: सिवनी जम्बो सीताफल" ब्रांड को देश-प्रदेश में लोकप्रिय बनाएँ
Sat, Nov 5, 2022
मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिवनी में "एक जिला-एक उत्पाद" के उत्पाद सीताफल का किया अवलोकन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी में ''एक जिला-एक उत्पाद'' कार्यक्रम अंतर्गत उत्पाद ''सिवनी जम्बो सीताफल'' का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान सीताफल के जम्बो आकार, विशिष्ट गुण तथा स्वाद आदि के संबंध में अवगत हुए।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने "सिवनी जम्बो सीताफल" को लोकप्रिय बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि "सिवनी जम्बो सीताफल" उत्पादक किसान और इसका प्र-संस्करण कर पल्प और अन्य उत्पाद बनाने वाली आजीविका मिशन की बहनों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रांड की बेहतर मार्केटिंग कर देश- प्रदेश में इसे लोकप्रिय बनाने के भी निर्देश दिये।सिवनी जिले में 656 हेक्टेयर क्षेत्र में 6500 मीट्रिक टन से अधिक सीताफल का उत्पादन होता है। सीताफल का वजन 600 से 700 ग्राम होने से इसका नाम ''सिवनी जम्बो सीताफल'' रखा गया है। अपने विशिष्ट आकार तथा स्वाद से इसकी देश-प्रदेश में अच्छी माँग है। इसे विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूह की सहभागिता से सीताफल की पल्प यूनिट प्रारंभ की गई है और एफपीओ का गठन किया गया है।सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन, विधायक सर्वश्री दिनेश राय और राकेश पाल मौजूद थे।
: सड़क क्रांति मध्यप्रदेश के महत्व और गौरव को बढ़ाएगी: मुख्यमंत्री श्री चौहान
Sat, Nov 5, 2022
केंद्रीय सड़क परिवहन और राज मार्ग मंत्री श्री नीतिन गड़करी 7 नवम्बर को करेंगे5315 करोड़ की 13 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पणमध्यप्रदेश का 543 कि.मी. क्षेत्र होगा लाभान्वितमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में विभिन्न सड़क निर्माण प्रकल्प तेजी से पूर्ण हो रहे हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से भिन्न-भिन्न योजनाओं में अनेक मार्ग स्वीकृत हुए हैं। अनेक पूर्ण हो चुके हैं। इससे प्रदेश का पर्यटन महत्व भी बढ़ रहा है। प्रदेश के अभ्यारणों और राष्ट्रीय उद्यानों के अलावा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से परिचित होने देश विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं। यह सड़क क्रांति मध्यप्रदेश के महत्व और गौरव को बढ़ाएगी। इस क्रम में सोमवार 7 नवम्बर 2022 को मण्डला और जबलपुर जिले में 5315 करोड़ रूपए की लागत से कुल 543 कि.मी. लम्बी 13 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक बैठक में सात नवम्बर के इन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जबलपुर और मण्डला में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी दोनों जिलों के कलेक्टर्स और विभागीय अधिकारियों से प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सड़कों के निर्माण से न सिर्फ पर्यटकों को लाभ हो रहा बल्कि स्थानीय ग्रामीण और शहरी आबादी बेहतर सड़कों से सीधे लाभान्वित हो रही है। आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश का एक बड़ा हिस्सा केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा किए जा रहे शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रमों से लाभान्वित होगा।