: नरसिंहपुर जिले के खास समाचार
Sat, Jan 15, 2022
जिले में कक्षा एक से 12 तक समस्त स्कूल एवं हॉस्टल 31 जनवरी तक बंद रहेंगे
जिला दंडाधिकारी द्वारा धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नरसिंहपुर ।
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व बचाव को दृष्टिगत रखते हुये मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा 14 जनवरी 2022 में जारी दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री रोहित सिंह ने दंप्रसं 1973 की धारा 144 के तहत आगामी आदेश तक के लिए नवीन प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। मप्र शासन के गृह विभाग द्वारा कोविड- 19 के पॉजीटिव एवं एक्टिव केसेज की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को दृष्टिगत रखते हुए 23 दिसम्बर 2021 तथा 5 जनवरी को जारी निर्देश के साथ- साथ उक्त नवीन प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुरूप अतिरिक्त दिशा निर्देशों के पालन के लिए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जिले में लागू किया गया है।
इस सिलसिले में जारी नवीन आदेश के अनुसार जिले में कक्षा एक से कक्षा 12 तक सभी स्कूल एवं हॉस्टल 31 जनवरी 2022 तक बंद रहेंगे। सभी प्रकार के मेले, (धार्मिक/ व्यावसायिक) जिनमें जनसमूह होता है, प्रतिबंधित रहेंगे। समस्त जुलूस एवं रैली प्रतिबंधित रहेंगे। सभी राजनैतिक/ सांस्कृतिक/ धार्मिक/ सामाजिक/ शैक्षणिक/ मनोरंजन आदि के आयोजनों में 250 व्यक्तियों से अधिक की उपस्थिति प्रतिबंधित रहेगी।
बंद हॉल में हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम की उपस्थिति के ही आयोजन हो सकेंगे। खेलकूद संबंधी गतिविधियों के लिए स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति के आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। जिले में कोविड उपयुक्त व्यवहार जैसे मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जायेगी।
इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी।
1740 किलोग्राम महुआ लाहन व 21 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद
अवैध मदिरा के 7 प्रकरण दर्ज
नरसिंहपुर।
कलेक्टर श्री रोहित सिंह के निर्देशों के परिपालन में जिले में अवैध मदिरा के संग्रहण, परिवहन व विक्रय के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत वृत्त नरसिंहपुर के अंतर्गत ग्राम खमतरा में दबिश देकर 1740 किलोग्राम महुआ लाहन (शराब बनाने का कच्चा माल) व 21 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद की गई। जब्त की गई सामग्री एवं मदिरा का अनुमानित मूल्य 89 हजार एक सौ रूपये है। अभियान के दौरान अवैध मदिरा से संबंधित 7 प्रकरण दर्ज किये गये। ये प्रकरण मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधानों के तहत दर्ज किये गये। उक्त कार्यवाही के दौरान आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर जमानत- मुचलके पर रिहा किया गया।
अभियान जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती अम्रता जैन व सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री डीसी चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
15 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों को कोविड वैक्सीन लगवाना सुनिश्चित करने के निर्देश
नरसिंहपुर।
कलेक्टर श्री रोहित सिंह के निर्देशानुसार वैक्सीनेशन महाअभियान के अंतर्गत जिले के सभी नोडल अधिकारी फील्ड में रहकर 15 से 18 वर्ष तक के सभी पात्र किशोरों को कोविड- 19 की वैक्सीन 16 जनवरी 2022 की दोपहर दो बजे तक लगवाना सुनिश्चित करें। साथ ही शतप्रतिशत वैक्सीनेशन करवाकर सीएमएचओ को रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। यह कार्य शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आशा कार्यकर्ता और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी- कर्मचारियों के सहयोग से पूर्ण किया जावे। ये निर्देश अपर कलेक्टर श्री मनोज ठाकुर ने कोविड- 19 टीकाकरण के सभी नोडल अधिकारियों को दिये हैं।
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदनों के लिए पोर्टल प्रारंभ
पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी लाभ लें
नरसिंह।
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2021- 22 में नवीन/ नवीनीकरण के लिए यह पोर्टल एक जनवरी 2022 से प्रारंभ किया गया है। आवेदन MPTAAS साफ्टवेयर के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए सभी विद्यार्थियों को स्वयं की प्रोफाइल का पंजीयन कराना होगा। पंजीयन विद्यार्थी द्वारा स्वयं, कियोस्क, एमपी ऑनलाइन, नागरिक सुविधा केन्द्र- सीएससी अथवा पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के माध्यम से किया जा सकेगा।
