: गाडरवारा, मां बीजासेन दरबार मे कन्या भोज का आयोजन प्रारम्भ
Tue, Sep 27, 2022
गाडरवारा। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोड़िया रोड पर स्थित मां बिजासन दरबार में नव दिन के लिए कन्या भोज का आयोजन किया गया है । जिसमें दिन मंगलवार दिनांक 27 सितंबर को माता रानी को भोग लगाकर कन्या भोज का शुभारंभ किया गया।
: गाडरवारा ,माँ बंजारी स्त्रोत (नवरात्रि पर्व पर विशेष) जो यह स्त्रोतम को ध्यावे ,वो सब मन वांछित फल पावे
Mon, Sep 26, 2022
माँ बंजारी स्त्रोत
दोहा
मातु भवानी अम्बिके ,बंदहु पदम पराग।चरण भक्ति मन देहु अब ,कर सुत पर अनुराग। 1
चौपाई
जय जय जय बंजारी माता ,जयो जय त्रिभुवन सुख दाता। 1मृदुल गात मुख चंद्र स्वरूपा ,नेत्र विशाल ललाट अनूपा।2 ह्रीं श्रीं क्लीं तुम मेधा धारी ,अमर अनूप अपरा अविकारी। 3सृष्टि स्वधा सुखदा शुभकारी ,शुभम सत्य सब संकट हारी।4 कनक वर्ण मुख तेज विराजे ,स्वर्णकांति गौरी मुख साजे।5महा मंगला काल कृपाली ,जय बंजारी महा कराली।6 सिंह वाहनी तुम विजयासन ,जय अम्बे सकल दुःख नाशन। 7चतुर्भुजा कर शूल धारिणी ,तुम सर्वज्ञ पाप निवारणी।8 जगत जननि जय जय जगदम्बा,अगम अनादि अगोचर अम्बा। 9कवच अर्गला कीलक रूपा ,माँ तुम हो सर्वस्य स्वरूपा।10 सर्वेश्वरी रक्ष सब ओरा ,संकट काटो मम सब घोरा। 11दस मुख दस चरणों से युक्ता ,चण्डी काली दिव्य विमुक्ता। 12 महिषासुर का मर्दन कीन्हा ,अभय मनुज देवों को दीन्हा।13सुर वन्दित सिद्धी की दाता ,जया नाम अति मोक्ष प्रदाता। 14 महासरस्वती भीमा नंदा ,भ्रामर बीज अनुष्टुप छन्दा। 15शरद ऋतु शोभा सम्पन्ना ,चंद्र मनोहर कान्त प्रपन्ना। 16 नागासन पर बैठी माता ,पद्मावती जगत विख्याता।17चण्ड मुण्ड को रण में मारा ,माँ मातंगी परम अपारा। 18 रक्तबीज घातक कल्याणी ,असुर निकंदनि शुभ सत वाणी।19कर में पाशांकुश को धारे, शुम्भ निशुम्भ असुर संहारे। 20 दुर्गा, भीमा, भ्रमर, सुजाता ,शाकम्भरी, शताक्षी माता। 21मन मतंग मुद मंगल दाता ,अति शुचि पावन भाग्य विधाता। 22 शास्वत सत्य सनातन वाणी ,जयति जयति जय त्रिभुवन रानी।23ज्ञान बुद्धि तुम सुख की दाता ,रिद्धि सिद्धि सब तुमसे माता। 24 तुम ही हो सब सुख की मूला ,सुमरत ही सब कटते शूला। 25आयु ,धान्य धन, देने वाली ,पुत्र पौत्र ,यश की रखवाली। 26 जो तुमको मन से है ध्याता ,बिन माँगें वो सब पा जाता। 27सदा वत्सले सब की माता ,तुम सर्वज्ञ ज्ञान की दाता। 28 महालक्ष्मी स्वर्ण सुजाता, हिरण्मयी अविनाश अजाता।29कांतिमयी माँ कमल सदृश्या ,अति रमणीय वत्सला दृश्या।30 कमला कांता गौरी अम्बा ,हे कमलाक्ष परम जगदम्बा। 31सभी मनोरथ की तुम स्वामी ,भुवनेश्वरी भक्त अनुगामी।32 खड्गधारणी शूलधारणी ,माँ तुम हो सब पाप हारणी। 33मेधा स्वधा वरा कंकाली ,हे माता बंजारी वाली। 34 जय माँ बंजारी अति पावन ,संकट दुःख दारिद्र नशावन।35माँ बंजारी पतित पावनी ,सकल पाप हर मोक्ष दायनी। 36 कृपा कटाक्ष करो महारानी ,माँ बंजारी औघड़दानी।37सत्य सुलभ दरबार तुम्हारा ,भक्त सुशील चरण पैसारा। 38 हम सब तुम पर हैं अवलम्बा ,क्षमा करो पुत्रों को अम्बा। 39जो यह स्त्रोतम को ध्यावे ,वो सब मन वांछित फल पावे।40
दोहा
माँ बंजारी धाम की, अनुपम छटा अनूप।सकल कामना सिद्ध हों ,दर्शित दिव्य स्वरुप।। 2
पंडित सुशील विरचितं श्री बंजारी स्त्रोतम श्री चरणापर्णम
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: गाडरवारा,श्रीमद् भागवत कथा का भमका में आयोजन
Tue, Sep 20, 2022
श्रीमद् भागवत कथा का भमका में आयोजनगाडरवारा।16 सितंबर से गाडरवारा समिपी ग्राम भमका में स्वर्गीय द्वारका प्रसाद ममार की पुण्य स्मृति में ममार परिवार द्वारा संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।कथावाचक जितेंद्र शास्त्री गरहा के मुखारविंद से भगवान की लीलाओं का वर्णन किया जा रहा है । आज पंचम दिवस गोवर्धन पर्वत की पूजन की गई कृष्ण चरित्र भगवान की लीलाओं का वर्णन करते हुए भगवान के अवतारों लीलाओं का संगीतमय भजन के साथ वर्णन किया उन्होंने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया की 7 कोस लंबे चौड़े कालिकाल के देवता गोवर्धननाथ को 7 वर्ष के कन्हैया ने अपने सबसे छोटी उगली में 7 दिनरात अपनी अंगुली पर रखा। भगवान धारण किए रहे इंद्र देव का अभिमान तोड़ा। इस लिए जीव को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए और कर्म करना चाहिए फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए,जिससे कर्म करोगे तो फल मिलेगा इसलिए भगवान ने भी कर्म को प्रधान बताते हुए कहा कर्म करना जीव का धर्म है फल देना मेरा काम है।जिसका श्रवण करने आसपास के भक्तगण उपस्थित रहे कथा का समापन 22 तारीख पूर्णाहुति महा प्रसादी उपरांत समापन किया जाएगा! कथा श्रवण करने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ कमाये।