: गाडरवारा, शिशु मंदिर में जिला स्तरीय विज्ञान मेला सम्पन्न
Tue, Sep 12, 2023
शिशु मंदिर में जिला स्तरीय विज्ञान मेला सम्पन्नगाडरवारा । अखिल भारतीय विध्या भारती शैक्षिक संगठन के महाकौशल प्रांत के संगठन सरस्वती शिक्षा परिषद के तत्वावधान में नरसिंहपुर जिले के समस्त शिशु मंदिरों के भैया बहिनों की गणित और विज्ञान विषयों पर मेला आयोजित किया गया ।इसका उद्घाटन सुनील शर्मा, प्राध्यापक महाविद्यालय गाडरवारा के कर कमलों से सुसंपन्न हुआ तो वही दुसरी ओर कार्यक्रम का समापन संस्था के पुर्व अध्यक्ष अशोक लूनावत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समापन में सभी विजेताओं को श्री लूनावत के कर कमलों से पुरस्कार एवं शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया! और आभार व्यक्त करते हुए संस्था के पूर्व अध्यक्ष व इस आयोजन काआकर्षक स्वरूप प्रदान करने वाले अनूप जी जैन ने सभी अतिथियों सुनील शर्मा, गोपाल मालपानी, अशोक लूनावत, दैवकिशन सोनी, मुरली मालानी को प्रतीक चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आर के कौरव अवकाश प्राप्त विज्ञान प्राध्यापक मार्ग दर्शक के रूप में शामिल रहे । पालक विध्यालय के प्राचार्य दिनेश शर्मा, आचार्य रमेश शर्मा, मुकेश शर्मा, रंजना कठल, धर्मेंद्र सिंह जाट अमित अवस्थी ने आयोजन की सफलता के लिए सक्रिय प्रयास किया गया ।
विध्यार्थीयो में काफी उत्साह और उमंग व्याप्त था , लगभग पचास प्रतिभाशाली प्रतिभागी आयोजन में शामिल हुए ।उल्लेखनीय है कि शिशु मंदिर योजना में नगर से लेकर जिला, विभागीय, प्रांतीय, क्षेत्रीय और अखिल भारतीय स्तर तक शारीरिक, बौध्दिक, शेक्षिक, प्रतियोगिता प्रति वर्ष आयोजित की जाती है ।
: गाडरवारा, कालातीत अवधि के पैकेट कर रहे बच्चों को बीमार, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
Tue, Sep 12, 2023
कालातीत अवधि के पैकेट कर रहे बच्चों को बीमारगाडरवारा । नगर की कालोनियों में अवैध रूप से संचालित दुकानों की जांच कर नगरपालिका द्वारा कार्यवाही की जानी चाहिए।इन दुकानों का नगरपालिका में कोई पंजीयन नहीं है, इन दुकानों में धड़ल्ले से कालातीत अवधि का सामान बेचा जा रहा है । खाद्य विभाग द्वारा भी इन दुकानों की कभी जांच नहीं की जाती है ।आजकल इन दुकानों में चिप्स ,नमकीन, चाकलेट, कुरकुरे जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी होती है, बच्चों को बेच रहे है, जिसे खाकर बच्चे बीमार हो रहे है। इन दुकानदारों द्वारा कचरा संग्रहण हेतु डस्टबिन भी नहीं रखी जा रही है जिससे कालोनियों में पनी, पाउच गंदगी फैला रहे है ।अदिति न्यूज के माध्यम से आम जनता की नगरपालिका एवम खाद्य विभाग से जनहित में गुजारिश है नौनिहालों के स्वास्थ्य की खातिर कालोनियों में गैर कानूनी ढंग से संचालित दुकानों पर ठोस कार्यवाही की जावे।
: अतिथि विद्वान का मासिक वेतन 50 हजार रुपए तक होगा , - मुख्यमंत्री श्री चौहान
Mon, Sep 11, 2023
अतिथि विद्वान का मासिक वेतन 50 हजार रुपए तक होगा
किसी अतिथि विद्वान और व्याख्याता को बाहर नहीं किया जाएगा - मुख्यमंत्री श्री चौहान
https://youtu.be/jqRKwVoX9KI?si=oZc7xHPN3fJEcjTO
अतिथि विद्वान व्याख्याताओं के लिए पीएससी में 25 प्रतिशत पद आरक्षित
अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं की पंचायत में की घोषणाएं
सभी शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वान को कार्य दिवस की बजाय मासिक वेतन दिया जाएगा और वह 50 हजार रुपए तक होगा। तकनीकी शिक्षा के अतिथि विद्वान इसमें शामिल होंगे। अतिथि विद्वानों को शासकीय सेवकों के समान अवकाश की सुविधा मिलेगी। अतिथि प्रवक्ताओं का मानदेय भी 20 हजार रुपये किया जाएगा
