: कमिश्नर,डीआईजी अन्य प्रशासनिक अधिकारी कुंडलपुर पहुंचे
Thu, Mar 21, 2024
कमिश्नर,डीआईजी अन्य प्रशासनिक अधिकारी कुंडलपुर पहुंचेकुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महामहोत्सव कार्यक्रम व्यवस्था को लेकर सागर कमिश्नर वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी, एसडीएम राकेश मरकाम, एसडीओपी ,लोक निर्माण अधिकारी ,तहसीलदार मोहित जैन, थाना प्रभारी अमित मिश्रा के अलावा और भी अधिकारी गण के साथ कुंडलपुर कमेटी के पदाधिकारियों ने पूज्य बड़े बाबा के दर्शन किए, श्री फल अर्पित किया, छत्र चढ़ाया ,आरती की। कुंडलपुर कार्यालय में कार्यक्रम के संदर्भ में चर्चा कर समारोह स्थल का निरीक्षण किया इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ, कार्यक्रम संयोजक वीरेश सेठ, देवेन्द्र सेठ, इंजीनियर आरके जैन, ललित सराफ ,अमित त्यागीआदि पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।
: सालीचौका मैं 166 वे बलिदान दिवस पर वीरांगना अवंतीबाई लोधी का बलिदान दिवस मनाया गया
Thu, Mar 21, 2024
सालीचौका मैं 166 वे बलिदान दिवस पर वीरांगना अवंतीबाई लोधी बलिदान दिवस मनाया गयाआज 20 मार्च 2024 को वीरांगना रानी अवंति बाई लोधी चौराहा सालीचौका में वीरांगना अवंति बाई लोधी जी की पूजन अर्चन कर याद किया प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आप रामगढ़ (जनपद मंडला- मध्य प्रदेश) की रानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी ने सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों से खुलकर लोहा लिया था और अंत में भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी थी।वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को मनकेहणी के जमींदार राव जुझार सिंह के यहां हुआ था। 20 मार्च 1858 को इस वीरांगना ने रानी दुर्गावती का अनुकरण करते हुए युद्ध लड़ते हुए अपनई का अनुकरण करते हुए उनकी दासी ने तलवार भोंक कर अपना बलिदान दे दिया अवंतीबाई ने सुनहरे अक्षरों मे अपना नाम लिखा वीरांगना अवंतीबाई किसी जाति विशेष के उत्थान के नहीं लड़ी थीं बल्कि वो तो अंग्रेजों से अपने देश की स्वतंत्रता और हक के लिए लड़ी थीं।इस मौके पर विश्व हिन्दू महाशक्ति संघ प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक राजेश लोधी , रामनारायण बड़कुर , राजीव राय, लालचंद अटरोईया , गंगाराम वर्मा , लक्ष्मीकांत तिवारी, लक्ष्मन वर्मा,भरत पटैल मुन्ना लाल वर्मा , हाकम सिंह वर्मा रामकुमार बड़कुर , चंद्रप्रकाश वर्मा , रामेश्वर वर्मा , मुकेश नगपुरिया ,सुनील वर्मा, देवकरण वर्मा,हरीश वर्मा, शोभाराम बघेले , राधेश्याम वर्मा , लक्ष्मीनारायण वर्मा एडवोकेट ,वीरनलाला वर्मा शिक्षक, मनोज वर्मा शिक्षक,कौशल वर्मा शिक्षक , देवेन्द्र वर्मा , रामकृष्ण राजपूत , क्षेत्रिय जन उपस्थित रहे ।
: मुझे लिखना ही होगा (अतुकांतिका ,विश्व कविता दिवस पर)
Thu, Mar 21, 2024
मुझे लिखना ही होगा(अतुकांतिका ,विश्व कविता दिवस पर) हर कोई लिख रहा हैवही जो कहा जा चुका हैबोला जा चुका है ,लिखा जा चुका है। मैं कुछ ऐसा लिखना चाहता हूँजो इस पल तकलिखा न गया होजिसका भाव अनछुआ होजो कल्पनातीत होजिसे कोई भी भाषाकोई भी शब्दअर्थ न दे पाएँ होंजो आज तक प्रकृति केआयामों से बहुत दूर हैजिसका कोई व्याकरण न होकोई नाद कोई आवाज़ न हो। मैं लिखना चाहता हूँउस हँसी के भावजो गगन भेदती होउस चीख के अर्थजो मृत्युशिला से टकराकर लौटी होमैं उस ईश्वर को लिखना चाहता हूँजो आज तक अपरिभाषित है। हो सकता है इसमें सदियाँ लग जाएँया कितने ही जन्मपर मुझे ये लिखना हैलिखना ही होगा। सुशील शर्मा