करेली में मनाई सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती : सर्वसमाज ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दिया एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का संदेश
Aditi News Team
Sun, Nov 1, 2026
करेली समरसता स्मारक में मनाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल की 151 वीं जयंती
सर्वसमाज ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दिया एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का संदेश
नरसिंहपुर , करेली। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के समीप करेली स्थित समरसता स्मारक में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर सर्वसमाज के लोगों ने सहभागिता करते हुए सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा उपस्थित वरिष्ठजनों का माल्यार्पण कर सम्मान किया।कार्यक्रम के माध्यम से समाज में एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। उपस्थितजनों ने सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित और समाजहित में कार्य करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला संचालक माननीय आदित्य मोहन जी पटेल, प्रांत के सह-समरसता प्रमुख राकेश जी उदेनिया, पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश जी सोनी तथा नरसिंहपुर के खुरपे अन्ना जी धुरेलिया सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा समाज : आदित्य मोहन पटेल जिला संचालक आदित्य मोहन जी पटेल ने अपने उद्बोधन में सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारा और एकता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन हमें समाज को एकजुट रखने, आपसी मतभेदों से ऊपर उठने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और आपसी सहयोग में निहित होती है। यदि समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर आगे बढ़ें, तो अनेक चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सकता है। सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, संगठित और समरस समाज का निर्माण संभव है।सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक रहने का आह्वान प्रांत के सह-समरसता प्रमुख राकेश जी उदेनिया ने सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकजुटता पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि समाज को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एकता, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देशों में हिंदू समुदाय की स्थिति का उल्लेख करते हुए समाज को संगठित रहने तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाना है। जब समाज में परस्पर सम्मान और एकजुटता की भावना मजबूत होती है, तभी राष्ट्र की एकता और अखंडता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
सरदार पटेल की प्रतिमा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की याद दिलाती है : कैलाश सोनी पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश जी सोनी ने कहा कि करेली के समरसता स्मारक में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा उनके महान व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान की याद दिलाती है।सरदार पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।
उनके जीवन से हमें सभी वर्गों को साथ लेकर चलने, आपसी मतभेदों को दूर करने और राष्ट्र की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने की सीख मिलती है।
करेली का समरसता स्मारक भी समाज को एकता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक खुरपे अन्ना जी धुरेलिया ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने व्यक्तिगत परिस्थितियों से ऊपर उठकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
उनका जीवन देश और समाज के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है। इस दौरान उनके पिता की प्रतिमा के संबंध में भी जानकारी साझा की गई तथा उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के जीवन और उनके योगदान को याद करना केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
नई पीढ़ी तक पहुंचाए जाएंगे सरदार पटेल के विचार कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलने तथा समाज में एकता, भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एक परिवार की भावना से रहना चाहिए।
सामाजिक समरसता तभी मजबूत होगी, जब प्रत्येक व्यक्ति दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सद्भाव का व्यवहार करेगा। उल्लेखनीय है कि करेली स्थित समरसता स्मारक में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के साथ चार अन्य प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान इन प्रतिमाओं तथा उनसे जुड़े स्थलों के महत्व पर भी चर्चा की गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना, उनके राष्ट्रनिर्माण संबंधी योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना और समाज में राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता की भावना को प्रबल करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र जी गुप्ता ने किया, जबकि अंत में प्रताप पटेल ने उपस्थित अतिथियों एवं सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी करेली
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी