: शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक विकास की त्रिवेणी में डूबे शिविरार्थी व्यक्तित्व विकास शिविर के तीसरे दिन का कार्यक्रम बहुआयामी गतिविधियों से रहा सराबोर
शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक विकास की त्रिवेणी में डूबे शिविरार्थी
व्यक्तित्व विकास शिविर के तीसरे दिन का कार्यक्रम बहुआयामी गतिविधियों से रहा सराबोर
सुसनेर।श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास द्वारा संचालित श्री कामधेनु गुरुकुलम एवं सूर्या फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे व्यक्तित्व विकास शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत आज प्रातः जागरण, योग, प्रार्थना एवं ध्यान के माध्यम से की गई। बच्चों ने दिन की ऊर्जा योग व प्राणायाम से प्राप्त की, तत्पश्चात सावधान, विश्राम और मित्त काल जैसे आर्मी स्टाइल प्राथमिक अनुशासन प्रशिक्षण में भाग लिया।
नाश्ते के उपरांत, प्रतिभागियों को दो महत्वपूर्ण खेल विधाओं — मलखंभ और कराटे का सघन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
महाराष्ट्र से आए प्रशिक्षक श्री सागर ने मलखंभ की तकनीकी बारीकियों से बच्चों को परिचित कराया, वहीं हरियाणा के अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी श्री मानसू दुग्गल ने आत्मरक्षा के गुरों को रोचक शैली में सिखाया।
दोपहर के सत्र में “गौपालन एवं आजीविका” विषय पर एक विशेष संवाद आयोजित हुआ। गौ अमृत सेवा संस्थान के श्री अर्जुन पाटीदार ने बताया कि कैसे गाय आधारित जीवनशैली न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का माध्यम है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक प्रभावशाली साधन बन सकती है।
इसके पश्चात शिविरार्थियों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास हेतु डायरी लेखन, भाषण अभ्यास एवं सांझा विचार अभिव्यक्ति जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
शाम को खेलों के समय खो-खो, वॉलीबॉल, कबड्डी जैसे भारतीय खेलों में सभी ने उल्लासपूर्वक भाग लिया।
रात्रि सांस्कृतिक सत्र में ‘म्यूजिकल चेयर’ जैसे मनोरंजक खेलों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों के आपसी समन्वय, टीम भावना और आनंद के स्तर में वृद्धि होगी।
यह बहुआयामी दिन शिविरार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास की पूर्णता का साक्षात उदाहरण बना।
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