लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला अंर्तराज्जीय ठग पुलिस गिरफ्त में : आरोपी द्वारा शातिर तरीके से बीमा, डीडी, जीएसटी, खाता परिवर्तन एवं लोन फीस आदि के नाम पर पैसे मांगता था
Aditi News Team
Tue, Apr 21, 2026
नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी सफलता,
लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला अंर्तराज्जीय शातिर ठग पुलिस गिरफ्त में।
• फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनी के नाम के पोस्टर से भ्रमित होकर प्रार्थी हुआ ठगी का शिकार।
• आरोपी द्वारा शातिर तरीके से बीमा, डीडी, जीएसटी, खाता परिवर्तन एवं लोन फीस आदि के नाम पर पैसे मांगता था।
• आरोपी फर्जी नामों का उपयोग कर लोगों को बनाता था शिकार।
• आरोपी द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनी के नाम के पोस्टर लगाए गए।
• ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए आरोपी द्वारा अन्य लोगों के खातों का किया जाता था इस्तेमाल।
• कॉल सेंटर में कार्यरत टेली-कॉलर युवती को भी आरोपी ने गुमराह कर कराया काम।
• शातिर ठग बताता है अपने आप को एक प्रोफेशनल किक्रेट प्लेयर।
प्रार्थी ओंकार प्रसाद चौधरी निवासी नरसिंहपुर द्वारा दिनांक 02.02.2026 को आवेदन पत्र प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि उसके साथ कुछ व्यक्तियों द्वारा लोन दिलाने के नाम से लगभग 93,900 रूपयों की धोखाधड़ी की गयी है।
पुलिस अधीक्षक ने शिकायत को लिया गंभीरता से जांच हेतु गठित की गई विशेष टीम : उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक, श्री संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में एवं एसडीओपी, नरसिंहपुर, श्री मनोज गुप्ता के नेतृत्व में तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संबंधित व्यक्तियों, बैंक खातों एवं लेन-देन की जानकारी एकत्रित कर विस्तृत जांच की गयी।
फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनी के नाम के पोस्टर से भ्रमित होकर प्रार्थी हुआ ठगी का शिकार : जांच में यह बात सामने आयी कि मार्च 2025 में रेलवे स्टेशन परिसर की दीवारों पर आर.बी.एल. फाइनेंस बैंक के नाम से पोस्टर लगे हुए थे। जिसे देखकर प्रार्थी द्वारा उक्त पोस्टर पर लिखे मोबाइल नंबर पर कॉल किया। जिस पर एक महिला ने कॉल उठाया प्रार्थी द्वारा उक्त महिला से 5,00,000/- रुपये का लोन लेने के संबंध में बात की। तब उसने कहा गया कि बैंक के प्रबंधक अमेर पवार से लोन के संबंध में बात कर लें।
इसके बाद प्रार्थी द्वारा महिला के बताए अनुसार नम्बर पर कॉल किया गया तो कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमेर पवार बताया और कहा कि लोन लेने के लिए अपने दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड, समग्र आईडी तथा बैंक पासबुक भेज दें। इसके बाद प्रार्थी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज भेज दिए।
आरोपी द्वारा शातिर तरीके से बीमा, डीडी, जीएसटी, खाता परिवर्तन एवं लोन फीस आदि के नाम पर पैसे मांगे गए : इसके पश्चात आरोपी द्वारा प्रार्थी को गुमराह कर बीमा, डीडी, जीएसटी, खाता परिवर्तन तथा लोन फीस आदि विभिन्न कारण बताकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही। उनके कहने पर प्रार्थी द्वारा कुल 93,900/- रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से भुगतान किए, जिसमें से कुछ राशि फोन-पे के माध्यम से तथा कुछ राशि ऑनलाइन दुकान पर जाकर ट्रांजेक्शन कर भेजी गई।
आरोपियों द्वारा लोन दिलाने के नाम से लगातार की रही थी रूपयों की मांग : प्रार्थी से 93,900/- रुपये लेने के बाद आरोपी अमेर पवार द्वारा फिर से खाते के वेरिफिकेशन के लिए 5500/- रुपये और देने की मांग की गयी पैसे देने से प्रार्थी द्वारा मना करने पर आरोपी द्वारा प्रार्थी करे भोपाल बुलाया गया जिस पर प्रार्थी अपने पत्नि के साथ आरोपी से मिलने भोपाल भी गया किंतु भोपाल पहुंचकर प्रार्थी को भ्रमित कर उसे मिलने हेतु अलग-अलग स्थानों पर बुलाने लगा किंतु आरोपी प्रार्थी से नही मिला।