एक अकादमिक सत्र में अपने महाविद्यालय के स्थान पर अतिथि विद्वानों को उनके आसपास के महाविद्यालय, जहां वे चाहेंगे, में स्थानांतरण की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं की पंचायत को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं की। उन्होने कहा कि अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं के जीवन की अनिश्चितता को समाप्त करने के लिए राज्य शासन ने ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
श्री चौहान ने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि फॉलेन आउट की नौबत न आए। अतिथि विद्वान व्याख्याताओं के लिए पीएससी की परीक्षा में संशोधित कर 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएंगे। अभी अतिथि विद्वानों को प्रतिवर्ष 4 और अधिकतम 20 अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। इसको बढ़ाकर अधिकतम 10 प्रतिशत तक अंक दिए जाएं। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
श्री चौहान ने कहा कि अब कोई भी अतिथि विद्वान, व्याख्याता जो लगातार पढ़ाने का कार्य कर रहा है उसको बाहर नहीं किया जाएगा। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालय के अतिथि शिक्षक और व्याख्याता भी पात्र होंगे।
निरंतर पढ़ाने का कार्य कर रहे किसी अतिथि विद्वान और व्याख्याता को बाहर नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश काफी बड़ा प्रदेश है, यह देश का दिल है। प्रदेश के इन चार-साढ़े चार हजार लोगों के लिए भी हृदय में स्थान है। विभिन्न वर्गों और अलग-अलग श्रेणियों के अधिकारियों- कर्मचारियों के कल्याण के लिए समय समय पर विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता भी इसके पात्र हैं। उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता हमारे परिवार के अभिन्न अंग हैं। राज्य शासन अतिथि विद्वानों और अतिथि व्याख्याताओं को विभिन्न सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। अतिथि विद्वान और अतिथि व्याख्याता बेहतर शिक्षा देने में जुट जाएं।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र शर्मा, सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री शिव कुमार चौबे और मध्यप्रदेश ग्रामीण/ शहरी असंगठित कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जब दौरे में दो बहनों ने किया ध्यानाकर्षण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि जब वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में दौरे पर रहते हैं तो जन समस्याओं की जानकारी भी मिलती है। एक बार दौरे के समय एक महाविद्यालय के उद्घाटन के बाद दो बहनें मिलने का प्रयास कर रही थीं। सुरक्षा कर्मियों के रोके जाने के बाद भी वे अपनी बात कहने के लिए आगे बढ़ रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर उनकी तकलीफ की जानकारी मिली। कार्यक्रम पूरा होने के बाद प्राचार्य के कक्ष में चाय पीने का अनुरोध किया गया। वहीं मैंने बहनों को बुलाकर उनसे चर्चा की। यह दोनों बहनें अतिथि व्याख्याता थीं। इनकी समस्या सुनकर संकल्प ले लिया था कि इस वर्ग की आंखों में आंसू नहीं आने दूंगा। इन दोनों बहनों के ध्यानाकर्षण किए जाने के पश्चात संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए गये हैं। आज अतिथि विद्वानों और व्याख्याताओं के लिए आवश्यक निर्णयों को लेने का संयोग हुआ है।