: जब मुगल शासक गो हत्या बंद कर सकते है तो वर्तमान शासक मौन क्यों है- ओम प्रकाश जी महाराज दादू धाम पीठाधीश्वर नरेना
Aditi News Team
Wed, Apr 9, 2025
गो सेवा करने वालो को एक बात पथमेड़ा के दर्शन अवश्य करना चाहिए, रामगोपाल दास जी महाराज महामंडलेश्वर पंचकुइया धाम
जब मुगल शासक गो हत्या बंद कर सकते है तो वर्तमान शासक मौन क्यों है- ओम प्रकाश जी महाराज दादू धाम पीठाधीश्वर नरेना
सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव एकादश दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि गाय माता के सानिध्य में हमें संतो के दर्शन और आशीर्वचन सुनने का सुअवसर मिला है यह सब गाय माता की कृपा का ही प्रसाद है।
भगवान को प्रसन्न करने का एक मात्र साधन सेवा है हनुमान जी ने सेवा की इसलिए रघुनाथ जी प्रसन्न रहते थे गोपियों ने भगवान श्री कृष्ण की सेवा की तो भगवान गोपाल जी गोपियों को खूब चाहते हैं। जीवन में सहज और भाव से सेवा कर ते हैं तो भगवान प्रकट हो जाते हैं। समाधि का मतलब ही सहज प्राप्ति है और इस जगत में सबसे अधिक सहज सेवा गो सेवा हे वह भी हमारी गाय माता की जिसको भगवान ने भी गाय को मां कहकर पुकारा है। सेवा सबकी करनी है पूजा भगवान की करनी चाहिए।इस जगत मे जो भी हैं उनमें सब में भगवान बसे हुए और जीव मात्र की सेवा जरूरी है जब हम भाव से गाय माता की सेवा करेगे तभी हमें सब कुछ मिल सकेगा।
सत्य तो यही है हम जब गाय माता की शरणागति लेते हैं तो भगवान भी खुश हो जाते है।
उपसंहार उत्सव में इंदौर के पंचकुइया धामसे पधारे महामंडलेश्वर पूज्य रामगोपाल दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि गाय माता की सेवा के लिए AC में बैठकर तो हर कोई बोल सकता है लेकिन जो गाय माता की सेवा यहां हो रही है वो कोई नहीं कर सकता है। किसी को शिक्षा देना हो गाय माता की सेवा की उनको पथमेड़ा गौ धाम के दर्शन जरूर करना चाहिए।
गाय माता की सेवा बहुत ही अदभुत है जहां गाय खुश होकर स्वछंद विचरण करती हो जुगाली करती है वह पूरी जगह खुशहाल हो जाती है । गो मूत्र और गोबर से खारा पानी भी मीठा हो गया।
*दादू धाम नरेना से पधारे 21 वें दादू पीठाधीश्वर पूज्य ओमप्रकाश जी महाराज दादू वाणी के साथ अपने आशीर्वचन में बताया कि दिव्य संतो के सानिध्य में यह गो अभयारण्य स्वर्ग जैसा बन गया है यानि मां की कृपा जहां होती है वह स्थान अपने आप में तीर्थ बन जाता है और विगत एक वर्ष से इस पुण्य धरा में मां के आंचल में बैठकर पूज्य महाराज जी जैसे दिव्य संतो श्रीमुख से गोमाता की महिमा सुनकर जीवन धन्य हो गया है ।
महाराज जी ने आगे बताया कि पूज्य दादू जी महाराज के कहने पर एक मुगल शासक ने गो हत्या बन्द करवा दी थी यानि अकबर उनके प्रवचन से प्रभावित होकर गौहत्या पर प्रतिबंध लगा देते है तो अब तो अनुकूल परिस्थितियां है और भारत सरकार सहित सम्पूर्ण राज्यों में गोमाता को सम्मान मिले इसके लिए भारत के सभी गो सेवकों को संगठित होकर प्रयास करना होगा ताकि भगवती गोमाता को उचित सम्मान मिल सके ।
