: कुंडलपुर में साधना आराधना भक्ति का नजारा
Fri, Sep 2, 2022
कुंडलपुर में साधना आराधना भक्ति का नजाराकुंडलपुर। सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर मध्य प्रदेश में दश लक्षण महापर्व पर साधना, आराधना ,भक्ति का नजारा दृष्टिगोचर हो रहा है ।एक ओर जहां प्रातः काल पूज्य बड़े बाबा के विशाल मंदिर में भक्तांमर महामंडल विधान भक्ति भाव के साथ श्रावक श्रेष्ठी जनों के द्वारा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, आरती ,पूजन- विधान में भी दूर-दूर से श्रद्धालु भक्त आ कर अपना जीवन धन्य कर रहे। भक्तांमर विधान कर्ता परिवार इंद्र कुमार नाभिनंदन जैन हरदुआ (पन्ना )रहे। पूज्य बड़े बाबा का प्रथम कलश ,रिद्धि मंत्र कलश, शांति धारा करने का सौभाग्य सौरव सुधीर सिंघई परिवार इंदौर, मनमोहन जैन ओमप्रकाश जैन परिवार कोटा ,विनोद जैन स्वर्गीय गुलाबचंद जैन परिवार विदिशा, हृदय जैन अरुण निर्मल कुमार जैन गुना, प्रकाश चंद कैलाश महेंद्र कमलाबाई रितु मोनिका परिवार राहतगढ़ को प्राप्त हुआ भगवान पारसनाथ की शांति धारा हेमचंद संदीप बजाज किरण निवेदिता खुरई परिवार ,प्रमोद कुमार मीना जैन शास्त्री परिवार कटनी ने की।छत्र चवंर स्थापित करने का सौभाग्य सौरभ सुधीर सिंघई इंदौर, विनोद कुमार अरुण कुमार जैन नौगांव ने प्राप्त किया। वही दोपहर में विद्या भवन में शांति महामंडल विधान का आयोजन किया गया आज के शांति विधान कर्ता परिवार ज्ञानचंद जैन कुंडलपुर रहे। गत दिवस कोमल चंद राकेश जैन परिवार कुंडलपुर की ओर से शांति विधान किया गया ।पूज्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने आर्जव धर्म पर प्रवचन देते हुए बताया मन वचन और काय इन तीनों की क्रिया में वक्रता नहीं होने का नाम ही आर्जव है। कुटिल भाव माया चारी परिणामों को छोड़कर शुद्ध हृदय से चारित्र का पालन आर्जव धर्म है । आर्जव का अर्थ सरलता है। मुनि श्री ने भगवान आदिनाथ के पूर्व भव का प्रसंग सुनाते हुए बताया वन में एक वानर मुनियों के आहार को देख रहा था राजा बजृजघ उनकी रानी श्रीमती आहार दे रहे थे वानर शांति से आहार देख रहा था। देखा गया है कि वानर शांति को प्राप्त नहीं होते कुंडलपुर में भी कई बार आपने वानरों का उत्पात देखा है ।वन में मुनि राज एक शिला पर उपदेश दे रहे थे वानर भी उनका उपदेश सुन रहा था। राजा बजृजघ की दृष्टि उस वानर पर पड़ी उन्होंने मुनिराज से वानर का पूर्व भव जानना चाहा। मुनिराज ने बताया यह वानर कभी नर था। श्रेष्टि की पर्याय में था इसका आचरण छल कपट पूर्ण था जिस कारण इसे वानर की पर्याय मिली है ।यह श्रेष्टि की पर्याय में मायाचार कपट पूर्ण कार्य में लगा था ।मुनिराज के आहार देखते हुए वानर ने भावना भाई यदि मैं आज नर होता तो आहार देने का सौभाग्य पाता। पूज्य मुनि श्री ने प्रवचन में आगे बताया पुराण ग्रंथों में ऐसे अनेक उदाहरण आपने पढ़े होंगे जीवन्धर कुमार ने श्वान को पंच नमस्कार मंत्र सुनाया उसने देव पर्याय को प्राप्त किया ।बैल को सेठ ने णमोकार मंत्र सुनाया, इसी तरह नाग नागिन भी पार्शनाथ के समय देव पर्याय पा सके ।आपकी जो मायाचार छल कपट की प्रवृत्ति है वह र्तियंच गति का कारण बन रही है ।जब हमारे पास सब कुछ होता तो भगवान का नाम लेने का समय नहीं ।जब विपत्ति काल आता तो भगवान की याद आती ।माया चारी की शरण लेना पड़ती। उत्तम आर्जव धर्म के धारी आचार्य परमेष्ठी हैं हम उनकी शरण लें। सायं काल पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती ,भक्तांमर पाठ 48दीप प्रज्वलित कर किया गया। रात्रि में भैया जी के प्रवचन का लाभ उपस्थित भक्तों ने प्राप्त किया।
