: गाडरवारा,जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में नंद उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ मनाया
Mon, Sep 11, 2023
जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में नंद उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ मनायामाहेश्वरी महिला मंडल, गाडरवारा द्वारा जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में नंद उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया l उत्सव की शुरुआत श्री कृष्ण के भजनों के साथ की गई एवं लाला के जन्म की मंगल बधाइयां गायी गयी l अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा जी काबरा ने बताया की श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दूसरे दिन भाद्रपद मास की नवमी को नंदोत्सव मनाया जाता है। इस दिन कृष्ण भक्त नाच-गाकर कन्हैया की बलैया लेते हैं, भगवान कृष्ण को गाय बहुत पसंद थी, इसीलिए उन्हें गोपाल भी कहा जाता है। सभी सखियों ने पालना उत्सव के मंगल दर्शन कर लाला को झूला झुलाया एवं माखन मिश्री का भोग लगाया l पालना उत्सव में श्रीमती अनीता जी मालानी एवं संपूर्ण मालानी परिवार का विशेष सहयोग रहा l सभी सखियों के उत्साह और सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ l सचिव लक्ष्मी काबरा नै सभी को यथायोग्य धन्यवाद देते हुए आगामी कार्यक्रमों में सभी की सक्रियता के लिए आग्रह किया गया ।
: गाडरवारा, महिलाओं ने बछ बारस पर गाय बछड़े की पुजा की
Mon, Sep 11, 2023
महिलाओं ने बछ बारस पर गाय बछड़े की पुजा कीगाडरवारा ।स्थानीय माहेश्वरी और राजस्थानी समाज की महिलाओं व्दारा सामुहिक रूप से विभिन्न स्थानों पर लोकपरम्पराओ के संवर्धन की दिशा में बछ - बारस मनाई गई ।भादो कृष्ण पक्ष की गोवत्स व्दादशी बछ बारस पर गाय बछड़े की पुजा की जाती है । इस दिन विवाहित महिलाएं पुत्र प्राप्ति और पुत्र है तो उसकी सलामती, लंबी उम्र, और परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना करते हुए उपवास किया करती है । ऐसी प्रथा है कि इस दिन चाकू से कटा हुआ न बनाती है न खाती है तो वही दूसरी ओर बाजरे की रोटी जिसे सोकरा भी कहा जाता है के साथ अंकुरित अनाज की सब्जी बनाई जाती है । साथ ही गाय के दूध का सेवन किया जाना निषेध माना गया है । उल्लेखनीय है कि सैकड़ों वर्षों से सभी आयु की मातायें. बहिनों व्दारा इस लोकरचना के इस पावन पर्व को उत्साहित होकर मनाया जा रहा है ।
: गाडरवारा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शाखा संगम सम्पन्न
Mon, Sep 11, 2023
गाडरवारा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शाखा संगम सम्पन्नगाडरवारा । संघ शाखा व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है, शाखा के शारीरिक, बौद्धिक, व्यायाम, खेल आदि विभिन्न कार्यक्रमों के व्दारा स्वयंसेवक के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है, इसी परिकल्पना को द्रष्टिगत रख संघ शताब्दी वर्ष और हिन्दू राष्ट्र के प्रथम उद्घोषक प्रेरणादायी संवाहक महाराज शिवाजी की तीन सौ पचास वीं जयंति कार्यक्रम के आयोजनों को ध्यान में रखकर नगर की समस्त शाखाओं का संगम कार्यक्रम उत्साहित वातावरण में सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर शाखा कार्यक्रमों के बाद महाकौशल प्रांत प्रचारक माननीय बृजकांतजी ने अपने बौद्धिक में स्वयंसेवकों को संघ स्थापना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए हिन्दू स्वराज के जनक महाप्रतापी महाराज शिवाजी ने हिन्दू स्वराज की स्थापना के लिए किये गये सदप्रयासो, संघर्ष, और जनमन को संगठित करने के लिए दिए योगदान को बताते हुए. शिवाजी महाराज का तीन सौ पचास वा जन्मदिन लोकव्यापी तरीके से मनाये जाने का स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन किया । इस अवसर पर खंड कार्यवाह महेंद्र प्रताप सिंह ठाकुर, जिला कार्यवाह प्रहलादजी, हरिप्रताप ममारजी, बंसत जोशी, प्रशांत जी जिला प्रचारक, पांचजन्य पत्रिका के प्रमुख श्री राय आदि प्रमुख दायित्ववान उपस्थित थे ।