: गाडरवारा,ओशो लीला आश्रम में तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन
Thu, May 8, 2025
ओशो लीला आश्रम में तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन
गाडरवारा ओशो रजनीश की क्रीड़ास्थली एवं स्थानीय ओशो लीला आश्रम में बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष में तीन दिवसीय ध्यान शिविर आयोजन संध्या सत्संग के साथ स्वामी ध्यान आकाश के सानिध्य में 11 से 13 मई तक आयोजित किया जाएगा । इस दौरान ओशो की अनेकों ध्यान विधिओ का रसपान स्थानीय एवं बाहर से आए हुए ओशो सन्यासी लेंगे । इसके साथ ही 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विशेष ध्यान प्रयोग विपसना किया जावेगा जैसे निर्विचार हो जाना स्वयं की सांसों को साक्षी भाव से अंदर बाहर आते -जाते देखना यह विपसना ध्यान का मूल स्वरूप होता है जो आध्यात्मिक यात्रा को सबल और पुष्ट करता है l उक्त शिविर की जानकारी ओशो लीला आश्रम के संचालक स्वामी राजीव जैन एवं आश्रम के मीडिया प्रभारी स्वामी राजेश नीरस ने दी है ।
: नरसिंहपुर,कलेक्ट्रेट में कलेक्टर एवं एसपी ने किया प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित
Thu, May 8, 2025
आपकी इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे कठोर परिश्रम है- कलेक्टर श्रीमती पटले
बच्चों का हमेशा सपोर्ट करें और उनका मनोबल बढ़ाए-एसपी श्रीमती डेका
कलेक्ट्रेट में कलेक्टर एवं एसपी ने किया प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित
कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती मृगाखी डेका की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने राज्य स्तरीय प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के कुल 30 विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। इसके अलावा कलेक्टर और एसपी ने विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों को भी सम्मानित किया। कलेक्टर श्रीमती पटले ने बच्चों को सहयोग देने के लिए शिक्षकों व अभिभावकों को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा कि आपका सम्मान हमारे लिए गर्व की बात है। आपकी सफलता के पीछे कठोर परिश्रम है। आप सभी जिंदगी भर ऐसे ही अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित करते रहे। यह हमारा प्रयास है कि शिक्षा तंत्र को और बेहतर बनाया जाए। समाज और हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दें।बच्चों ने परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया है।अभिभावक बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने दे। अभिभावक यह कभी नहीं सोचे बच्चे ने जिस विषय में अच्छे अंक हासिल किए हैं वही विषय उसे दिलाया जाए। बच्चों के निर्णय में उनका सहयोग करे। उन्होंने बताया कि जब भी स्कूल में निरीक्षण या अन्य कार्यक्रमों में जाती हैं, तो वे बच्चों से पूछती है कि बड़े होकर क्या बनना है तो जवाब में कई बच्चे पुलिस विभाग में शामिल होकर बड़ा पद हासिल करने की बात कहते है।उन्होंने बताया कि जिले की टॉपर्स बुकलेट भी तैयार की जाएगी जिसमें बच्चों ने किस तरह सफलता अर्जित की है उसका उल्लेख होगा। पुलिस अधीक्षक श्रीमती मृगाखी डेका ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबके अथक परिश्रम एवं अनुशासन के कारण ज़िले को लगातार तीसरी बार यह मान मिला है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों पड़ाव आते हैं। असफल होने पर घबराएँ नहीं, बल्कि अपनी सफलता के पलों को याद करें और आगे बढ़ें। जीवन में कुछ परीक्षाएं आपको परखने के लिए आती हैं। अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों की करियर बनाने की एक उम्र होती है। आपकी आर्थिक स्थिति चाहे कैसी भी क्यों न हों अपने बच्चों को हमेशा सपोर्ट करें और उनका मनोबल बनाए रखें। सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से जिला प्रदेश में अव्वल आ रहा है। प्रथम स्थान आना मुश्किल नहीं है, बल्कि इसी स्थान पर बने रहना एक चुनौती होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग, शिक्षकों व अभिभावकों द्वारा जो मेहनत की गई है, उनकी टीम को बधाई। उन्होंने बताया कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि स्कूलों में बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति रहे। इस पर अभी काम करने की ज़रूरत है।