: लोक सेवा केंद्र में प्याऊ शुरू
Mon, May 12, 2025
लोक सेवा केंद्र में प्याऊ शुरू होने से आमजनों को मिलेगा लाभ
वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया की जनहितेषी पहल
गाडरवारा। बीते सोमवार को स्थानीय लोकसेवा केंद्र में भीषण गर्मी के मौसम में आमजनों को राहत देने के उद्देश्य से नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया ने गुड़ चना युक्त प्याऊ शुरू किया। इस अवसर पर सर्वप्रथम अतिथियों ने माँ विजयासन एवं जल देवता वरुण का पूजन किया। इस दौरान कन्याओं के पैर धुलाकर एक वृद्ध माता को मच्छरदानी भेंट की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रोटरी क्लब से जुड़े मिनेन्द्र डागा ने कहा कि लोकसेवा केंद्र में प्रतिदिन नगरवासी एवं दूरदराज से अनेक ग्रामीण विभिन्न कार्यों हेतु आते है। आमजनों को भीषण गर्मी में शुद्ध ठंडा पेयजल मिले इसी बात को ध्यान में रखकर श्री बसेड़िया ने यहाँ प्याउ शुरू किया है जो कि आमजनों के हित में सराहनीय पहल है। इस अवसर पर श्री बसेडिया ने कहा की समाजसेवा ही मेरा हमेशा से ही प्रमुख उद्देश्य रहा है। लोक सेवा केंद्र में प्याऊ का शुभारम्भ इसी सेवा का एक हिस्सा है। कार्यक्रम में अरुण तिवारी, संजय राजोरिया,मनोज शर्मा, विनोद गुप्ता,लोक सेवा प्रबंधक नीरज कौरव, शिक्षक मधुसूदन पटेल, गायत्री परिवार से मूलचंद पटेल, राहुल राजपूत व सेवा प्रदाता संघ से गजेंद्र गिरी, संजय काबरा, नीतेश शर्मा, तनुश्री बसेड़िया उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि मुकेश बसेड़िया द्वारा विगत सतुवाई अमावस्या पर एक स्थान पर गुडचना युक्त प्याऊ तथा गाय माता के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर गाय जल पात्र रखे गए थे।
: बुद्ध पर दोहे
Mon, May 12, 2025
बुद्ध पर दोहे
शुद्धोधन के घर लिया, जन्म शाक्य कुल बुद्ध।
अल्प मातृ सुख ही मिला, जीवन राजस शुद्ध।नाम लुंबनी ग्राम का, गौतम उनका गौत्र।
सिद्धि प्राप्त जन्मे महा, शाक्य वंश के पौत्र।यशोधरा भामिनि प्रिया, राहुल शिशु नवजात।
जरा मरण दुख व्यथित मन, कष्ट भरी थी रात।पल छिन में त्यागा त्वरित, राजपाठ का मोह।
दिव्य ज्ञान की खोज में, घर परिवार विछोह।देवदत्त के तीर से, घायल था जब हंस।
प्राणदान उसको दिया, कर कर्तव्य प्रशंस।अनगिन जप तप लीन थे, नित आहार निरोध।
वैशाखी की पूर्णिमा, पाया सच्चा बोध।धम्म धर्म निर्माण कर, सिद्ध साध्य परिवेश।
सारनाथ में बैठ कर, दिया प्रथम उपदेश।अष्टांगिक के मार्ग का, लिया सत्य संकल्प।
पंचशील सिद्धांत में, बोधिसत्व परिकल्प।हिरणवती का शालवन, कुशीनगर की गोद।
महामोक्ष धारण किया, परिनिर्वाण प्रमोदभटके तब सिद्धार्थ थे, बैठ गए तो बुद्ध।
ख़ुद से ख़ुद लड़ते रहे, यह निर्णायक युद्ध।✒️सुशील शर्मा✒️
: पवित्र नगरी बरमान के तीर्थ क्षेत्र में तीन गौ वंशों के साथ साथ गौ माता का इलाज करवाया गया
Sun, May 11, 2025
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी
