: लमतरा हाई स्कूल की वर्षों पुरानी बिल्डिंग चिल्ला चिल्ला कर पुकार रही कहीं प्रभारी प्राचार्य ना कर दे कबाड़ियों के हवाले मुझे बचाओ कबाड़ियों से
लमतरा हाई स्कूल की वर्षों पुरानी बिल्डिंग चिल्ला चिल्ला कर पुकार रही कहीं प्रभारी प्राचार्य ना कर दे कबाड़ियों के हवाले मुझे बचाओ कबाड़ियों से
रिपोर्टर कविता पांडे
पन्ना /पन्ना जिले में शिक्षा विभाग अपनी लापरवाही एवं भ्रष्टाचारी के कारण और जिले में बैठे अधिकारियों के द्वारा आए दिन मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं क्योंकि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार चरम सीमा पर शिक्षा विभाग में चल रहा है हम आपको उदाहरण बता रहे हैं कि शिक्षा विभाग में विकासखंड से लेकर जिले में बैठे अधिकारी को सिर्फ संबंधित विभाग के शिक्षकों को प्रभारी प्राचार्य बनाने के बदले सुविधा शुल्क वसूलने से मतलब है चाहे वह शैक्षणिक कार्य में योग हो ना हो लेकिन भ्रष्टाचार करने में योग साबित होना चाहिए अब तो नई परंपरा शिक्षा विभाग में चालू हो गई की पूरी सर्विस लाइफ में जितना संपति नहीं एकत्रित कर पाये हो लेकिन रिटायरमेंट के समय प्रभारी प्राचार्य का पद लो और मनमानी शासन से आई राशि का भ्रष्टाचार कर कमीशन का बंटवारा करो हम बात कर रहे हैं विकासखंड शिक्षा कार्यालय अंतर्गत आने वाली हाई स्कूल लमतरा का जहां पर जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा एक ऐसे शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है जिसका रिटायरमेंट लगभग 1 वर्ष के अंदर होने को है जिसको विद्यालय में रखें पुरानी सामग्री को कबाड़ के तौर पर बेचने की पूरी परमिशन दी गई है क्योंकि अभी सर्विस लाइव में शासन से पगार मिलने के बाद अटूट संपत्ति एकत्रित करने में कुछ कमी रह गई होगी क्योंकि प्रभारी प्राचार्य के द्वारा वर्षों से राखी विद्यालय में सामग्री को कबाड़ के भाव बेचा गया है जिस पर ना किसी गाइडलाइन का उपयोग किया गया है इन्हीं की कार्यशैली को देखते हुए जन चर्चा का विषय बना है कि इस तरह का भ्रष्ट प्रभारी प्राचार्य कभी नहीं आया क्योंकि विद्यालय में रखी सामग्री उसने स्वयं कबाड़ घोषित कर बेच दी और राशि कहां बैय की गई जिसकी जानकारी बो खुद दे पाएंगे इसी तरह बरसों से बनी विद्यालय की बिल्डिंग भी चिल्ला चिल्ला कर कह रही है कि जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा भेजा गया प्रभारी प्राचार्य कहीं मुझे भी ना कबाड़ियों की हवाले कर दे क्योंकि जिस तरह बरसों से रखे कबाड़ को कबाड़ियों के हवाले कर दिया है इसी तरह विद्यालय की बिल्डिंग भी कंडम घोषित कराकर कबाड़ियों को विक्रय कर सकता है क्योंकि यदि विद्यालय में रखे समान कबाड़ हो चुका था तो पूर्व प्राचार्य ने क्यों नहीं कबाड़ियों के हवाले किया क्या इसीलिए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य बनाया था कि विद्यालय का कबाड़ बेचकर राशि को निजी व्यय में उपयोग कर भ्रष्टाचार करने में महारत हासिल करो।
इनका कहना है प्रभारी प्रचार हाई स्कूल लमतरा
राम विजय उपाध्याय
हां मैंने विद्यालय में रखे कुछ कबाड़ को बचा है जो राशि प्राप्त हुई उसे शासन के खाते में जमा कर दिया है तो इसकी जानकारी नहीं की कितनी राशि कबाड़ बेचने में मुझे प्राप्त हुई है।
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