: जनशिक्षा केंद्र स्तरीय शैक्षिक संवाद जेएसके वनवारी मे.
Sat, Oct 19, 2024
जनशिक्षा केंद्र स्तरीय शैक्षिक संवाद जेएसके वनवारी मे.
गाडरवारा - ब्लाक साईंखेड़ा के जेएसके वनवारी में दिनांक 19 अक्टूम्वर 2024 शनिवार को शैक्षिक संवाद का आयोजन किया गया जिसमें जेएसके के प्रभारी आनंद चोकसे जेएसके के कक्षा 6 से 8वी के मास्टर ट्रेनर जनशिक्षक दीपक स्थापक , कमलेश विश्वकर्मा एवं कक्षा 1,2 पंकज विकास पाठक ,सुरेन्द्र पटैल सहित जनशिक्षा केंद्र अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शालाओं व माध्यमिक शालाओं के शिक्षक उपस्थित हुये।शैक्षिक संवाद की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई इस मोके पर शैक्षिक संवाद मे कक्षा 1,2 में शिक्षकों ने सहभागिता दी गई जिसमें आज का विषय आवधिक आकलन व ट्रेकर अपडेट पर चर्चा की गई ।
: श्रीराम भगवान को स्मरण कर संपन्न हुआ रामार्चा महायज्ञ
Sat, Oct 19, 2024
जितेंद्र दुबे शाहनगर
श्रीराम भगवान को स्मरण कर संपन्न हुआ रामार्चा महायज्ञ
शाहनगर नि प्र। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र अनुष्ठानों मे रामार्चा महायज्ञ करने का विधान बताया गया है ।जिससे व्यक्ती की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. नगर के बस स्टेन्ङ स्थित प्रथम श्रोता श्री सुरेश जार धर्मपत्नी श्री मति राजकुमारी जार के यहां आयोजित रामार्चा महायज्ञ में भगवान श्री राम और उनके चारों अवतारों की पूजा विधि -विधान के साथ कथा वाचक 108 श्रो हरिराम तिवारी जी के पावन सानिध्य में संपन्न कराई गयी इस दौरान यज्ञ स्थल का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पवित्रिकरण कर केले के हरे पेङों का मंन्ङप जिसमे गुलाब एवं बेला एवं गेन्दा की सुन्दर लङियों से सुशोभित मंन्ङप एवं वेदी का निर्माण कराया गया संकल्पपूर्वक गौरी-गणेश, वरुण देवता का पूजन हुआ। तत्पश्चात वेदी पर चार आवरण में भगवान श्रीराम जी सहित उनके पूरे परिवार, वीर बजरंग बली, नवग्रह, दस दिगपाल, भगवान शिव, सप्तऋषि, अष्ट वसु, वास्तु, शक्तियों की पूजा और पवित्र नदियों की पूजा इत्यादि की गई। यज्ञ अनुष्ठान को चार आवरण में कराया गया जिसमें प्रथम आवरण में माता गौरी और भगवान शिव की पूजा की गई। इनके अतिरिक्त तेरह देवताओं का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। दूसरे आवरण में श्री अयोध्या जी से लेकर अष्ठमंत्रियों तक कुल 21 देवताओं का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। तृतीय आवरण में महाराज श्री दशरथ जी से लेकर भाईयों में लक्ष्मण कुमार पत्नी उर्मिला जी , भरत पत्नी मांङवी , शत्रुघ्न पत्नी श्रुतकीर्ति और हनुमान जी महराज का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। चतुर्थ आवरण में सीता माता संग भगवान श्रीराम का आवाहन, स्थापन और पूजन किया गया। पुजा के दौरान भगवान श्री राम को तांबे के बर्तन में शुद्ध जल और दुग्ध से स्नान कराया गये एवं सुन्दर वस्त्र औरआभूषण अर्पित किए गये वैदिक मंत्रोच्चारण से सारा वातावरण गूंज रहा था और सतत प्रभु चर्चा व वेद मंत्रों की ध्वनि से आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति से ओतप्रोत नजर आया इस दौरान कथा वाचक हरिराम तिवारी जी ने बताया की रामार्चा महायज्ञ कराने से इंसान पुण्य का भागी बनता है। और बैकुंठ प्राप्त करता है ।तत्पश्चात हवन, पूर्णाहुति, आरती, पुष्पांजलि, के साथ कथा मे आये उपस्थित आगंतुकों को प्रसाद वितरण कर कन्या भोज के साथ ब्राम्हण भोज कराया गया ।इस दौरान शिवम जार पत्नी शिवी जार विनय धमेले धर्मपत्नी रश्मी धमेले गौरव बहारे, रचना जार सहित जार परिवार शामिल रहा ।
