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: गाडरवारा,नफरत हमेशा बुरे विचारों एवं बुरे कर्मों से करना चाहिए --- स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में बह रही भक्तिरस की गंगा

Aditi News Team

Fri, May 3, 2024
नफरत हमेशा बुरे विचारों एवं बुरे कर्मों से करना चाहिए --- स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में बह रही भक्तिरस की गंगा गाडरवारा। नगर के बोदरी मार्ग स्थित शनि मंदिर के पास एनटीपीसी आडिटोरियम के सामने 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा जारी है। कथा में प्रतिदिन भक्तिरस की गंगा बह रही है जिसमे धर्मप्रेमी श्रद्धालुओ को आनंद मिल रहा है। कथा के तीसरे दिन भागवत भगवान की आरती के बाद कथावाचक महामंडलेश्वर स्वामी श्री श्री 1008 श्री इंद्रदेव सरस्वती जी महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि जीवन मे श्रीमद भागवत कथा का बड़ा ही महत्त्व है। सभी लोग अलग अलग उद्देश्य से कथा गाते हैं । कथाओं की बदौलत ही हम सभी राम एवं श्याम की ओर लौटे हैं। कथाओं के श्रवण से ही जीवन मे अच्छी बातों एवं संस्कारो को आत्मसात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कथा में आगे कहा कि जीवन मे जब मानव का चरित्र एवं विचार खराब हो जाते हैं तब दैवीय प्रकोप आते है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों द्वारा किये गए कुकर्मों से उनके शुभकर्मों का फल उन्हें दिखाई नही देता । इतने व्रत एवं उपवास के बाद भी हमारा पुण्य कहाँ जा रहा है ये हमे पता ही नही चलता। उन्होंने कथा में आगे कहा कि हम सुख के बीज कम बोते है इसीलिए सुख नही दिखता। इस युग मे धर्म, सुख, आनंद के बीज बोने वाला व्यक्ति उसी की फसल काटेगा। उन्होंने कहा कि जीवन मे हमें नफरत हमेशा बुरे विचारों एवं बुरे कर्मों से करना चाहिए। अहंकार से हमें सदैव दूर रहना चाहिए। रावण के अहंकार से ही उसके पुत्रों का नाश हो गया था। रावण को सभी ने बहुत समझाया लेकिन वह नही माना। हम अपने बच्चों को भी ये शिक्षा दें कि वे अहंकार से दूर रहें। उन्होंने कहा कि हमारा ईश्वर के प्रति सच्चा भक्तिभाव होना चाहिए । विदित हो कि संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में भजनों पर श्रद्धालुगण ताली बजाकर झूमकर भगवान की भक्ति में नाचते हैं । कथा के अंत मे समापन अवसर पर महाआरती का आयोजन हुआ । भागवत कथा के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की उपस्तिथि उल्लेखनीय रही। आयोजक मंडल ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रतिदिन श्रीमद भागवत कथा में उपस्थिति की अपील की है।

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