नरसिंहपुर दिगम्बर जैन महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन : जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के इंतजाम एवं रीवा में दुर्घटना के दोषी को गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलवाने के संबंध में
Aditi News Team
Fri, May 22, 2026
नरसिंहपुर दिगम्बर जैन महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
यह ज्ञापन नरसिंहपुर जिला कलेक्टर, एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सौंपा गया
मध्यप्रदेश में पदबिहार कर रहे जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के इंतजाम एवं रीवा में दुर्घटना के दोषी को गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलवाने के संबंध में ज्ञापन
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि अत्यंत दुःख और भारी मन से यह विषय आपके संज्ञान में ला रहे हैं कि मध्य प्रदेश में पद बिहार कर रहे जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा में हुई चूक के कारण एक अत्यंत हृदय विदारक दुर्घटना हो गई है। दिनांक 20 मई 2026 बुधवार को रीवा में सुबह लगभग 6:00 बजे शौच के लिए जा रही आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित शिष्याएं 105 आर्यिका श्रुतमती माताजी एवं 105 आर्यिका उपसममती माताजी की सड़क हादसे में असामयिक समाधि (मृत्यु) हो गई है। इस भीषण दुर्घटना से संपूर्ण देश की जैन समाज अत्यंत आक्रोशित एवं गहन शोक में है।
घटना का विवरण आर्यिका संघ ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए रीवा में प्रवासर तथा, प्रतिदिन शौच (शुद्धि) के लिए रीवा कलेक्ट्रेट के सामने सिविल लाइन थाने के पास से जाती थी। बुधवार 20 मई की सुबह भी वह शौच के लिए जा रही थी तब ही अचानक तेज रफ्तार से कार आई और आर्यिकाओं को टक्कर मार दी और ड्राइवर रुके बिना कार लेकर भाग गया। इससे प्रतीत होता है कि यह कोई आकस्मिक मानवीय त्रुटिसे हुई दुर्घटना नहीं थी बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य है। सकल जैन समाज नरसिंहपुर आपसे मांग करती है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच करा के अपराधी को कठोर सजा दिलाई जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जैन साधु साध्वियां पूर्ण तरह अपरिग्रही होते हैं और वह आजीवन पदविहार (पैदल) ही यात्रा करते हैं। उनके पद बिहार के समय एवं सुबह और शाम नित्यक्रिया के दौरान दुर्घटनाओं का सातरा अत्यधिक बढ़जाता है।
उक्त ज्ञापन से यह मांग की गई है कि इस विषय को संवेदनशीलता से लेते हुए पूरे मध्य प्रदेश में पद विहार कर रहे जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन-प्रशासन, पुलिस बल को तत्काल कड़े निर्देश जारी करने की कृपा करें। जिससे उनके पदविहार के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था रहे और उनका सुरक्षित पदविहार सुनिश्चित हो सके। यह केवल धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा ही नहीं होगी बल्कि भारतीय संविधान की उस भावना का सम्मान भी होगा जो प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित धार्मिक आचरण करने का अधिकार प्रदान करती है। संत किसी समाज की धरोहर नहीं होते हैं वे राष्ट्रकी नैतिक चेतना होते हैं जब तपस्वियों का अपमान होता है तो वास्तव में समाज की आत्मा आहत होती है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना
नरसिंहपुर दिगम्बर जैन महासभा