महाकौशल अंचल में इन सड़कों का होना है लोकार्पण और शिलान्यासबैठक में बताया गया कि महाकौशल अंचल में जबलपुर सहित मण्डला डिण्डोरी और नरसिंहपुर जिले लाभान्वित हो रहे हैं। जबलपुर जिले में 8 सड़क परियोंजनाओं की शुरूआत हो रही है। इनमें कुल 3332 करोड़ रूपए की लागत की सात सड़कों की आधारशिला रखी जा रही है। इसके अलावा एक सड़क का लोकार्पण हो रहा है, जो एनएचएआई द्वारा नरसिंहपुर जिले में हिरन नदी से सिंदूर नदी के फौर लेन सड़क है, जिसकी लम्बाई 53 कि. मी. है। यह 722 करोड़ रूपए की लागत से बन कर पूरी हुई है। इस सड़क के लोकार्पण के साथ ही जिन सात सड़कों का शिलान्यास हो रहा है उनमें जबलपुर से कुण्डम लम्बाई 42 कि. मी. बरेला से मानेगांव लम्बाई 16 कि. मी., मानेगांव से राष्ट्रीय राजमार्ग 45 तक फोर लेन की सड़क लम्बाई 20 कि. मी., राष्ट्रीय राजमार्ग 45 से कुश्नेर लम्बाई 36 कि. मी., कुश्नेर से अमझर लम्बाई 23 कि. मी., कुण्डम से निवास सड़क उन्नयन लम्बाई 23 कि. मी. और एक कि. मी. लम्बाई का जबलपुर ऐलिवेटेड कॉरिडोर एक्सटेंशन भी शामिल है। मंडला जिले में 1261 करोड़ रुपए की लागत से 329 कि मी लम्बाई की पांच सड़कों के निर्माण की शुरूआत हो रही है। इनमें कुण्डम से शहपुरा 36 किमी, शहपुरा से डिण्डोरी 37 किमी, डिण्डोरी से सागरटोला 86 किमी, डिण्डोरी से मण्डला 101 किमी और समनापुर से बजाग तक मार्ग का उन्नयन शामिल है। बैठक में बताया गया कि इन सड़क परियोजनाओं के अमल से मार्गों का 2-लेन (पेव्हड शोल्डर सहित)उन्नयन कार्य हो रहा है। परियोजनाओं के अंतर्गत मेजर ब्रिज, माइनर ब्रिज और कल्वर्ट का निर्माण, रहवासी क्षेत्र में नाली निर्माण, बस-ले-बाय, ट्रक-ले-बाय तथा जंक्शन के उन्नयन का कार्य और रहवासी क्षेत्र में स्ट्रीट लाईटिंग का कार्य भी हो रहा है। परियोजना से सड़क सुरक्षा की दृष्टि से क्रेश बेरियर, रोड मार्किंग,साइनेज, बोर्ड एवं अन्य कार्य सम्पन्न होंगे।परियोजनाओं से होने वाले लाभ• सड़क के ज्यामितीय सुधार से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित होने के साथ- साथ यात्रा समय में कमी।
• पर्यटन एवं धार्मिक स्थल, विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट, अमरकंटक, कान्हा नेशनल पार्क जाने में सुविधा।
• परियोजना से छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश तक चावल एवं स्टील के ट्रकों का आवागमन सुगम तथा यात्रा समय में कमी से ईंधन की बचत।
• औद्योगिक विकास, कृषि एवं पर्यटन और रोजगार अवसरों को बढ़ावा।
: प्रदेश का खाद उर्वरक परिदृश्य
Sat, Nov 5, 2022
खाद और उर्वरक व्यवस्था को सुचारू बनाने करें तकनीक का पूरा उपयोग प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है , वितरण में असंतुलन न हो कंट्रोल रूम निरंतर कार्य करें, आंकड़े भी सामने लाए जाएं : मुख्यमंत्री श्री चौहान जिला स्तर पर कलेक्टर्स किसानों तक पहुंचाए सही जानकारी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खाद वितरण की समीक्षा की मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कहीं खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। भारत सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद और उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। यह जानकारी भी किसान तक पहुंचे। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चहिए। कंट्रोल रूम के माध्यम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी सिद्ध लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में 262 अतिरिक्त काउँटर प्रारंभ किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से खाद और उर्वरक का वितरित सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बोवनी कार्य की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके परिश्रम की कीमत मिलना चाहिए। विशेष रूप से मंडियों में आने वाले सब्जी उत्पादकों को बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने से बचाने पर भी ध्यान दिया जाए।मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शाम निवास में प्रदेश में खाद व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के. सी. गुप्ता, आयुक्त सहकारिता श्री संजय गुप्ता और प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा माह नवम्बर-2022 के लिए यूरिया का आवंटन सात लाख मे.टन (2.85 लाख मे.टन स्वदेशी एवं 4.15 लाख मे.टन आयातित) एवं डीएपी का आवंटन 1.94 लाख मे.टन ( 0. 20 लाख मे.टन स्वदेशी एवं 1.74 लाख मे.टन आयातित) दिया गया है। माह नवम्बर 2022 के लिए 4.15 लाख मे.टन आयातित यूरिया का आवंटन दिया गया है, जिसके विरूद्ध भारत सरकार द्वारा 60 हजार मे.टन का आवंटन दिया गया है। दिनांक 5 नवम्बर 2022 की स्थिति में यूरिया 1.20 लाख मे.टन ट्रांजिट सहित, डीएपी 0.83 लाख मे.टन ट्रांजिट सहित एवं एनपीके ट्रांजिट सहित 0.34 लाख मे.टन प्राप्त है। दिनांक 4 नवम्बर 2022 की स्थिति में यूरिया का स्टॉक 2. 23 लाख मे. टन, डीएपी का स्टॉक 1.52 लाख मे.टन एवं एनपीके का स्टॉक 1.14 लाख मे. टन है।बैठक में बताया गया कि गत वर्ष 30 नवम्बर, 2021 तक विक्रय मात्रा के अनुसार अनुमान के आधार पर दिनांक 4 नवम्बर 2022 तक यूरिया 32 जिलों में, डीएपी 41 जिलों में, एनपीके 34 जिलों में डीपएपी +एनपीके 42 जिलों में भण्डारण कर लिया गया है। विपणन संघ ने माह नवम्बर के लिए 175 यूरिया के रेक और 78 रेक डीएपी की मांग की, जिसके विरूद्ध एक नवम्बर से 4 नवम्बर 2022 तक 23 यूरिया की रेक ओर 15 डीएपी की रेक ट्रांजिट सहित मिल चुकी है। विपणन संघ के 240 डबल लॉक केंद्रों से नगद वितरण प्रारंभ हो चुका है। भीड़ वाले डबल केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। कुल 90 केंद्रों से विक्रय प्रारंभ है, शेष विक्रय केंद्र अगले दो दिन में 7 नवम्बर तक प्रारंभ हो जाएंगे।बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में मार्केटिंग समितियों के 105 विक्रय केंद्र प्रारंभ हैं। विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों से एक अक्टूबर से अभी तक 68 हजार मे. टन यूरिया और 61 हजार मे. टन डीएपी को बेचा जा चुका है। माह अक्टूबर-2022 का यूरिया का आवंटन 6 लाख मे. टन है, जिसके विरूद्ध 3.64 लाख मे.टन यूरिया ट्रांजिट सहित प्राप्त हुआ है और 2. 36 लाख मे. टन शीघ्र प्राप्त होने की आशा है। डीएपी का अक्टूबर 2022 के लिए आवंटन 4 लाख लाख मे. टन है, जिसके विरूद्ध 2. 65 लाख मे. टन ट्रांजिट सहित प्राप्त हुआ है। अक्टूबर, 2022 के कोटे की शेष यूरिया की मात्रा 2. 36 लाख मे. टन और डीएपी की शेष मात्रा 1.35 लाख मे. टन मिलाकर माह नवम्बर 2022 के लिए यूरिया का आवंटन 9 .36 लाख मे टन, डीएपी 3 .29 लाख मे. टन का संशोधित आवंटन आदेश माह नवम्बर 2022 के लिए जारी करने की कार्यवाही जा रही है। इसके साथ ही एडवांस प्लानिंग के अंतर्गत माह दिसम्बर के लिए यूरिया की मांग 5 लाख मे. टन, डीएपी 1. 25 लाख मे. टन, एनपीके 0. 30 लाख मे. टन का अनुमान लगाया गया है। इसकी व्यवस्था के लिए भी प्रयास अभी से किए जा रहे हैं।