: कुंडलपुर ,मृदुता का भाव ही मार्दव धर्म है,मुनि श्री निरंजन सागर जी
Fri, Sep 2, 2022
मृदुता का भाव ही मार्दव धर्म है,मुनि श्री निरंजन सागर जीकुंडलपुर। सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में दशलक्षण पर्व पर विविध धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु भक्त उत्साह पूर्वक भाग ले रहे हैं ।पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म के दिवस पर प्रातः भक्तांमर महामंडल विधान श्रावकों द्वारा बड़े बाबा मंदिर परिसर में किया गया। विधान कर्ता नीरज जैन देवेंद्र जैन लखनादौन परिवार सम्मिलित हुआ ।पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन विधान संपन्न हुआ ।शांति धारा एवं मंगल कलश करने का सौभाग्य अंकित रूपल राजेश संजय शशांक राजेंद्र परिवार परासिया ,अनिल दिनकर राव सुधाकरराव नागपुर ,कृतज्ञ अखिलेश कामना जैन परिवार दमोह को प्राप्त हुआ ।भगवान पारसनाथ की शांति धारा का सौभाग्य अर्णव अखिलेश रविंद्र जैन विदिशा, चक्रेश अच्छेलाल जैन कुम्हारी को प्राप्त हुआ छत्र एवं चंवर स्थापित करने का सौभाग्य अमित राकेश जैन गैरतगंज ,दीपक जैन गैरतगंज को प्राप्त हुआ ।दोपहर में विद्या भवन में कुंडलपुर क्षेत्र पर उपस्थित भक्तगण एवं स्थानीय श्रावकों द्वारा अत्यंत भक्ति भाव से संगीतमय शांति विधान किया गया। इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने मार्दव धर्म पर प्रवचन देते हुए बताया कि व्यक्ति मान के कारण एक-दूसरे को नीचा दिखाता है ।मान का सम्मान का अभिमान का गलन करना ही मार्दव धर्म है । मृदुता का भाव ही मार्दव है। जितना आप सहज ,सरल हैं वह मार्दवता का प्रतीक है ।अहंकारी कभी किसी का आदर नहीं कर पाता। आतम के अहित विषय कषाय इनमें मेरी परिणति ना जाए, विषय कषाय को त्यागते जाएं। संसार को नष्ट करने वाली भावना को भायें। गुणी जनों को देख ह्रदय में मेरे प्रेम उमड़ आवे ।होता यह की गुणी जनों को देख लोग ईष्या करने लगते हैं ।हम अहम से अर्हम की ओर जाने की प्रक्रिया मार्दव धर्म से प्राप्त कर सकते हैं। सायंकाल पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय भक्ति भाव के साथ महा आरती एवं भक्तांबर पाठ का आयोजन हुआ।
: गाडरवारा, बृजयात्रा के लिए कल नगर भ्रमण कर होगी रवानगी
Thu, Sep 1, 2022
गोवर्धननाधजी की बृजयात्रा के लिए कल नगर भ्रमण कर होगी रवानगीगाडरवारा । वैष्णव सम्प्रदाय के वल्लभकुल पंथ के गुरु श्रीश्री गोकुलोत्सव जी महाराज श्री इंदौर के परम सानिध्य में चौरासी कोस बृजयात्रा का आयोजन किया गया है । जिससे नगर के लगभग चालीस वैष्णवजनो का शामिल होना सुनिश्चित है,अन्य स्थानों से भी लोग शामिल होगे, इस यात्रा में कुल 350 लोगों शामिल होना तय है।उल्लेखनीय है कि स्थानीय हवेली में विराजमान भगवान श्रीगोर्वधननाथजी का विग्रह (मुर्ति) इस बृजयात्रा के लिए कल दो सितम्बर को सायं पांच बजे हवेली से दो व चार पहिया वाहनों से शोभा यात्रा पुराना गल्ला मंडी, झंडा चौक, चौकी, चावड़ी, पानी की टंकी, पलोटन गंज होते हुए रेल्वे स्टेशन तक निकाली जावेगी और जबलपुर - दिल्ली श्रीधाम एक्सप्रेस से देवस्थान के लिए रवाना होगी ।शोभा यात्रा में शामिल लोग कुर्ता पजामा, पीला उपरना के साथ शामिल होगे ।सभी श्रृद्धालु जनो को इस शोभा यात्रा में शामिल होने के लिए माहेश्वरी समाज अध्यक्ष गिरिराज मालपानी, मुरली मालानी सचिव, श्रीमती सुधा पलोड अध्यक्ष महिला मंडल, सचिव अनुराधा काबरा, राहुल मालपानी अध्यक्ष युवा संघ, अंकित पलोड सचिव युवा संघ ने निवेदन किया है ।इस अवसर पर सभी का उत्साह प्रशंसनीय है ।