: कुंडलपुर में भव्य नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन,महिलाओं ने मनाया धूप दशमी पर्व
Tue, Sep 6, 2022
कुंडलपुर में भव्य नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन,महिलाओं ने मनाया धूप दशमी पर्वकुंडलपुर ।श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में दशलक्षण महापर्व पर प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं ।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कुंडलपुर क्षेत्र की प्रतिभाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं, जिनकी कला दर्शकों द्वारा सराही जा रही है। दशलक्षण पर्व के छठवें दिन भव्य नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय विद्या भवन सभागार में हुआ ।इस प्रतियोगिता में पलक जैन ,साक्षी जैन, श्रीमती रूचि जैन ,अनुष्का जैन ,श्रीमती रुचि जैन (रतन ),रश्मि जैन , आर्या अंशी जैन ,श्रीमती सुरभि जैन, श्रीमती ममता जैन, श्रीमती मीनू जैन, शिखा शैली जैन, श्रीमती मिनी जैन ,सान्या जैन ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी ।इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्रीमती सुरभि जैन, द्वितीय स्थान पर श्रीमती ममता जैन, तृतीय स्थान साक्षी जैन एवं चतुर्थ स्थान शिखा ,शैली जैन को प्राप्त हुआ ।प्रतियोगिता का कुशल संचालन संस्कार जैन कुंडलपुर ने किया।सुगंध दशमी के पावन पर्व पर महिलाओं द्वारा धूप दशमी पर्व मनाया गया।
: कुंडलपुर, असत्य का विमोचन करना सत्य है --मुनि श्री निरंजन सागर जी
Sun, Sep 4, 2022
असत्य का विमोचन करना सत्य है --मुनि श्री निरंजन सागर जीकुंडलपुर ।श्री सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में दशलक्षण महापर्व पर धर्मामृत वर्षा हो रही है ।पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक ,शांतिधारा ,पूजन विधान में श्रद्धालुओं की सहभागिता हो रही है। वहीं दोपहर में शांति विधान ,पूज्य मुनि श्री के प्रवचन, आचार्य भक्ति में भक्तों की संलग्नता देखी जा रही है। सायंकाल पूज्य बड़े बाबा की महाआरती ,भक्तांमर पाठ, विद्या भवन में ,भैया जी के प्रवचन एवं स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ,आरती नृत्य की प्रस्तुतियां लोगों का मन मोह रहे हैं ।मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज ने सत्य धर्म पर प्रवचन में सत्य की महिमा का बखान किया ।सत्य का अर्थ मात्र ज्यों का त्यों बोलने का नाम नहीं बल्कि हित मित प्रिय वचन बोलना है ।जहां जहां सत्य है वहां वहां अहिंसा है ।हिंसा कारक वचनों को असत्य कहा है। चोरी से झूठ से काम लेना असत्य है।असत्य का विमोचन करना सत्य है। असत्य वचनों का जहां जहां संभाषण हुआ है वहां परिवार ,ग्रह नाश को प्राप्त हुए हैं ।मुनि श्री कथानक सुनाते हुए राजा महाबल और उनके युवराज बल जो राज्य पोदनपुर के राजा थे अष्ठानिन्हका का पर्व चल रहा था ।राजा ने घोषणा की कोई वध आदि कार्य नहीं करेगा ।उसी राज में राजकुमार राज्य के उप वन में जीव मारकर उसका भक्षण कर रहा था। राजाज्ञा का उल्लंघन पर राजकुमार को मृत्युदंड का आदेश हुआ ।चांडाल के घर सिपाही पहुंचते हैं ।चांडाल अपनी स्त्री से बोल देता हूं कि बोल देना मैं घर पर नहीं हूं ।सिपाही कहते हैं कि कितना दुर्भाग्य है आज कितना बड़ा इनाम मिलने वाला था लेकिन चांडाल अनुपस्थित हैं। चांडाल की स्त्री लोभ में आ जाती है और इशारा कर देती है तो सिपाही चांडाल को पकड़कर दरबार में लाते हैं चांडाल वध करने से मना करता है। क्योंकि चांडाल ने मुनि के सामने व्रत लिया था चतुर्दशी को वध नहीं करूंगा ।वह संकल्प से अडिग नहीं हुआ ।अपने लिए संकल्प की परीक्षा होती है उसमें पास होना उत्तीर्ण होना होता है। दोपहर में शांति विधान गोकल चंद, मुन्ना मास्साहब ,संतोष बड़कुल कुंडलपुर पुण्यार्जक विधान कर्ता रहे ।शांति धारा, छत्र रिद्धि मंत्र प्रथम कलश करने का सौभाग्य प्रवीण जैन आर्जव लोकचंद जैन कटनी ,गौरव नायक ,राकेश नायक ,सौरभ, प्रवर, आजाद चंद्रप्रकाश वैभव अविरल राजेंद्र मयंक विशाल अनिकेत नायक परिवार दमोह, रमेश सोमानी स्वास्थ्य लाभ हेतु शांति धारा एवं निर्वाण लाडू पंडित जगन्मोहन लाल शास्त्री परिवार कटनी प्रमोद शास्त्री मीना आशुतोष नेहा आशीष बर्षा आमर्ष आशी आविशा शास्त्री परिवार कटनी टिंकल सेठ निष्कर्ष सोमेश हर्षित जैन अमरमऊ सागर ,खेमचंद जैन छोटेलाल जैन दमोह, संतोष कुमार राजेश सौरभ ओमजी अभय जैन सागर ने प्राप्त किया सायं काल बड़े बाबा की महा आरती एवं भक्तामर पाठ हुआ, आरती नृत्य एवं भैया जी के प्रवचन कौन बनेगा करोड़पति की शानदार प्रस्तुति हुई।
: कुंडलपुर, विविध वेशभूषा स्पर्धा का भव्य आयोजन हुआ
Sun, Sep 4, 2022
विविध वेशभूषा स्पर्धा का भव्य आयोजन हुआ
कुंडलपुर ।सुसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रंखला में विविध वेशभूषा स्पर्धा का अभिनव आयोजन हुआ ।लगभग 30 प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुति देकर सहभागिता जताई। बड़े बाबा की तलहटी में बसे कुंडलपुर जैसे छोटे कस्बे में प्रतिभाओं की कमी नहीं एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर प्रतियोगियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। छोटे से लेकर बड़ों तक ने अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी और निर्णायको को पशोपेश में डाल दिया ।काजल जैन सरस्वती देवी की भूमिका में ,आरोही मैना सुंदरी, रोमिल जैन श्रवण कुमार, पर्व जैन भक्तांबर गाथा का गान, रश्मि जैन सोधर्मेंद्र संगीता जैन शचि इंद्रानी ,सिद्धि जैन नीलांजना ,अंशिका जैन नीलांजना की सखी ,राजुल जैन सोमा का पति ,चंचल जैन सती सोमा ,शौर्य जैन मुनि महाराज की भूमिका में ,सुरभि जैन ने दश लक्षण धर्म की भूमिका में दशधर्म की सुंदर व्याख्या की ।विक्रांत जैन ने हथकरघा की भूमिका में हथकरघा की जानकारी दी। आयुषी सुरसुंदरी ,गुनगुन मैना सुंदरी ,कोमल चंद जैन एवं संगीता जैन ने सेठ सेठानी की भूमिका में सोनागिर चंदा प्रभु भगवान के दर्शन करने जाने की मनमोहक प्रस्तुति दी ।अरिहंत जैन हनुमान की भूमिका, प्राशू जैन झांसी की रानी की सुंदर प्रस्तुति ,आदेश जैन नन्हा बालक महात्मा गांधी चरखा से सूत काटते हुए ,अविरल जैन श्री कृष्ण, श्रीमती रत्ना जैन यशोदा माता ,श्रीमती शिखा जैन ने कारागृह की चंदन वाला की जीवंत भूमिका में आकर्षक प्रस्तुति देकर अपनी अमिट छाप छोड़ी ।आयुष जैन भगवान महावीर ,देवांश जैन साईं बाबा, पलक जैन सरस्वती माता, ममता जैन बुढ़िया की भूमिका में नजर आईं,हर्षिता सीता जी,। शैली जैन पूर्णायु की डॉक्टर ,सान्या जैन मरीज की भूमिका में पर्व और आयांश जैन कुंडलपुर के निवासी बनकर आचार्य श्री का सपना आयुर्वेद को अपनाएं जीवन सफल बनाएं पूर्णायु की शानदार प्रस्तुति दी । अर्हम जैन श्रेष्टि श्रावक बन मुनि महाराज का पडगाहन किया ,भूमि जैन राजस्थानी बालिका की भूमिका में नृत्य ,लक्ष्मी दीदी ने किसान की भूमिका में ग्रामीण किसान के परिवार के जीवन यापन का सुंदर चित्रण किया। निर्णयाको के निर्णय अनुसार बालक वर्ग में भूमि जैन राजस्थानी बालिका को प्रथम स्थान ।श्रीमती शिखा जैन चंदनबाला की भूमिका को प्रथम स्थान। सुरभि जैन दशलक्षण पर्व की भूमिका को द्वितीय स्थान एवं शैली जैन को पूर्णायु की प्रस्तुति पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।