Wednesday 5th of August 2026

ब्रेकिंग

60 प्रतिशत मूंग उपार्जन वाले किसानों को मिलेगी केंद्र परिवर्तन की सुविधा

गौ सम्मान आव्हान अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक गो-प्रतिष्ठा संकल्प कांवड़ यात्रा संपन्न

नरसिंहपुर गाडरवारा के आसपास के ग्रामीणों ने SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर की अवैध वसूली गए रू.वापिस कराने की मांग की

मप्र.पटवारी संघ भोपाल के आवाहन पर गाडरवारा एवं सांईखेड़ा के पटवारी बस्ता जमा कर हड़ताल पर बैठे

गाडरवारा में मूंग खरीदी व्यवस्था में सुधार एवं किसानों की समस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन

: नरसिंहपुर,जिले के प्रगतिशील कृषकों से कलेक्टर ने की मुलाकात

Aditi News Team

Fri, Oct 28, 2022
जिले के प्रगतिशील कृषकों से कलेक्टर ने की मुलाकात नरसिंहपुर। कलेक्टर श्री रोहित सिंह गुरूवार को जनपद पंचायत गोटेगांव के भ्रमण पर रहे। उन्होंने ग्राम पंचायत करकबेल के प्रगतिशील कृषक श्री नारायण सिंह पटैल एवं मानेगांव के कृषक श्री ठा. इंद्रभूषण सिंह के खेतों का अवलोकन किया। प्रगतिशील कृषक श्री नारायण पटैल द्वारा अपने खेतों में गन्ने की फसल लगाई गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 10 एकड़ भूमि पर उन्होंने गन्ने की 16 किस्में लगाई है, जिसमें 12029 एवं 9004 किस्में शामिल हैं। वे जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं। फसलों में वे किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। भू- जल संरक्षण की दिशा में उन्होंने अपने खेत में बोरवेल लगाया है। वर्षा जल को वह संचित करते हैं, जिससे भू- जल का स्तर अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक है। अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपने खेतों में सोलर प्लांट भी लगाया है। इसका भी कलेक्टर श्री सिंह ने अवलोकन किया। मानेगांव में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक श्री ठा. इंद्रभूषण सिंह ने बताया कि उन्होंने इस समय धान एवं गन्ने की फसल बोई है। लगभग 8 एकड़ में वे गेहूं एवं चना भी लगाते हैं। विगत 6 वर्षों से वे प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। अच्छी पैदावार के लिए वे फसलों में जीवामृत का भी इस्तेमाल करते हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि एक जिला- एक उत्पाद के अंतर्गत पिछले वर्ष भोपाल एवं इंदौर में आयोजित मेले में जिले की गाडरवारा की तुअर दाल एवं जैविक गुड़ भेजा गया था। इसे लोगों ने काफी पसंद किया और इसकी भरपूर मांग रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उत्पादों को प्रदेश एवं देश में पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसान भी इस पद्धति का प्रयोग करें। यह भूमि की उर्वरा क्षमता को बेहतर बनाता है एवं उत्पादन भी बेहतर होता है।

Tags :

जरूरी खबरें