: Bhopal महिला उद्यमियों को मिलेगा भरपूर प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Fri, Mar 25, 2022
जिलों में महिला उद्यमियों के बनाए जाएंगे लिए पृथक इंडस्ट्रियल क्लस्टर,
वर्तमान नियमों में संशोधन कर बढ़ाएंगे सुविधाएँ,
मावे के तीन दिवसीय अधिवेशन स्वीप-2022 का शुभारम्भ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए नए लाभकारी प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए प्रचलित योजनाओं में जरुरी संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना प्रारंभ होगी। भोपाल और इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए अलग इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाया जाएगा। जिलों में एमएसएमई सेक्टर में प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए क्लस्टर आरक्षित करने की व्यवस्था की जाएगी। नई स्टार्टअप नीति में भी महिला उद्यमियों के लिए सुविधाएँ बढ़ाने के प्रावधान रहेंगे। स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज में महिला उद्यमियों को विशेष सुविधा, जबलपुर और अन्य स्थान पर मल्टी स्टोरीज फैक्टरी कॉम्पलेक्स के निर्माण सहित मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष की स्थापना भी होगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश महिला उद्यमी संगठन की कॉन्फ्रेंस 'स्वीप 2022' का शुभारंभ कर रहे थे। इसका आयोजन एमपी एसोसिएशन ऑफ वूमेन
इंटरप्रेन्योर (मावे) ने किया था।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जब तक
महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक महिलाएँ तेजी से प्रगति नहीं कर सकती हैं। मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण की प्रयोग भूमि है। आज से करीब 15 -16 वर्ष पूर्व तक मध्यप्रदेश में लिंगानुपात चिंता का विषय था। सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं के प्रति भेदभाव देखा जाता था। वर्ष 2001 में प्रति एक हजार पुरुषों के पीछे 901 महिलाएँ थी, जो आज बढ़ कर 956 हो गई हैं। भारत सरकार के अभिलेखों में इसका उल्लेख है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य यह है कि यह संख्या एक हजार पर एक हजार हो। बेटियाँ संख्या में समान हो जाएं। लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों को लखपति बनाने वाली योजना है। पढ़ने के लिए किताबें, स्कूल जाने के लिए साइकिल और कक्षा 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने पर बिटिया गाँव की बेटी कहलाती है। सभी तरह की उच्च शिक्षा के लिए बेटियों का शिक्षा व्यय मध्यप्रदेश सरकार उठाएगी।
महिला स्व-सहायता समूहों की ताकत
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण और पुलिस में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण किया गया है। इंदौर ने 5 बार स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है, जिसका श्रेय इंदौर की महापौर रही श्रीमती मालनी गौड़ को भी है। राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नहीं अनके कदम उठाए हैं, ताकि हमारी बहनें तेजी से आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में महिलाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है। स्व-सहायता समूहों के महासंघ को पोषण आहार सामग्री के सात संयंत्रों के संचालन का जिम्मा दिया गया है। ये महासंघ 800 करोड़ रुपए का कारोबार कर रहा है। मध्यप्रदेश में 40 लाख स्व-सहायता समूह की हमारी बहनें हैं और इनका कुल 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है। मध्यप्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों की सम्पत्ति नष्ट करने का कदम उठाया गया है। दुराचारी को फाँसी का प्रावधान है।