इस सिलसिले में सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण ने जिले के सभी शासकीय/ अशासकीय कॉलेजों, आईटीआई एवं डाइट के प्राचार्य को आवश्यक कार्यवाही कर विद्यार्थियों को लाभांवित करने के लिए कहा है। पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर नवीन विद्यार्थियों के लिए प्रोफाइल पंजीयन में आवश्यक आधार नम्बर, जाति प्रमाण पत्र, समग्र परिवार आईडी एवं सदस्य आईडी संबंधी सभी जानकारी समय सीमा में अद्यतन करना होगी।
प्रतिकूल मौसम में किसान फसलों को कीटव्याधि से बचायें
किसानों को सामयिक सलाह
नरसिंहपुर।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण के बाद पाया कि वर्तमान मौसम गेहूं व गन्ना को छोड़कर अन्य फसलों के लिए नुकसानदायक है। इस कारण से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को प्रतिकूल मौसम में फसलों को कीटव्याधि से बचाने के लिए सामयिक सलाह दी गई है।
किसानों से कहा गया है कि अरहर की फसल पक कर तैयार है। किसान अरहर की कटाई मौसम साफ होने पर ही करें। जिन किसानों ने अरहर की कटाई कर ली है, वे उसे पानी से बचायें। अन्यथा नमी व तापमान के कारण दानों में जमाव हो सकता है।
वर्तमान में बादल लगातार छाये रहने के कारण मसूर एवं सरसों की फसल में माहू कीट का प्रकोप देखा गया है। साथ ही मसूर फसल में जड़ सड़न रोग भी फैल रहा है, इससे पौधे पीले पड़ रहे हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि माहू कीट नियंत्रण के लिए सिस्टेमिक कीटनाशक दवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 80-100 मिली प्रति एकड़ या थायोमेथाक्ज़ाम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी 100 ग्राम दवा 150 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें या फिप्रोनिल 40 प्रतिशत के साथ इमिडाक्लोप्रिड 40 प्रतिशत मिश्रित दवा 100 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
चना, मसूर जैसी दलहनी फसलें एवं अन्य फसलों में किसी भी प्रकार के रोगों के नियंत्रण के लिए अंतर्प्रवाही फफूंदीनाशक दवा जिसे जड़ सड़न रोग के नियंत्रण के लिए टेबुकोनाज़ोल के साथ केप्टान मिश्रित दवा 700 मिली या कार्बन्डाज़िम के साथ मैंकोजे़ब 300 ग्रा. या टेबूकोनाज़ोल 25.9 प्रतिशत ईसी 100 मिली या प्रोपीकोनाज़ोल 25 प्रतिशत ईसी 200 मिली दवा 150 से 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
सब्जियों की फसल जैसे- टमाटर, आलू, मूली एवं गोभी में लीफ ब्लाइट रोग आने की आशंका है। अतः किसान लीफ ब्लाइट के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 0.3 प्रतिशत (3 ग्रा. प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें। लहसुन एवं जहां नवीन प्याज का पौधरोपण हुआ हो वहां थ्रिप्स कीट आने की आशंका है। यदि लहसुन प्याज की पत्तियां उपर से सूख रही हैं या एक ओर से लिपट रही हैं या टेढ़ी- मेढ़ी हो रही हैं, तो उसमें थ्रिप्स या जेसिड कीट का प्रकोप हो सकता है। यदि उक्त लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो किसान थायोमेथाक्ज़ाम 80 से 100 ग्रा. प्रति एकड़ 150 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
: लोक निर्माण मंत्री श्री भार्गव ने 9 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया
Sat, Jan 15, 2022
लोक निर्माण मंत्री श्री भार्गव ने 9 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया
लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर जिले की गढ़ाकोटा नगर पंचायत क्षेत्र में 9 करोड़ रुपए की लागत वाले निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इनमें 5 करोड़ की लागत वाले गढ़ाकोटा नगर पंचायत क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का शिलान्यास शामिल हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अधो-संरचना विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार सड़क और भवनों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग क्षेत्र में उचित और समुचित तरीके से हो सके यह देखना स्थानीय जन-प्रतिनिधियों का दायित्व है। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों से काम की गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की अपेक्षा भी की।