आरोपी फर्जी नामों का उपयोग कर लोगों को बनाता था शिकार : पुलिस टीम द्वारा जांच के दौरान तकनीकी माध्यमों से जानकारियों को एकत्रित की गयी जिसके माध्यम से जानकारी मिली कि प्रार्थी के साथ ठगी करने वाला व्यक्ति देवकीनंदन कपूर है जो दिल्ली का रहने वाला है एवं दिल्ली में एक कॉल सेन्टर बनाकर रखा हुआ है जो आमजनों को ठगी का शिकार बनाता था।
पुलिस टीम द्वारा जांच के दौरान तकनीकी माध्यमों से जानकारियों को एकत्रित की गयी जिसके माध्यम से जानकारी मिली कि प्रार्थी के साथ ठगी करने वाला व्यक्ति देवकीनंदन कपूर है जो दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस टीम को जानकारी मिलने पर दिल्ली रवाना किया गया जिसके द्वारा आरोपी को जैन नगर, कराला, थाना बेगमपुर, जिला रोहिणी, नईदिल्ली से गिरफ्त में लेने में सफलता प्राप्त हुयी।
आरोपी द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनी के नाम के पोस्टर लगाए गए : आरोपी को गिरफ्त में लेने के उपरान्त गहनता से पूछताछ पर उसके द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में जाकर मुख्यतः रेल्वे स्टेशन एवं सार्वजनिक स्थानों पर फजी। बैंक एवं फायनेंस कंपनी के पोस्टर चिपकाता था ताकि आमजनों को लोने दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जा सके।
ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए आरोपी द्वारा अन्य लोगों के खातों का किया जाता था इस्तेमाल: जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी आमजनों से ठगी कर जो राशि प्राप्त करता था, उसे अपने व्यक्तिगत खातों मंक न लेकर उन बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता था, जो उसने अन्य लोगों से लोन दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज लेकर खुलवाए या प्राप्त किए थे। आरोपी इन खातों का उपयोग ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए करता था। पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए ऐसे कुल 10 बैंक खातों को चिन्हित कर जप्त किया गया।
कॉल सेंटर में कार्यरत टेली-कॉलर युवती को भी आरोपी ने गुमराह कर कराया काम : आरोपी द्वारा आमजनों से ठगी करने के उद्देश्य से दिल्ली में एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। उक्त कॉल सेंटर में काम करने के लिए बिहार की रहने वाली एक युवती को गुमराह कर टेली-कॉलर के रूप में रखा गया था, जिससे लोगों को कॉल कर लोन के संबंध में बातचीत कराई जाती थी। जब कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए आगे बातचीत करता था, तब आरोपी स्वयं उससे संपर्क कर लोन दिलाने के नाम पर विभिन्न शुल्क की मांग कर उससे पैसे ठगता था।
आरोपी द्वारा कॉल सेंटर में काम करने हेतु रखी गई उक्त युवती को पिछले कुछ महीनों से वेतन भी नहीं दिया गया था, जिसके कारण उसको संदेह होने पर वह काम छोड़कर वहां से चली गई थी।
मुख्य बिन्दु आरोपी से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह एक प्रोफेशनल क्रिकेट खिलाड़ी है, जो दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) की ओर से लगभग 16 वर्षों से क्रिकेट खेल रहा है। इसके साथ ही आरोपी बच्चों को क्रिकेट की कोचिंग भी देता है।
आरोपी का नाम : देवकीनंदन कपूर उर्फ देव निवासी जैन नगर, कराला, थाना बेगमपुर, जिला रोहिणी, नईदिल्ली।
जप्ती : आरोपी से 10 चैकबुक, 10 पासबुक, 07 एटीएम, 02 आधार कार्ड एवं अन्य सामग्री जप्त की गयी है।
वैधानिक कार्यवाही : धारा 318 (4) बी.एन.एस. के तहत प्रकरण पंजीवद्ध।
कार्यवाही में सराहनीय भूमिका : उक्त कार्यवाही में उप निरीक्षक विजय द्विवेदी, थाना गोटेगाँव, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, पुलिस लाइन नरसिंहपुर, आरक्षक संजय पाण्डेय, पुलिस लाइन नरसिंहपुर, हिमांशु वर्मा, चौकी निवारी, थाना कोतवाली, महिला आरक्षक, कुमुद पाठक एवं माया भदौरिया की सराहनीय भूमिका रही है।
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नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना
अदिति
द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक, संदीप भूरिया
एसडीओपी, नरसिंहपुर, मनोज गुप्ता