसी ऐसे जानवर का वध नहीं किया जाएगा जो गर्भवती हो, या जिसकी संतान 3 महीने से कम की हो, या 3 महीने से कम उम्र की हो या जिसने पशु चिकित्सक द्वारा प्रमाणित न किया हो कि वह वध करने के लिए उपयुक्त स्थिति में है। वध का अर्थ है भोजन के उद्देश्य से किसी भी जानवर की हत्या करना, जब तक कि इस तरह के विनाश के साथ अनावश्यक दर्द या पीड़ा न हो। उक्त नियमों में प्रक्रियाएं शामिल हैं। जानवरों के मानवीय वध की प्रक्रियाएँ और ऐसे सभी जानवरों पर किए गए ऑपरेशन उन्हें वध के लिए तैयार करने का आदेश देते हैं।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने LrNo.1-988/FSSAI/आयात/2014 दिनांक 06.08.2014 के माध्यम से निर्देश जारी किया है कि "पशु" नीचे निर्दिष्ट किसी भी प्रजाति से संबंधित जानवर है : ओवाइन्स (11) कैप्राइन्स (आईटी) सुइलिन्स (IV) बोवाइन्स और इसमें मुर्गी और मछली शामिल हैं। इसने यह भी निर्देश दिया है कि खाद्य सुरक्षा के तहत ऊपर सूचीबद्ध प्रजातियों के अलावा किसी अन्य प्रजाति के जानवरों का वध करने की अनुमति नहीं है। और मानक अधिनियम. नियम औरनियमोंइसका प्रभावी अर्थ यह है कि भोजन के लिए ऊंटों का वध बिल्कुल नहीं किया जा सकता है।जहां भी गोहत्या निषेध अधिनियम लागू है, वहां गोहत्या की जा रही है lकानून का उल्लंघन होगा.भी गायों का एसी-01003/1/2024-एडब्ल्यूबीआई1/4672/2024 भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के कुछ निर्णय हैं lअनुलग्नक में उल्लिखित है।बेईमान लोग अवैध स्लैंगटर आईएम का कारोबार चला रहे हैं lपशु क्रूरता निवारण अधिनियम का उल्लंघन। 1960 और नियम बनाये गयेवहाँ के नीचे. इस तरह की गैरकानूनी प्रथा स्थानीय नगरपालिका अधिनियमों के भी खिलाफ है।नियमों और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लंघन lडब्ल्यू.पी.मैडी बनाम यूओएल एवं अन्य।बोर्ड ने एक सर्कुलर नंबर 9-2/2018-19/IC दिनांक भी जारी किया है l30.05.2022 को सभी राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रदेशों को एक अनुरोध के साथ संबोधित किया गया lबूचड़खानों और मांस के लिए विनियामक अनुपालन को लागू और प्रसारित करना lदुकानें. उसकी प्रति संलग्न है।यह जानकारी भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि,प्रदेश प्रेस संयोजक भागीरथ तिवारी ने देते हुए कहा कि आप सभी पशु प्रेमियों से अनुरोध है कि सभी संबंधित प्राधिकारियों को निर्देशित करने की कृपा करें l
: मुनिसुब्रतनाथ जिनालय पर कलशारोहण हुआ,कुंडलपुर कमेटी ने कुंडलपुर में चातुर्मास हेतु निवेदन किया
Fri, Jun 14, 2024
आचार्य भगवन कि यह कृति युगों युगों तक जैनत्व की गौरव गाथा गाएगी,मुनिश्री निष्पक्षसागर जी महाराज
मुनिसुब्रतनाथ जिनालय पर कलशारोहण हुआ,कुंडलपुर कमेटी ने कुंडलपुर में चातुर्मास हेतु निवेदन किया