मंत्री श्री भार्गव ने गढ़ाकोटा पथरिया फोरलेन मार्ग से मगरधा पहुँच मार्ग, गढ़ाकोटा पुलिस थाना से छोटा पुल, जवाहर वार्ड, गांधी वार्ड, गंजोरा तिगड्डा, घुन घुनिया जैन मंदिर मार्ग सुदृढ़ीकरण एवं सुंदरीकरण, गढ़ाकोटा पथरिया फोरलेन मार्ग से दत्त पुरा पहुँच मार्ग, गड्ढा गढ़ाकोटा से पचारा पिपरिया मार्ग का भूमि-पूजन किया गया।
: जिससे दूसरों का भला हो वही सुशासन है, मुख्यमंत्री श्री चौहान
Sat, Jan 15, 2022
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मध्यप्रदेश सुशासन एवं डेवलपमेंट रिपोर्ट" और "सुशासन डायजेस्ट" पत्रिका का विमोचन,सुशासन संस्थान पार्टनर्स के साथ परिचर्चा का आयोजन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गुड गवर्नेंस वह है, जिससे दूसरों का भला हो और किसी को तकलीफ न हो। उन्होंने कहा कि शरीर को कोई कष्ट न हो और लोग आनंद से जी सकें, यही सुशासन है। राम राज्य का मतलब भी गुड गवर्नेंस ही है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रामायण में वर्णित एक चौपाई 'दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहु ब्यापा' का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनता की बुनियादी जरूरतें रोटी-कपड़ा और मकान पूरी करने, मन और बुद्धि का सुख देने के साथ आनंद के लिए साधन जुटाने के कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सुशासन संगोष्ठी, "मध्यप्रदेश सुशासन एवं डेवलपमेंट रिपोर्ट" और "सुशासन डायजेस्ट" पत्रिका के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विभिन्न नवाचारों के माध्यम से देश को हर दिशा में आगे ले जा रहे हैं, जिसकी सराहना विश्व स्तर पर हो रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए हमने प्रदेश में विभिन्न पंचायतों का आयोजन किया। पंचायतों के बीच से यह आवाज आई कि जब तक बेटी को बोझ से वरदान नहीं बनाएंगे, तब तक बेटी को लोग आने नहीं देंगे। उसी सोच में से 'लाड़ली लक्ष्मी योजना' निकली। उन्होंने कहा कि मुझे कहते हुए गर्व है कि सेक्स रेशियो अब परिवर्तित हो रहा है। बेटियाँ जन्म ले रही हैं और बेटों की बराबरी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्व-रोजगार के माध्यम से हम प्रदेश की तस्वीर बदल देंगे। महिला सशक्तिकरण के लिए कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।
स्व
-सहायता समूह के माध्यम से बदलेंगे प्रदेश को
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह हमारा आत्मविश्वास है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हम प्रदेश को बदल देंगे। हमारा लक्ष्य है स्वास्थ्य और शिक्षा में बेहतर सुधार करना। उन्होंने कहा कि "एक जिला-एक उत्पाद" को हम क्रियान्वित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग अब गेहूँ नहीं, मोटा अनाज खाना चाहते हैं। हमें मोटे अनाज के उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शोध अगर लोगों तक नहीं जाये, तो उसका कोई फायदा नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास और जन-कल्याण की योजनाओं में हम जनता को साथ लेकर कार्य कर रहे हैं और इसे आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब ही है जनता का शासन जनता के द्वारा चलाया जाना है। पंचायतों में हमने जनता से पूछ कर मध्यप्रदेश के विकास की रणनीति तय की है।
कार्यक्रम में भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री शोम्बी शार्प, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी और डीएआरपीजी के सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में सुशासन के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और योजनाओं की सराहना की। प्रो. श्री चतुर्वेदी ने कहा कि क्वांटीटि के स्थान पर क्वालिटी ऑफ इजुकेशन के बारे में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति विहीन विकास ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की स्वयं की रैंकिंग के लिये सुशासन संस्थान ने इंडेक्सिंग करने के पैमाने तय कर रहा है। उन्होंने प्रदेश में उद्योग बढ़ाने पर भी जोर दिया है। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में कृषि के आधार पर विकास करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश को एक नम्बर पर रखा गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और एनजीओ के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त कर सुशासन की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सुशासन संस्थान की सीईओ श्रीमती जीव्ही रश्मि ने संगोष्ठी के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, एनजीओ, समाज सेवी, विद्वान और सुशासन संस्थान के अधिकारीगण उपस्थित थे।