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: पवित्र नगरी बरमान के तीर्थ क्षेत्र में तीन गौ वंशों के साथ साथ गौ माता का इलाज करवाया गया 

Aditi News Team

Sun, May 11, 2025
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी  पवित्र नगरी बरमान के तीर्थ क्षेत्र में तीन गौ वंशों के साथ साथ गौ माता का इलाज करवाया गया नरसिंहपुर ।वर्तमान समय में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए हिंदू धर्म के धर्माचार्य के साथ-साथ अन्य धार्मिक संगठन प्रयास रत है पर देखने में आ रहा है कि हिंदू धर्म को मानने वाले गौ माता की जय तो करते हैं पर यह सब दिखावे के लिए होता है l जब जब गौ माता दुर्घटना ग्रस्त गंभीर रूप से घायल होती है l और अपना समय पर इलाज करवाने के लिए बेसहारा विचरण करती रहती है l पर इसका इलाज करने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाता है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है कि नर्मदा नदी के किनारे सीढ़ी घाट के पास पावन नगरी बरमान में मुख्यमंत्री गौ सदन योजना के तहत गौ शाला में गौ माता की देख रेख के लिए सही तरीके से इलाज हो इसके लिए गौशालाओं का खोला गया है पर देखने में आ रहा है कि पशुपालकों के द्वारा घर में गौ माता का उपयोग करने के बाद और जब इनका उपयोग खत्म हो जाता है तो यह दूध देना बंद कर दिया जाता है l जिससे यह विचरण के लिए बेसहारा घूमने के लिए खुला छोड़ देने के बाद दुर्घटनाग्रस्त होती रहती है और कभी-कभी तो है मरणासन्न स्थिति में पहुंच जाती है l उसका इलाज और पाउडर इंजेक्शन लगवा कर गोवंशों की ठीक से इलाज करवा कर जब एंबुलेंस में सेवारत पशुओं का इलाज करने के लिए कर्मचारियों ने और गोवंशों के इलाज करने के नाम पर रुपए की मांग की तो बेसहारा गोवंशों के इलाज करने पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता और अपने शुल्क इलाज की बात निफ़्टी डायरेक्टर डॉक्टर असगर खान ने बताया कि बेसहारा का इलाज के नाम पर 1962 एंबुलेंस के कर्मचारी के द्वारा कोई रुपया नहीं लिया जाता है और यह इलाज निशुल्क करते हैं 1962 के एंबुलेंस के कर्मचारी आयोजन गौ माता एवं वंशिका इलाज करने के लिए जी कहां की उनकी जांच एवं कार्रवाई होना चाहिए दुर्घटना ग्रस्त बीमारी की अवस्था में इलाज न होने से मरणासन्न की स्थिति पहुंच जाती है ऐसा ही वर्तमान में तीन गोवंश लगभग 2 से 3 वर्ष बताई जा रही थी और गोवंशों के दाहिने कान में गंभीर चोट लगने से कीड़े पड़ जाने से इनका इलाज में सही तरीके से हो वैसे तो अभय वाणी के संपादक अभय हिंदुस्तानी, बरमान के पत्रकार सुभाष तेनगुरिया,समर्थ सहारा के पत्रकार जितेंद्र दुबे , अतुल नेमा ने देखा कि इन तीन गौ वंशों के कान में बड़ी संख्या में कीड़े पड़ने से उनका इलाज अवश्य होना चाहिए l तभी इन्होंने 1962 एंबुलेंस को सूचना दी और भारतीय जीव जंतु कल्याण से नियुक्त मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि , जीसीसी आई के प्रदेश प्रेस संयोजक मीडिया प्रभारी भागीरथ तिवारी को मोबाइल से सूचना मिलने पर 1962 की एंबुलेंस में कार्यरत कर्मचारियों के माध्यम से इसका इलाज करवाने के लिए डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर असगर खान से बात की और इसका इलाज होने पर तीनों गोवंश होने पर सुरक्षित हैं l

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