: अनंत श्री विभूषित पंचरसाचार्य सदॄगुरूदेव स्वामी-श्री रामहर्षण दास का 107जयंतीमहोत्सव मनाया
अनंत श्री विभूषित पंचरसाचार्य सदॄगुरूदेव स्वामी-श्री रामहर्षण दास का 107जयंतीमहोत्सव मनाया
जितेन्द दुबे शाहनगर,पन्ना
नि.प्र.। नगर के श्री मिथिला बिहारी बिहारणी जू सरकार मंन्दिर में श्री अनंत श्री विभूषित पंचरसाचार्य सद्गुरु स्वामी श्री राम हर्षण दास जी महाराज [सरकार] का 107वां जन्मोत्सव जयंती मंगल जन्म महोत्सव बङे ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास पुर्ण तरीके के साथ मनाया गया। दोपहर को ठीक 12 बजते ही ढोल नगाङों, मंजीरों व ढोलक की थाप से जय गुरूदेव के गायन से सारा वातावरण धर्ममय हो गया। इस अवसर पर पुरोहित सुरेन्द्र ओझा के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विधिवत प्रथम पुजन मंन्दिर के महंत श्रो तुलसी दास ने विधिवत तरीके के साथ पुजन किया तत्पश्चात उपस्थित वैष्णव संप्रदाय सहित शिष्य मंङल ने अपने गुरूदेव का पूजन किया । जहां सैकङों की तादात में वैष्णवों ने अपने गुरू को श्रीफल एवं दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महंत श्री तुलसी दास जी महाराज ने बताया कि स्वामी जी का जन्म सतना जिले के पौङी परम धाम में हुआ था। जिन्होंने वैष्णव जगत के लिये परम उपयोगी प्रभु प्रेम संयुक्त भक्ति साहित्य का सृजन किया है। जिसमें श्री प्रेम रामायण, लीला सुधा सिंधु, प्रस्थान त्रयी गीता, उपनिषद, ब्रह्मसूत्र पर भाष्य वैष्णवीय विज्ञान, प्रपत्ति दर्शन, विनय वल्लरी, प्रेम वल्लरी, विरह वल्लरी प्रभृति दुर्लभ 33 ग्रंथों द्वारा भक्ति साहित्य का सृजन कर स्वामी जी ने भक्ति जगत की रचना की है। इस दौरान मंदिर में उपस्थित सभी श्रृद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया।
Tags :