: गंभीर अपराध के अपराधियों को मिल रहा है कठोरतम दंड
Sat, Nov 5, 2022
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चिन्हित अपराधों पर कार्रवाई का प्रेजेंटेशन देखा
अपराध पर कार्रवाई की नियमित समीक्षा का कार्य शुरू हुआ है, जिसके अंतर्गत चिन्हित अपराधों की श्रेणी में शामिल अपराध में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ ही इन अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों को कठोरतम दंड देने का कार्य हो रहा है। चिन्हित अपराधों की श्रेणी इसलिए बनाई गई है, जिससे अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके और उनमें भय का वातावरण व्याप्त हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चिन्हित अपराध योजना के संबंध में आज निवास सभा कक्ष में गृह विभाग का प्रेजेंटेशन देखा और समीक्षा के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान को बैठक में चिन्हित अपराध योजना के अब तक के परिणाम, वर्तमान स्थिति, महत्वपूर्ण उपलब्धियों, विभिन्न जिलों की स्थिति और भविष्य की कार्य-योजना के संबंध में प्रेजेंटेशन से जानकारी प्रदान की गई।
समितियाँ करती हैं मासिक समीक्षा
प्रेजेंटेशन में बताया गया कि चिन्हित अपराधों की समीक्षा के लिए जिला, संभाग और राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जिसकी प्रत्येक माह समय-समय पर समीक्षा की जाती है। जिला स्तर पर कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, जिला अभियोजन अधिकारी/शासकीय अधिवक्ता, संभाग स्तर पर संभाग आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और राज्य स्तर पर अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में पुलिस महानिदेशक/अति. पुलिस महानिदेशक-अपराध अंवेषण और विवेचना एवं प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव/ विधि एवं विधायी कार्य विभाग और संचालक लोक अभियोजन की सदस्यता वाली समिति की बैठक की जाती है।
अव्वल पाँच जिले
मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रेजेंटेशन के माध्यम से चिन्हित प्रकरणों और दोष सिद्ध प्रकरणों से भी अवगत कराया गया। बैठक में प्रेजेंटेशन से मुख्यमंत्री श्री चौहान को वर्ष 2008 से वर्ष 2022 (30 सितंबर) तक प्रदेश में चिन्हित अपराधों के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने वाले और सुधार की आवश्यकता वाले जिलों की स्थिति के बारे में भी अवगत कराया गया। बताया गया कि वर्ष 2020-22 में महिला संबंधित चिन्हित अपराधों में 2 मृत्यु दंड, 187 आजीवन कारावास, 137 अन्य कठोर कारावास से अपराधी दंडित किए गए है। चिन्हित पर कार्यवाही की दृष्टि से खरगोन, बालाघाट, खण्डवा, मण्डला और झाबुआ जिले अच्छे प्रदर्शन की श्रेणी में शामिल हैं।
इन्हें दिया गया है चिन्हित अपराध का दर्जा
हत्या के वीभत्स प्रकरण, सामूहिक हत्याकांड, हत्या के साथ डकैती, सामूहिक बलात्कार, आतंकवादी कृत्य, अपहरण के साथ हत्या, पुरातत्व महत्व की और धार्मिक मूर्तियों की चोरी, जिनसे जन-सामान्य की भावनाएँ जुड़ी हैं, बारह वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ बलात्कार आदि की घटनाओं को चिन्हित अपराधों की श्रेणी में शामिल कर कठोरतम दंड देने की व्यवस्था की गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना, ओएसडी, मुख्यमंत्री कार्यालय श्री योगेश चौधरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
: एडीजी जोन
Sat, Nov 5, 2022
एसपी लखनऊल रूरल के निर्देशन में जनपद लखनऊ ग्रामीण के क्षेत्राधिकारी/प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष द्वारा पुलिस बल के साथ कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास एवं सुरक्षा के भाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी थाना क्षेत्रों में सायंकालीन पैदल गस्त की गई ।
: सिवनी जम्बो सीताफल" ब्रांड को देश-प्रदेश में लोकप्रिय बनाएँ
Sat, Nov 5, 2022
मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिवनी में "एक जिला-एक उत्पाद" के उत्पाद सीताफल का किया अवलोकन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी में ''एक जिला-एक उत्पाद'' कार्यक्रम अंतर्गत उत्पाद ''सिवनी जम्बो सीताफल'' का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान सीताफल के जम्बो आकार, विशिष्ट गुण तथा स्वाद आदि के संबंध में अवगत हुए।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने "सिवनी जम्बो सीताफल" को लोकप्रिय बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि "सिवनी जम्बो सीताफल" उत्पादक किसान और इसका प्र-संस्करण कर पल्प और अन्य उत्पाद बनाने वाली आजीविका मिशन की बहनों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रांड की बेहतर मार्केटिंग कर देश- प्रदेश में इसे लोकप्रिय बनाने के भी निर्देश दिये।सिवनी जिले में 656 हेक्टेयर क्षेत्र में 6500 मीट्रिक टन से अधिक सीताफल का उत्पादन होता है। सीताफल का वजन 600 से 700 ग्राम होने से इसका नाम ''सिवनी जम्बो सीताफल'' रखा गया है। अपने विशिष्ट आकार तथा स्वाद से इसकी देश-प्रदेश में अच्छी माँग है। इसे विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूह की सहभागिता से सीताफल की पल्प यूनिट प्रारंभ की गई है और एफपीओ का गठन किया गया है।सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन, विधायक सर्वश्री दिनेश राय और राकेश पाल मौजूद थे।