पवित्र नगरी बरमान के तीर्थ क्षेत्र में तीन गौ वंशों के साथ साथ गौ माता का इलाज करवाया गया
नरसिंहपुर ।वर्तमान समय में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए हिंदू धर्म के धर्माचार्य के साथ-साथ अन्य धार्मिक संगठन प्रयास रत है पर देखने में आ रहा है कि हिंदू धर्म को मानने वाले गौ माता की जय तो करते हैं पर यह सब दिखावे के लिए होता है l जब जब गौ माता दुर्घटना ग्रस्त गंभीर रूप से घायल होती है l और अपना समय पर इलाज करवाने के लिए बेसहारा विचरण करती रहती है l पर इसका इलाज करने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाता है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है कि नर्मदा नदी के किनारे सीढ़ी घाट के पास पावन नगरी बरमान में मुख्यमंत्री गौ सदन योजना के तहत गौ शाला में गौ माता की देख रेख के लिए सही तरीके से इलाज हो इसके लिए गौशालाओं का खोला गया है पर देखने में आ रहा है कि पशुपालकों के द्वारा घर में गौ माता का उपयोग करने के बाद और जब इनका उपयोग खत्म हो जाता है तो यह दूध देना बंद कर दिया जाता है l जिससे यह विचरण के लिए बेसहारा घूमने के लिए खुला छोड़ देने के बाद दुर्घटनाग्रस्त होती रहती है और कभी-कभी तो है मरणासन्न स्थिति में पहुंच जाती है l उसका इलाज और पाउडर इंजेक्शन लगवा कर गोवंशों की ठीक से इलाज करवा कर जब एंबुलेंस में सेवारत पशुओं का इलाज करने के लिए कर्मचारियों ने और गोवंशों के इलाज करने के नाम पर रुपए की मांग की तो बेसहारा गोवंशों के इलाज करने पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता और अपने शुल्क इलाज की बात निफ़्टी डायरेक्टर डॉक्टर असगर खान ने बताया कि बेसहारा का इलाज के नाम पर 1962 एंबुलेंस के कर्मचारी के द्वारा कोई रुपया नहीं लिया जाता है और यह इलाज निशुल्क करते हैं 1962 के एंबुलेंस के कर्मचारी आयोजन गौ माता एवं वंशिका इलाज करने के लिए जी कहां की उनकी जांच एवं कार्रवाई होना चाहिए दुर्घटना ग्रस्त बीमारी की अवस्था में इलाज न होने से मरणासन्न की स्थिति पहुंच जाती है ऐसा ही वर्तमान में तीन गोवंश लगभग 2 से 3 वर्ष बताई जा रही थी और गोवंशों के दाहिने कान में गंभीर चोट लगने से कीड़े पड़ जाने से इनका इलाज में सही तरीके से हो वैसे तो अभय वाणी के संपादक अभय हिंदुस्तानी, बरमान के पत्रकार सुभाष तेनगुरिया,समर्थ सहारा के पत्रकार जितेंद्र दुबे , अतुल नेमा ने देखा कि इन तीन गौ वंशों के कान में बड़ी संख्या में कीड़े पड़ने से उनका इलाज अवश्य होना चाहिए l तभी इन्होंने 1962 एंबुलेंस को सूचना दी और भारतीय जीव जंतु कल्याण से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि , जीसीसी आई के प्रदेश प्रेस संयोजक मीडिया प्रभारी भागीरथ तिवारी को मोबाइल से सूचना मिलने पर 1962 की एंबुलेंस में कार्यरत कर्मचारियों के माध्यम से इसका इलाज करवाने के लिए डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर असगर खान से बात की और इसका इलाज होने पर तीनों गोवंश होने पर सुरक्षित हैं l