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एसडीएम को लिखित शिकायत के बावजूद जांच के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

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किसान मित्र योजना में शिकायत के 15 दिन बाद भी जांच नहीं! : एसडीएम को लिखित शिकायत के बावजूद जांच के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

Aditi News Team

Sun, Aug 16, 2026

किसान मित्र योजना में शिकायत के 15 दिन बाद भी जांच नहीं!

एसडीएम को लिखित शिकायत के बावजूद जांच के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

गाडरवारा। मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना के तहत बिजली कनेक्शन के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में शिकायत के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। चिचली विद्युत केंद्र के आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों द्वारा करीब 15 दिन पूर्व एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक शिकायतकर्ताओं के बयान या मौके की जांच के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत निर्धारित राशि में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन उनसे कथित तौर पर अधिक राशि लिए जाने की शिकायत की गई। इसी मामले को लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी।

15 दिन बीते, लेकिन जांच की रफ्तार कहां है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीणों ने स्वयं सामने आकर लिखित शिकायत दी, तो आखिर 15 दिन बीत जाने के बाद भी जांच शिकायतकर्ताओं तक क्यों नहीं पहुंची?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत गलत है तो जांच के बाद तथ्य सामने आने चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच में देरी से शिकायतकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मामले को गंभीरता से लिया भी जा रहा है या नहीं।

लाखों के कथित घोटाले में सिर्फ जांच का आश्वासन?

मामले में यदि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं से राशि लिए जाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर विषय हो सकता है। ऐसे में केवल कर्मचारियों के स्थानांतरण या जांच की औपचारिकता पर्याप्त होगी या नहीं, यह भी बड़ा सवाल है।

ग्रामीणों की मांग है कि जांच निष्पक्ष अधिकारी से, समयबद्ध तरीके से और शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में कराई जाए। साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाए।

अब सवाल सीधे बिजली विभाग और प्रशासन से है—शिकायत के 15 दिन बाद भी जांच क्यों नहीं? आखिर जांच शुरू होने का इंतजार कब तक?

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