विप्र वैदिक गुरुकुल उज्जैन की उप संस्थापक साध्वी श्री शांभवी नाथ ने अपने आशीर्वचन में बताया कि गोमाता के इस पावन धाम में आकर बहुत ही आनंद की अनुभूति हुई है और जैसे भगवान कृष्ण के आगे भी गाय,पीछे भी गाय,बाएं भी गाय,दाएं भी गाय जैसा दृश्य यहां देखने को मिल रहा है अर्थात गोकुल जैसी अनुभूति यहां हो रही हैं । साध्वी जी ने सभी मातृशक्ति से आह्वान किया कि अगर मातृशक्ति गो सेवा में आगे आ गई तो भारत की भूमि में एक भी गोमाता निराश्रित नहीं घूमेगी ।
उपसंहार उत्सव के एकादश दिवस पर कामधेनु आयोग भारत सरकार के पूर्व चेयरमैन वल्लभ भाई कथेरिया,दिलीप धनराज गुप्ता भारतीय किसान मोर्चा एवं प्रदेशाध्यक्ष GCCI एवं राजेश कुमार हरोडे अधीक्षण यंत्री विद्युत विभाग आगर व ललित पाटीदार ठेकेदार विद्युत विभाग एवं इन्दौर विभाग के विभाग गो सेवा संयोजक मनोज तिवारी आदि अतिथि उपस्थित रहें।
गो अभयारण्य में स्थित रामचौकी में गो ऋषि पूज्य स्वामी दत्तशरणानन्द जी महाराज का सभी गो सेवकों को आशीर्वचन मिला।
एक वर्षीय गोकृपा कथा के उपसंहार उत्सव के एकादश दिवस पर राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के नवलगढ़ के झुंझुनू से विनीता पुरोहित,परिवार, बाबुल्दा के गोभक्त,उज्जैन से गिरीश कुमार, जीवन लता हिमांशु , माया शर्मा,.जोधपुर के गौ भक्त मदनलाल जांगिड़, रामकिशोर जागिड़,मोतीलाल जांगिड़,रानीवाड़ा जिला जालोर से गो भक्त कैलाश सुदेशा , ओमप्रकाश सुदेशा सपरिवार एवं नागौर माली परिवार ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।
सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव एकादश दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि गाय माता के सानिध्य में हमें संतो के दर्शन और आशीर्वचन सुनने का सुअवसर मिला है यह सब गाय माता की कृपा का ही प्रसाद है।
भगवान को प्रसन्न करने का एक मात्र साधन सेवा है हनुमान जी ने सेवा की इसलिए रघुनाथ जी प्रसन्न रहते थे गोपियों ने भगवान श्री कृष्ण की सेवा की तो भगवान गोपाल जी गोपियों को खूब चाहते हैं। जीवन में सहज और भाव से सेवा कर ते हैं तो भगवान प्रकट हो जाते हैं। समाधि का मतलब ही सहज प्राप्ति है और इस जगत में सबसे अधिक सहज सेवा गो सेवा हे वह भी हमारी गाय माता की जिसको भगवान ने भी गाय को मां कहकर पुकारा है। सेवा सबकी करनी है पूजा भगवान की करनी चाहिए।इस जगत मे जो भी हैं उनमें सब में भगवान बसे हुए और जीव मात्र की सेवा जरूरी है जब हम भाव से गाय माता की सेवा करेगे तभी हमें सब कुछ मिल सकेगा।
सत्य तो यही है हम जब गाय माता की शरणागति लेते हैं तो भगवान भी खुश हो जाते है।