जीआईएस में आएँ महिला उद्यमी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाएँ शक्ति का पुंज हैं, श्रद्धा हैं। वे अबला नहीं हैं। महिलाएँ हर क्षेत्र में पारंगत होती हैं। बड़ी संख्या में हमारी बहनें महिला उद्यमी बन सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं रहेगी। उन्हें उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रेनिंग, ट्रेडिंग, कॉउंसिलिंग संबंधी कार्यों में पूरा सहायोग दिया जाएगा। मध्यप्रदेश देश का दिल है। यहाँ भूमि की उपलब्धता है, पानी और बिजली है, निवेशक प्रोत्साहन नीतियां हैं और प्रशासन सहयोगी है। जो मध्यप्रदेश आता है यही का होकर रह जाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मावे के अधिवेशन में आईं महिला उद्यमियों को आगामी 4,5, और 6 नवम्बर को इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त भारतीय महिलाओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
वूमेन का अर्थ बताया मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वूमेन का अर्थ डब्ल्यू अर्थात विल पावर (दृढ़ इच्छाशक्ति), ओ का अर्थ आर्गनाइज (हमेशा व्यवस्थित), एक का अर्थ मास्टर अर्थात हर क्षेत्र में पारंगत, ई का अर्थ इंटरप्रेन्योर (अपने बलबूते उद्यम स्थापित करने) और एन का अर्थ नोबल अर्थात ईमानदार और ममतामयी होने से है।
अधिवेशन में जिनेवा से आए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के डॉ. श्री शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि महिला उद्यमियों का प्रोत्साहन आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश और भी अधिक उपलब्धियाँ अर्जित करेगा।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि महिलाएँ प्रबंधन की जानकार होती हैं। कम संसाधनों में वे परिवार के प्रबंधन के कार्य कर लेती हैं। महिला उद्यमियों की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान महिला सशक्तिकरण के पक्षधर हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा,पोषण, स्वास्थ्य आदि की चिंता कर योजनाओं को लागू किया है। शिक्षित महिला श्रेष्ठ उद्यमी बनने की संभावना रखती है। प्रदेश में निर्यात परिषद भी गठित की गई है, जिसका लाभ महिला उद्यमियों को प्राप्त होगा।
विभिन्न देशों की प्रतिनिधियों की भागीदारी
अधिवेशन में मावे की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना भटनागर ने स्वागत उद्बोधन और संगठन की गत 22 वर्ष की यात्रा का ब्यौरा दिया। उपाध्यक्ष श्रीमती भवना मदान, सुश्री सतरुपा, सदस्य सीमा स्वामी, श्वेता, हर्षिता, ऊषा चंदा के अलावा मालदीव की मरयम शकीला, यूएन की कांता सिंह, इजिप्ट की डा.ओम निया, नेपाल की नीरु खत्री, श्रीलंका की अयांथी, डा. सुलोचना आदि उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आयोजन स्थल पर महिला उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों के स्टाल्स भी देखे। उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत की और कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत प्रेरक गीत “हम होंगे कामयाब” भी सुना और उनकी सराहना की।
: नरसिंहपुर, जिला उपार्जन समिति की बैठक सम्पन्न
Fri, Mar 25, 2022
जिला उपार्जन समिति की बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर।
जिला उपार्जन समिति की बैठक कलेक्टर श्री रोहित सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को सम्पन्न हुई। बैठक में चना, मसूर एवं सरसों एवं गेहूं उपार्जन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गेहूं खरीदी की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने जिला प्रबंधक मार्कफेड को 20 सर्वेयर की शासन से मांग करने के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर ने निर्देशित किया गया कि नवीन उपार्जन नीति का वीडियो तैयार कराकर कृषकों के लिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध करायें, ताकि अधिकाधिक किसानों को इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही वे सुविधानुसार अपनी उपज की बिक्री के लिए अपने स्लाट की बुकिंग कर सकें।