कुंडलपुर दमोह ।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र जैन तीर्थ कुंडलपुर में जिन सूर्य संत शिरोमणि युग श्रेष्ठ आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के चतुर्विध संघ के मंगल सानिध्य में पूज्य बड़े बाबा जिनालय एवं सहस्त्रकूट जिनालय पर कलशारोहण एवं वेदी प्रतिष्ठा जिनबिम्ब स्थापना के पश्चात छह घरियां स्थित नवनिर्मित मुनि सुब्रतनाथ जिनालय में प्रतिमा स्थापना के साथ कलशारोहण एवं ध्वज दंड स्थापित किया गया। कलशारोहण कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्रीमंत संतोष सिंघई, रेशु सिंघई परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समय सागर जी महाराज की पूजन की गई। मुनिश्री के प्रवचन हुए ।मुनि संघ एवं आर्यिका संघ की आहारचर्या संपन्न हुई ।अनेक नगरों से श्रावक अपने-अपने नगर में मुनि संघ,आर्यिका संघ के चातुर्मास हेतु निवेदन करने बड़ी संख्या में आ रहे हैं। कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ने कुंडलपुर में आचार्य श्री का चातुर्मास हेतु निवेदन किया।इस अवसर पर मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा आज हम सभी कलशारोहण कार्यक्रम के पश्चात उपसंहार के रूप में उपस्थित हुए हैं ।बड़े बाबा का बड़ा कलशारोहण बड़े ठाट वाट से बड़े विशाल संघ के ससंघ सानिध्य में युग श्रेष्ठ आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में बड़े हर्ष उल्लास के साथ बड़े बाबा के जिनालय का कलशारोहण पूर्णता को प्राप्त हुआ। इस अभूतपूर्व अवसर पर हम सब देश की सारी जनता बड़े बाबा के और बड़े बाबा के ठीक सामने वह अद्भुत अद्वितीय जिनालय जिसमें 1008 जिनबिम्ब तीन दिनों में वेदी पर प्रतिष्ठित हुए। ऐसे विश्व महा महोत्सव में हमने आपने सबने अद्भुत अद्वितीय आनंद की अनुभूति की। आचार्य भगवन ने जो परिकल्पना की थी वह परिकल्पना कल साकार हुई। आचार्य भगवन की सोच आचार्य भगवन के विचार व आचार्य भगवन की यह कृति युगों युगों तक जैनत्व की गौरव गाथा को गाएगी। एक-एक जिनबिम्ब उनके दर्शन ऐसा आनंद आ रहा था ।अमरकंटक में दर्शन किए होंगे अपने जीवन में गुरु की कृपा से पहली बार एक साथ 1008 जिनबिम्ब के दर्शन किए ऐसी अनुभूति हो रही थी ऐसा आनंद आ रहा था ।आज जब मैं वहां दर्शन करने गया आज एक-एक वेदी पर एक-एक जिनबिम्ब स्थापित हो चुका है ।आचार्य भगवंत ने पंक्ति लिखी है जय जय जय जयवंत जिनालय ----कितनी सुंदर परिकल्पना आचार्य भगवन ने इन चार लाइनों में की। कैसे यह अद्भुत जिनालय ये जिनबिम्ब है हमारे दर्शन को पुष्ट करने वाले हैं।आत्मा के कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करने वाले हैं ।अभी दूसरा सहस्त्रकूट जिनालय पूर्णता को प्राप्त हुआ है ।आचार्य भगवन का इसके पहले का चातुर्मास सिरपुर में स्थापित किया था उस सिरपुर की परिकल्पना कैसी होगी आचार्य महाराज ने वहां की परिकल्पना की वह तो अद्वितीय है जब मैं ऊपर पहुंचा चारों दिशाओं में भगवान मुख करके बैठे हैं । वहां ऐसी अनुभूति हो रही थी मैं साक्षात तीर्थंकरों के समोशरण में आ गया हूं। समोशरण में चार दिशाओं में चार मान स्तंभ होते हैं और वही परिकल्पना आचार्य भगवन ने सिरपुर में प्रस्तावित की है। सिरपुर में बीच में भव्य समंतो भद्रजिनालय होगा ।चारों द्वार पर चार-चार ऐसे सहस्त्रकूट जिनालय की परिकल्पना आचार्य भगवन ने की है जो जैनत्व परंपरा को युगों युगों तक जीवंत रखेगी।