इस वर्ष जो परीक्षा परिणाम बेहतर आये हैं इसकी रणनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि माध्यमिक एवं उच्चतर विद्यालय के विद्यार्थियों की तिमाही परीक्षाओं के बाद आए रिज़ल्ट बाद में कमज़ोर बच्चों पर विशेष फ़ोकस किया गया। सम्मान समारोह में बच्चों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कई विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सवाल भी किए। प्राचार्यों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजली शाह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अनिल व्यौहार, बीईओ, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक अग्निहोत्री द्वारा किया गया।शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंहपुरबड़ा की दिव्यांग छात्रा कुमारी खुशी कश्यप को गोद में उठाकर कलेक्टर ने सम्मानित किया। कुमारी खुशी ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम जिले में कक्षा 10 वीं में कुल 8 हजार 878 विद्यार्थी शामिल हुए, जिसमें 6 हजार 212 विद्यार्थी फर्स्ट डिविजन, 2 हजार 62 विद्यार्थी सेकेंड डिविजन और 37 विद्यार्थी थर्ड डिविजन में शामिल हुए। इस तरह कक्षा 10 वीं का 93.69 प्रतिशत रहा। इसी तरह कक्षा 12 वीं में कुल 7 हजार 602 विद्यार्थी शामिल हुए, जिसमें 5 हजार 258 विद्यार्थी फर्स्ट डिविजन, एक हजार 813 विद्यार्थी सेकेंड डिविजन और 28 विद्यार्थी थर्ड डिविजन में शामिल हुए। इस तरह कक्षा 12 वीं का 93.38 प्रतिशत रहा।
इन विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत और अपर कलेक्टर ने जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया, उनमें श्री अनुराग साहू, श्री जीवनलाल बाथरे, कु. अनामिका पटेल, श्री नमन अग्रवाल, कु. वेदिका, कु. आस्था सिंह, श्री साकेत दुबे, कु. खुशी कश्यप, कु. प्राची कौरव, कु. वेदिका पटेल, कु. रक्षा मेहरा, कु. नम्रता नामदेव, कु. जयश्री पटेल, कु. राजेश्वरी लोधी, कु. काजल पांडे, कु. अदिति दीक्षित, कु. अदिति पटेल, कु. मान्यता शर्मा, श्री शिवम विश्वकर्मा, कु. कंचन पटैल, कु. श्रेया कौरव, कु. ख्याति राजपूत, कु. वर्तिका पारोची, कु. प्रांजल शर्मा, कु. श्रद्धा राजपूत, कु. निशि साहू, श्री रामकुमार सोनी, कु. वत्सला श्रीवास्तव, कु. अंशिका फौजदार एवं कु. नेहा प्रजापति शामिल हैं।
: कहने को अपने
Thu, May 8, 2025
कहने को अपने
भीड़ में भी क्यों, दिखती है दूरी।अपनों को अपना कहना है भारी। शब्दों के धागे, रिश्तों की मालापर मन के भीतर, दिखता है हाला।मुश्किल घड़ी में सब, मोड़ते है मुखबस रस्में निभाते, कैसी ये यारी। रिश्तों के धागे, स्नेह का सागर।पर व्यस्त निगाहें, नापती हैं गागर।बेटा भी कहता, "पिताजी मेरे",पर सेवा के पथ पर, कैसी बेगारी। सखाओं की महफिल, हँसी के ठिकानेपर दर्द की आह में, सब हैं बेगाने।वादे निभाते हैं, बस ऊपरी मन से,भीतर की गहराई, उथली उधारी पड़ोसी का घर भी, दिखता है अपना,पर दीवारों का है, कैसा ये सपना।सुख-दुख में झाँकते, औपचारिक बनकर,अंतर की आत्मीयता, लगती है कारी। यह कैसा बंधन, यह कैसा नाता,सिर्फ जुबां पर है, क्यों सब ये आता।मन से जो जुड़े हों, वही तो हैं अपने,बाकी की बातें तो बस,उथली दो धारी। खोई सी संवेदना, रूखे से चेहरे,दिखावे की दुनिया, और झूठे घेरे।कब जागेगी मन की, सोई सी करुणा,कब मिटेगी रिश्तों की, यह बेजारी।🙏सुशील शर्मा✒️