उपसंहार उत्सव में इंदौर के पंचकुइया धामसे पधारे महामंडलेश्वर पूज्य रामगोपाल दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि गाय माता की सेवा के लिए AC में बैठकर तो हर कोई बोल सकता है लेकिन जो गाय माता की सेवा यहां हो रही है वो कोई नहीं कर सकता है। किसी को शिक्षा देना हो गाय माता की सेवा की उनको पथमेड़ा गौ धाम के दर्शन जरूर करना चाहिए।
गाय माता की सेवा बहुत ही अदभुत है जहां गाय खुश होकर स्वछंद विचरण करती हो जुगाली करती है वह पूरी जगह खुशहाल हो जाती है । गो मूत्र और गोबर से खारा पानी भी मीठा हो गया।
*दादू धाम नरेना से पधारे 21 वें दादू पीठाधीश्वर पूज्य ओमप्रकाश जी महाराज दादू वाणी के साथ अपने आशीर्वचन में बताया कि दिव्य संतो के सानिध्य में यह गो अभयारण्य स्वर्ग जैसा बन गया है यानि मां की कृपा जहां होती है वह स्थान अपने आप में तीर्थ बन जाता है और विगत एक वर्ष से इस पुण्य धरा में मां के आंचल में बैठकर पूज्य महाराज जी जैसे दिव्य संतो श्रीमुख से गोमाता की महिमा सुनकर जीवन धन्य हो गया है ।
महाराज जी ने आगे बताया कि पूज्य दादू जी महाराज के कहने पर एक मुगल शासक ने गो हत्या बन्द करवा दी थी यानि अकबर उनके प्रवचन से प्रभावित होकर गौहत्या पर प्रतिबंध लगा देते है तो अब तो अनुकूल परिस्थितियां है और भारत सरकार सहित सम्पूर्ण राज्यों में गोमाता को सम्मान मिले इसके लिए भारत के सभी गो सेवकों को संगठित होकर प्रयास करना होगा ताकि भगवती गोमाता को उचित सम्मान मिल सके ।
विप्र वैदिक गुरुकुल उज्जैन की उप संस्थापक साध्वी श्री शांभवी नाथ ने अपने आशीर्वचन में बताया कि गोमाता के इस पावन धाम में आकर बहुत ही आनंद की अनुभूति हुई है और जैसे भगवान कृष्ण के आगे भी गाय,पीछे भी गाय,बाएं भी गाय,दाएं भी गाय जैसा दृश्य यहां देखने को मिल रहा है अर्थात गोकुल जैसी अनुभूति यहां हो रही हैं । साध्वी जी ने सभी मातृशक्ति से आह्वान किया कि अगर मातृशक्ति गो सेवा में आगे आ गई तो भारत की भूमि में एक भी गोमाता निराश्रित नहीं घूमेगी ।
उपसंहार उत्सव के एकादश दिवस पर कामधेनु आयोग भारत सरकार के पूर्व चेयरमैन वल्लभ भाई कथेरिया,दिलीप धनराज गुप्ता भारतीय किसान मोर्चा एवं प्रदेशाध्यक्ष GCCI एवं राजेश कुमार हरोडे अधीक्षण यंत्री विद्युत विभाग आगर व ललित पाटीदार ठेकेदार विद्युत विभाग एवं इन्दौर विभाग के विभाग गो सेवा संयोजक मनोज तिवारी आदि अतिथि उपस्थित रहें।
गो अभयारण्य में स्थित रामचौकी में गो ऋषि पूज्य स्वामी दत्तशरणानन्द जी महाराज का सभी गो सेवकों को आशीर्वचन मिला।
एक वर्षीय गोकृपा कथा के उपसंहार उत्सव के एकादश दिवस पर राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के नवलगढ़ के झुंझुनू से विनीता पुरोहित,परिवार, बाबुल्दा के गोभक्त,उज्जैन से गिरीश कुमार, जीवन लता हिमांशु , माया शर्मा,.जोधपुर के गौ भक्त मदनलाल जांगिड़, रामकिशोर जागिड़,मोतीलाल जांगिड़,रानीवाड़ा जिला जालोर से गो भक्त कैलाश सुदेशा , ओमप्रकाश सुदेशा सपरिवार एवं नागौर माली परिवार ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।Tags :