कलेक्टर ने जिला नापतौल अधिकारी को निर्देशित किया कि वे सभी उपार्जन केन्द्रों के तौल कांटों का तत्काल निरीक्षण सुनिश्चित करें। इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसमें सुधार करायें। उन्होंने जिला प्रबंधक वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन को निर्देशित किया कि निर्धारित गुणवत्ता के चना एवं मसूर की शतप्रतिशत खरीदी उपार्जन केन्द्रों पर ही करें। गेहूं की खरीदी गोदाम स्तर पर ही अधिकाधिक करें, जिससे शासन को कम से कम परिवहन करवाना पडे़।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए 36915 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो गत वर्ष हुए 48580 पंजीयन की तुलना में 11665 कम है। इस वर्ष जिले में 2.50 लाख मी.टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए 95 खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें से 36 गोदाम स्तर पर है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर खरीदी के लिए 26 खरीदी केन्द्र बनाये हैं। ये सभी केन्द्र गोदाम स्तर पर है। जिले में 21 मार्च से चना, मसूर की खरीदी प्रारंभ हो गई है। अब तक तीन उपार्जन केन्द्रों में 31.50 क्विंटल चना का उपार्जन किया गया है और 5 सर्वेयर जिले को प्राप्त हुए हैं।
महाप्रबंधक सीसीबी श्री आरसी पटले ने बैठक में बताया कि इस वर्ष गेहूं उपार्जन नीति में शासन द्वारा बदलाव किया गया है। अब किसानों को स्वत: अपने- अपने स्लाट की बुकिंग करना होगा। इसके लिए किसान संबंधित तहसील में सुविधाजनक केन्द्रों में स्लाट बुकिंग कर सकते हैं। अपनी उपज की बिक्री के लिए किसानों को एसएमएस मिलेगा। उसी नियत तिथि में ही कृषक को प्राप्त एसएमएस के आधार पर अपनी उपज को विक्रय करना होगा। एक कृषक को एक ही बार में ही अपनी संपूर्ण उपज का विक्रय करना होगा। साथ ही शासन की उपार्जन नीति के तहत शतप्रतिशत कृषकों को आन पेमेंट बेसिस उपज को छन्ना लगवाना होगा। अच्छी क्वालिटी का गेहूं ही शासन क्रय करेगा।
: मध्यप्रदेश का कनक समान गेहूँ अब विश्व की मंडियों में बिखेरेगा अपनी चमक - मुख्यमंत्री
Thu, Mar 24, 2022
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं गेहूँ निर्यातकों के साथ दिल्ली में की बैठक ,मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं गेहूँ निर्यातकों के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश के गुणवत्तापूर्ण गेहूँ के अंतरराष्ट्रीय निर्यात में वृद्धि के संवंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनाज की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश के किसानों को ज़्यादा से ज़्यादा लाभ प्राप्त हो सके, इस ओर प्रदेश सरकार एवं गेहूँ निर्यातक मिल कर सघन प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हमारे संयुक्त प्रयास से मध्यप्रदेश का कनक समान गेहूँ विश्व की मंडियों में अपनी चमक बिखेरेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूँ का उत्पादन प्रदेश की ताकत है, इसे पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट करना है। इसके लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश का जो गेहूँ निर्यात किया जाएगा, उस पर मंडी टैक्स नहीं लगाया जाएगा। भोपाल में एक्सपोर्ट सेल के जरिए निर्यातकों को हर सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। प्रदेश में एक लाइसेंस पर कोई भी कंपनी या व्यापारी कही से भी गेहूँ खरीद सकेगा। मंडी में ऑनलाइन नीलामी की प्रकिया उपलब्ध है, निर्यातक किसी स्थानीय व्यक्ति से पंजीयन करवा कर गेहूँ खरीद सकते हैं। गेहूँ के वैल्यू एडिशन और गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए प्रदेश की प्रमुख मंडियों में इंफ्रा-स्ट्रक्चर और लेब आदि की सुविधाएँ निर्यातकों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रमुख मंडियों में एक्सपोर्ट हाउस के लिए यदि निर्यातकों को जगह की जरुरत होगी, तो अस्थाई तौर पर रियायती दरों पर मुहैया करवाएंगे। निर्यातक को गेहूँ की ग्रेडिंग करना पड़ी, तो इसके खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि रैक की कोई समस्या नहीं आएगी, निर्यातक किसी भी पोर्ट से अपना गेंहूँ निर्यात कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से प्रदेश के गेहूँ का निर्यात बढ़ेगा और मध्यप्रदेश के किसानों को अधिक लाभ होगा। इस बार भी सरकार की कृषि उन्मुखी नीतियों और किसानों की मेहनत के बल पर प्रदेश में बंपर फसल आ रही है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री फ़ैज़ अहमद किदवई, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री संजय शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।