: गाडरवारा,नवागत संयुक्त संचालक का किया स्वागत
Fri, Jun 27, 2025
नवागत संयुक्त संचालक का किया स्वागत
गाडरवारा। गत दिवस नवागत संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग अरुण इंगले का अल्प प्रवास पर गाडरवारा आगमन हुआ। उनके आगमन पर शिक्षकों ने स्थानीय पलोटन गंज में उनका स्वागत करते हुए मुलाक़ात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नए सत्र को हम सभी चुनौती के रूप में लेकर कार्य करें एवं पिछले सत्र से बेहतर कार्य करें। इस मौक़े पर सेवानिवृत डीईओ अनिल ब्योहार एवं सेवानिवृत प्राचार्य अनूप शर्मा, प्राचार्य प्रतुल इंदुरख्या, एस के मिश्रा, जयमोहन शर्मा, भूपेश ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, महेश अधरुज,नगेन्द्र त्रिपाठी, मधुसूदन पटैल, धनीराम मेहरा आदि उपस्थित रहे।
: संस्कृत को अनिवार्य बनाने की मांग: मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Fri, Jun 27, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
संस्कृत को अनिवार्य बनाने की मांग: मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सिहोरा: संस्कृत भारती, जबलपुर तथा जिला संस्कृत प्रकोष्ठ प्रभारी और संस्कृत शिक्षकों ने आज जबलपुर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक संस्कृत भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने की मांग की गई। 'जयतु संस्कृतम्' और 'जयतु भारतम्' के उद्घोष के साथ सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा सूत्र और बहुभाषिकता पर जोर दिया गया है, और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कृत भाषा अत्यंत आवश्यक है।प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त की कि विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा को त्रिभाषा के विकल्प के रूप में लागू किया जा रहा है, जो प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से त्रिभाषा नीति के लिए हानिकारक है। उनका तर्क है कि संस्कृत भाषा के स्थान पर व्यावसायिक शिक्षा को महत्व देना उचित नहीं है, खासकर जब संस्कृत को भारत की आत्मा माना जाता है। उन्होंने इसे नवीन शिक्षा नीति 2020 के नियमों का उल्लंघन बताया।ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि इस स्थिति में सुधार के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक संस्कृत भाषा को अनिवार्य किया जाए और व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में स्थान दिया जाए, ताकि संस्कृत भाषा का संरक्षण और संवर्धन हो सके। शिक्षकों ने हरियाणा बोर्ड और दिल्ली बोर्ड का उदाहरण भी दिया, जहां संस्कृत विषय को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है, और इसी प्रकार मध्य प्रदेश में भी विद्यालयी शिक्षा विभाग में संस्कृत को अनिवार्य भाषा के रूप में स्थान देने की मांग की।संस्कृत शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि संस्कृत भाषा को वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य भाषा के रूप में स्थान मिलना चाहिए, और उन्होंने कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक संस्कृत को अनिवार्य किए जाने की अपनी बात रखी। इस अवसर पर डॉ. राधिका प्रसाद मिश्रा, अवधनारायण मिश्रा, सत्यनारायण द्विवेदी, चंद्रावली सोनी, सीमा भसीन, शैलेन्द्र पंडा, सत्येन्द्र कुमार दीक्षित, ओम प्रकाश तिवारी, धीरेन्द्र पाण्डेय, कन्हैया कुमार आर्य, चंचल धाणक, दीपक विनायक, आरती झरिया, रिक्खीराम झरिया, विनोद कोरटकर, अर्पित जैन आदि उपस्थित थे।
: उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम: सिहोरा में एकदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
Fri, Jun 27, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम: सिहोरा में एकदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
सिहोरा: उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण एकदिवसीय प्रशिक्षण आज सिहोरा के सांदीपनी पंडित विष्णु दत्त उत्कृष्ट विद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविन्द सिंह धुर्वे एवं सी.एम. प्राचार्य अशोक उपाध्याय के सानिध्य में और बी.आर.सी. प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण का आयोजन विकासखंड सह समन्वयक श्याम राव मंडलेकर के मार्गदर्शन में और सभी संकुल सह समन्वयकों के सहयोग से किया गया। इसमें सिहोरा विकासखंड के सभी शाला प्रभारी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा को विस्तार से समझा।इस अवसर पर जिले से भी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्रीमती अंजनी सेलेट और जिला सह समन्वयक दीपक पटेल प्रमुख थे। इनके साथ जबलपुर नगर से बीआरसीसी एवं विकासखंड सहसमन्वयक केशव दुबे, कुंडम विकासखंड सहसमन्वयक नेतराम झारिया, पनागर से विकासखंड सह समन्वयक विनोद कुमार पटेल, नगर 2 से सह समन्वयक जगत पटेल, जबलपुर ग्रामीण से श्रीमती अमृता कोरी, सिहोरा से बृजेश झारिया,शहपुरा से सह समन्वयक श्रीमती बिंदु गुप्ता और पाटन से सह समन्वयक भास्कर गुप्ता भी मौजूद रहे। इन सभी पदाधिकारियों ने पूरे विकासखंड में शिक्षा और साक्षरता की अलख जगाए रखने हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।कार्यक्रम में बीआरसीसी कार्यालय से सभी बी.ए.सी., सी.ए.सी. और ब्लॉक के सभी नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान, उल्लास नवभारत साक्षरता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्रीमती अंजनी सेलेट द्वारा सम्मानित भी किया गया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सिहोरा विकासखंड में साक्षरता के प्रसार और शैक्षिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।