: नरसिंहपुर,बिना HSRP प्लेट के दौड़ रहे अधिकारियों के वाहन आम आदमी से जांच के दौरान हो रही भारी वसूली
Sat, Oct 19, 2024
रिपोर्टर संदीप राजपूत
बिना HSRP प्लेट के दौड़ रहे अधिकारियों के वाहन
आम आदमी से जांच के दौरान हो रही भारी वसूली
नरसिंहपुर
। आम नागरिकों के लिए जिले के अधिकारी आदर्श होते हैं एक आम आदमी जिला कलेक्टर को देखकर यह आस लगाता है कि एक दिन उसका बच्चा भी पढ़ लिख कर उनके नक्शे कदम पर चलेगा लेकिन कैसा हो जब जिले के अधिकारी ही नियमों का बेहद उल्लंघन करते नजर आए, जिले के यातायात प्रभारी और जिला परिवहन अधिकारी जिन नियमों का हवाला देकर आम जनता से जांच के दौरान भारी जुर्माना वसूलते हो उन्हें नियमों को तार तार करते नजर आए जिले के आला अधिकारियों के वाहन, तो फिर कैसे मान जाए कि शाही लोकतंत्र पर भारी नहीं है जहां आम लोगों पर भारी जुर्माना वसूला जाए तो वही जो अधिकारियों की गाड़ियां फ़र्राटे से नियमों को धता दिखाते नजर आएं। जिले के अधिकारियों की गाड़ियों में नहीं HSRP प्लेटएचएसआरपी प्लेट की बानगी देखने के लिए जब मीडिया की टीम ने कलेक्टर कार्यालय में चल रही अधिकारियों की बैठक के दौरान पार्किंग में मौजूद गाड़ियों पर नजर दौड़ाई तो पाया कि जिला कलेक्टर शीतल पटले, पुलिस अधीक्षक मृगाखी डेका सहित अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार के साथ अन्य कई अधिकारियों के लिए उपयोग की जाने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेटों पर पाया कि इन सभी अधिकारियों की गाड़ियों में जो नंबर प्लेट उपयोग की जा रही है वह नियम विरुद्ध है, वर्तमान में सभी वाहनों के लिए HSRP नंबर प्लेट का उपयोग करना अनिवार्य है, लेकिन जिले के आला अधिकारी जिन वाहनों में बैठकर जिले भर का भ्रमण करते हैं उन वाहनों के वाहन मालिको ने गाड़ियों में एचएसआरपी प्लेट लगवाना अनिवार्य नहीं समझा और ना ही अधिकारियों के रसूख के चलते जिले की यातायात प्रभारी या जिला परिवहन अधिकारी ने इन गाड़ियों के कभी चालान बनाए और ना ही इनके मालिकों को एचएसआरपी प्लेट लगाने के लिए निर्देशित किया है।किराए पर होते है इन अधिकारियों के वाहन, मालिक की होती है संपूर्ण जवाबदारी ।गौरतलब है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी जिन वाहनों का उपयोग करते हैं वह वाहन उन्हें किराए पर उपलब्ध होते हैं, ऐसे में उन वाहनों पर पीले रंग की एचएसआरपी प्लेट होना अनिवार्य है लेकिन पीला रंग तो छोड़िए यहां अधिकारियों की गाड़ियों में एचएसआरपी प्लेट तक नहीं है जब इन वाहनों के मालिकों से संपर्क करना चाहा तो वर्तमान में कलेक्टर के लिए उपयोग होने वाली गाड़ी के मालिक रूपेश नेमा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी 3 साल ज्यादा पुरानी है, और उनकी गाड़ी की एचएसआरपी प्लेट नहीं है अभी उन्होंने उसके लिए अप्लाई भी नहीं किया है क्योंकि उसे गाड़ी में कलेक्टर चलती हैं इसलिए कभी जरूरत नहीं पड़ी, अब जब मीडिया ने उनसे पूछा है तो बे जल्दी