: कुण्डलियाँ छंद मकर संक्रांति पर पंडित सुशील शर्मा की कलम से
Aditi News Team
Sat, Jan 14, 2023
**मकर संक्रांति की आत्मीय शुभकामनाएँ*
कुण्डलियाँ छंद
मकर संक्रांति
1
पोंगल बीहू लोहड़ी ,मकर राशि आदित्य।
बिखरा है हर ओर अब ,मौसम का लालित्य।।
मौसम का लालित्य,सूर्य अब उत्तरगामी।
मन है उड़ी पतंग ,डोर प्रभु ने है थामी।
करे रक्ष्य चहुँ ओर,नर्मदा माँ का आँचल।
मधुर पर्व संक्रांति ,लोहड़ी बीहू पोंगल।
2
पावन दिन संक्रांति का ,अयन बदलते सूर्य।
मकर राशि दिनमणि गमन ,बाजे हर दिशि तूर्य।
बाजे हर दिशि तूर्य ,सुहाना आया मौसम।
नभ में उड़ीं पतंग ,नहाते सब जन संगम।
रवि को देकर अर्घ्य ,धर्ममय मन संयोजन।
करें राष्ट्र निर्माण ,मनाएँ उत्सव पावन।
सुशील शर्मा
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