: कुंडलपुर ग्राम में आयोजित की गई विनयांजलि सभा
Mon, Feb 19, 2024
कुंडलपुर ग्राम में आयोजित की गई विनयांजलि सभाकुंडलपुर दमोह। युवा शक्ति कुंडलपुर के द्वारा ग्राम कुंडलपुर में संत शिरोमणि विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समता पूर्वक समाधि होने पर विनयांजलि का कार्यक्रम ग्राम पंचायत भवन के परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भक्ति गीत की प्रस्तुति श्रीमती सुरभि जैन के द्वारा की गई ।आचार्य श्री के प्रति विनयांजलि व्यक्त करने वालों में दीपक उपाध्याय पटेरा ,कमलेश शर्मा ,दीपू ठाकुर, ब्रह्मचारिणी राजुल दीदी ,अनिल पुजारी कोमलचंद जैन ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा भले ही गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर जी का जन्म कर्नाटक के सदलगा में हुआ हो लेकिन गुरुवर ने अपनी कर्मभूमि कुंडलपुर बुंदेलखंड को बनाया। आचार्य श्री ने अपनी तपोस्थली कुंडलपुर को बनाया। आचार्य श्री के कुंडलपुर और ग्राम वासियों पर अनंत उपकार हैं जिन्हें हम कभी भुला नहीं पाएंगे। गुरुदेव हमारे हृदय में सदा रहेंगे। हम उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर ही सच्ची विनयांजलि अर्पित कर सकेंगे ।कार्यक्रम का संचालन अमित शास्त्री जी ने किया ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम वासियों के साथ सरपंच परसोत्तम पटेल पूर्व सरपंच पंचम ठाकुर ,उदय चंद जैन ,मोतीलाल जैन प्रबंधक ,दीपू ठाकुर, पंकज सैनी ,आशुतोष समदरिया ,राहुल रैकवार ,पवन, कमलेश रैकवार ,छोटू सेन, संजय बड़कुल ,हाई स्कूल एवं प्राथमिक स्कूल के प्राचार्य ,छात्र-छात्राएं, ग्राम वासियों की उपस्थिति रही।
: 27 कुंडीय श्रीराम मानस यज्ञ जारी,जीवन मे आगे बढ़ने के लिए सदाचार का पालन जरूरी-- ब्रजमोहन शास्त्री
Mon, Feb 19, 2024
27 कुंडीय श्रीराम मानस यज्ञ जारी
जीवन मे आगे बढ़ने के लिए सदाचार का पालन जरूरी-- ब्रजमोहन शास्त्री
गाडरवारा। क्षेत्र के चांवरपाठा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोठिया में ब्रम्हदेव आश्रम वामनगुफ़ा पंचवटी धाम के संत श्री 108 श्री जगदेव दास जी की सत्प्रेरणा से 26 वां 27 कुंडीय श्रीराम मानस यज्ञ कलश यात्रा एवं नर्मदा पूजन से प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ में प्रतिदिन पूजन अर्चना उपरांत प्रवचन कार्यक्रम भी हो रहे है। प्रवचन कार्यक्रम में बीते दिवस उज्जैन से आये कथा व्यास ब्रजमोहन शास्त्री ने महादेव एवं माँ पार्वती के विवाह का बड़ा ही मधुर प्रसंग सुनाया । उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन मे यदि अपनों से बड़ों की बात को न मानने से जो नुकसान माता सती को उठाना पड़ा था वही हमे भी भुगतना पड़ता है। पति की आज्ञा को मानना ही सर्वोच्च धर्म है। श्री शास्त्री ने रामकथा का जीवन मे महत्त्व एवं संतो की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि रामकथा जीवन मे सदाचार का संदेश देती है। भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम उनके गुणों के आधार पर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन मे संतो की महिमा का बड़ा महत्त्व है। रामचरित मानस की चौपाई "बिनु हरि कृपा मिलहि नही संता" का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से संत मिलते है। उल्लेखनीय है कि 23 फरवरी तक प्रवचन कार्यक्रम होंगे एवं 24 फरवरी को भंडारे के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति होगी । यज्ञ व प्रवचन कार्यक्रम में अनेक क्षेत्रीय धर्मप्रेमी श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित होकर धर्मलाभ ले रहे है ।
: संयम सौरव साधना जिनको करें प्रणाम, त्याग तपस्या तीर्थ का विद्यासागर नाम
Sun, Feb 18, 2024
संयम सौरव साधना जिनको करें प्रणाम, त्याग तपस्या तीर्थ का विद्यासागर नाम
कुंडलपुर ।सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र जैन तीर्थ कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समता पूर्वक समाधि पर एक विनयांजलि सभा का आयोजन स्थानीय विद्या भवन में हुआ। जिनके नाम से यह भवन जाना जाता है, जिस भवन में जिनकी मंगल वाणी सुनकर असंख्यात प्राणियों ने कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया ।आज हम सभी उनकी उत्कृष्ट समाधि पूर्ण होने पर इसी विद्या भवन में विनयांजलि करने एकत्र हुए हैं। जिनके नाम से मुरझाए चेहरे खिल जाते हैं, जिनके अनंत उपकार हैं ,हमें धर्म की राह दिखाने वाले गुरुवर आज हमारे बीच नहीं है ।ऐसे विचार विनयांजलि सभा में ब्रह्मचारिणी राजुल दीदी, सुनीता दीदी, हेमा दीदी कर्नाटक ,लक्ष्मी दीदी ,डॉ राजेंद्र जी विदिशा ,डॉक्टर संतोष जी ,ब्रह्मचारी डालचंद बड़कुल पटेरा ,ब्रह्मचारी वीरेंद्र हरपालपुर, उदयचंद्र कुंडलपुर, रविंद्र जैन मोतीलाल जैन प्रबंधन आदि ने विनयांजलि व्यक्त की ।कार्यक्रम का संचालन अनिल पुजारी ने किया। कुंडलपुर समाज की अच्छी उपस्थिति रही।