प्लेट के लिए अप्लाई करेंगे और यदि संभव हुआ तो जल्द गाड़ी में एचएसआरपी प्लेट लगवा दी जाएगी, जबकि एचएसआरपी प्लेट ना होने पर अधिकतम ₹10000 तक का जुर्माना है और लगातार नियम का उल्लंघन करने पर वाहन जप्त भी किया जा सकता है, उसके बावजूद भी ठेके पर चल रहे इन वाहनों पर किसी भी तरह की कोई कार्यवाही यातायात के अधिकारियों के द्वारा नहीं की जाती हैं जबकि यहां वाहन मालिक की जवाबदारी है कि वह अपनी गाड़ी लगाने के पूर्व सभी नियमों का पालन करते हुए गाड़ी के दस्तावेज और सभी नियमों को पालन करवाए।
HSRP क्या है
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक एल्यूमीनियम निर्मित नंबर प्लेट होती है, जो वाहन के फ्रंट और रियर में लगाई जाती है। एचएसआरपी के ऊपरी बाएं कोने पर एक नीले रंग का क्रोमियम-आधारित अशोक चक्र का होलोग्राम होता है। इसके निचले बाएं कोने पर एक यूनिक लेजर-ब्रांडेड 10-अंकीय स्थायी पहचान संख्या (पिन) दिया जाता है, इसके अलावा, पंजीकरण संख्या के अंकों और अक्षरों पर एक हॉट-स्टैंप फिल्म लगाई जाती है और उसके साथ नीले रंग में 'IND' लिखा होता है।खास बात ये है कि एचएसआरपी वाहन के डिजिटल पंजीकरण के बाद ही जारी किया जाता है और ये वाहन से जुड़ा होता है। इस प्रकार, प्लेटों का उपयोग एक अलग कार पर नहीं किया जा सकता है और उन्हें चोरी और इन प्लेटों के किसी अन्य प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया जाता है।
HSRP क्यों है आवश्यक
1. वाहन की चोरी को रोकने और ट्रैक करने में मदद मिलती है. HSRP में यूनिक कोड होता है, जिसे स्कैन करके पुलिस या संबंधित अधिकारी तुरंत वाहन की जानकारी निकाल सकते हैं.2. फ़र्ज़ी नंबर प्लेट लगाकर गलत काम करना आसान हो जाता है. HSRP को कॉपी करना फर्जी बनाना बहुत मुश्किल होता है.3. वाहनों से जुड़ी अवैध गतिविधियों की पहचान करना आसान होता है.4. ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को पकड़ना और उनका चालान करना आसान होता है.5. वाहन की पहचान जैसी प्रक्रियाएं बेहतर और कारगर होती हैं.6. समग्र सड़क सुरक्षा में सुधार होता है।
क्या है जुर्माने का प्रावधान
मध्यप्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) ना होने पर 500 रुपये से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।1. अगर कोई पहली बार बिना एचएसआरपी प्लेट के वाहन चलाता है, तो उस पर 500 रुपये से 5000 तक का चालान काटा जा सकता है।2. अगर कोई लगातार बिना एचएसआरपी प्लेट के वाहन चलाता है, तो उस पर 10,000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है.3. तीसरी बार बिना एचएसआरपी प्लेट के वाहन चलाने पर वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
इनका कहना है-
हमारी गाड़ी 3 साल पुरानी है, वर्तमान में कलेक्टर मैडम के लिए उपयोग की जा रही हैं और हमें किसी ने एचएसआरपी प्लेट के लिए नहीं बोला है इसलिए नहीं लगवाई है, आपने कहा है जल्द लगवा लेंगे।-
रूपेश नेमा, वाहन मालिक
एचएसआरपी प्लेट सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है इसमें शासकीय वाहनों को भी कोई छूट नहीं है समय-समय पर यातायात विभाग द्वारा चेकिंग लगाकर वाहनों की जांच की जाती है जिनमें एचएसआरपी प्लेट नहीं मिलती है उन पर कार्यवाही भी की जाती है।-
ममता तिवारी, थाना प्रभारी यातायात