Saturday 31st of October 2026

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मऊ में दुष्कर्म के पुराने मुकदमे को प्रभावित करने की साजिश का खुलासा, आरोपी सिपाही विशाल भारती समेत चार गिरफ्तार

आरोपी फर्जी लोन और स्कॉलरशिप दिलाने के नाम पर खासकर दक्षिण भारत के लोगों को फोन कर ठगी का शिकार बनाते थे।

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झूठा दुष्कर्म मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का पर्दाफाश : मऊ में दुष्कर्म के पुराने मुकदमे को प्रभावित करने की साजिश का खुलासा, आरोपी सिपाही विशाल भारती समेत चार गिरफ्तार

Aditi News Team

Sat, Oct 31, 2026

मऊ में दुष्कर्म के पुराने मुकदमे को प्रभावित करने की साजिश का खुलासा,

आरोपी सिपाही विशाल भारती समेत चार गिरफ्तार

मऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में दुष्कर्म के एक पुराने मुकदमे को प्रभावित करने और पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने के लिए कथित तौर पर झूठा दुष्कर्म मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में आरोपी सिपाही विशाल भारती सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, कोतवाली नगर पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान सिपाही विशाल भारती, सकीना खातून, निसार उर्फ नेसार अहमद और जोया उर्फ गुल निहार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

**2023 में नाबालिग ने सिपाही पर लगाए थे गंभीर आरोप**

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन पुलिसकर्मी विशाल भारती के खिलाफ दुष्कर्म और अंतरंग वीडियो प्रसारित करने के आरोप लगाए थे। लड़की की शिकायत पर 7 जुलाई 2023 को मुहम्मदाबाद गोहना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई हुई थी।

इस प्रकरण में विशाल भारती करीब सात महीने जेल में रहा था। फिलहाल मामला मऊ की सेशन कोर्ट में विचाराधीन है और उसमें सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है।

**पीड़िता के पिता के खिलाफ दर्ज कराया गया दूसरा मुकदमा**

पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को सकीना खातून की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में मोहम्मद इमरान अहमद के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था।

जांच के दौरान प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह को इस शिकायत के पीछे साजिश होने का संदेह हुआ। पुलिस का दावा है कि सिपाही विशाल भारती ने पुराने मुकदमे में पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने और चल रही सुनवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से सकीना खातून को रुपये का लालच दिया। इसके बाद इमरान अहमद के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।

**कॉल डिटेल और बैंक खातों से खुला कथित षड्यंत्र**

एसपी के मुताबिक, पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों की जांच की। जांच में आरोपियों के बीच लगातार बातचीत, पैसों के लेनदेन और मुलाकातों से जुड़े तथ्य सामने आए। पुलिस का कहना है कि इस साक्ष्य के आधार पर विशाल भारती, सकीना खातून, निसार और जोया की भूमिका उजागर हुई।

पुलिस ने नए मुकदमे में दर्ज धाराओं में बदलाव करते हुए कथित साजिश से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। मोहम्मद इमरान अहमद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में गलत पाए जाने की बात भी पुलिस ने कही है।

**पुलिस टीम को मिलेगा 10 हजार रुपये का इनाम**

एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि फर्जी मुकदमे के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले का खुलासा करने वाली कोतवाल प्रमेन्द्र सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, वर्ष 2023 में नाबालिग द्वारा सिपाही के खिलाफ दर्ज कराया गया मूल दुष्कर्म का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

उत्तर प्रदेश पुलिस

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