: “हर घर तिरंगा” ‘‘हर घर स्वच्छता’’ अभियान के तहत् नरसिंहपुर पुलिस ने निकाली भव्य तिरंगा रैली
Mon, Aug 11, 2025
रिपोर्टर सतीश लमानिया
“हर घर तिरंगा” ‘‘हर घर स्वच्छता’’ अभियान के तहत् नरसिंहपुर पुलिस ने निकाली भव्य तिरंगा रैली
इस वर्ष 15 अगस्त 2025 को हम अपना 79 वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे है। आजादी के इस महापर्व पर देश की आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्रध्वज तिरंगा के सम्मान में देशभर में ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान एवं स्वतंत्रता का उत्सव, स्वतंत्रता के संग अभियान मनाया जा रहा है।अभियान का उद्देश्य देशवासियों को देशभक्ति की भावना से जोडना और उन्हें देश की आजादी के महत्व के बारे में जागरूक करना है। अभियान की मूल भावना है कि लोग अपने राष्ट्रध्वज तिरंगे के प्रति गर्व महसूस करें और अपने घरों पर तिरंगा फहराएं। इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री महोदय मध्यप्रदेश शासन डॉ. मोहन यादव जी द्वारा समुचे मध्यप्रदेश में अभियान को हर्ष उल्लास से मानने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए है।जिसके तारतम्य में श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाना जी के निर्देशानुसार दिनांक 09 से 15 अगस्त तक ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान एवं स्वतंत्रता का उत्सव, स्वतंत्रता के संग अभियान आयोजित किया जा रहा है। आज नरसिंहपुर पुलिस द्वारा नगर में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया जिसमे कलेक्टर, अपर कलेक्टर, अति. पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक, प्रभारी यातायात, थाना प्रभारी स्टेशनगंज एवं बड़ी संख्या में अधिकारी/कर्मचारी एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुयी।उक्त तिरंगा रैली स्टेडियम ग्राउण्ड से प्रारंभ होकर सुभाष चौक, नगरपालिका चौराहा, जिला अस्पताल होते हुए वापस स्टेडियम ग्राउण्ड तक निकाली गयी।
: गाडरवारा की भुजरियां,(भुजरियों के पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं)
Sun, Aug 10, 2025
गाडरवारा की भुजरियां
( सुशील शर्मा)वह समय,जब सूरज की पहली किरणें भीगाडरवारा को राखी बांध कर सो रही थींसुबह लहराए से उठे वे जवारे,गेहूँ के सिरों की सादगी लिए,मन की गहराइयों से जुड़े,एक अनकहा संदेश लिए। गाडरवारा की मिट्टी से जुड़ा वह इतिहास,जिसमें बुंदेलखंड की धूप और धूल नेअनेक युगों तक संवारा इस धरती को।जहां वीरों की गाथाएं गूंजती थीं,और किसान की हल की थापें होती थीं संगीत। यहाँ के गाँव,जिन्होंने समय के तूफानों को झेला,पर कभी अपनी आत्मा को न खोया।यहाँ की हवाओं में बसती हैं कहानियाँ,पुरखों की मेहनत की,संघर्ष की, और उत्सव की। और इसी विरासत की गरिमा में,उगती है भुजरियों की खुशबू,जो लेकर आती है अपनत्व की सौगात,जहां हर जवारा कान में खुर्सा जाता है,और “एक लई, एक दई” का वचन गूंजता है। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं,यह उस साझा संस्कृति का प्रतिबिंब है,जहां रिश्तों को जोड़ा जाता है सम्मान से,जहां पारिवारिक बंधन मजबूत होते हैं,और गांव की हर गली गूंजती हैएकता की धुन से। पुरानी हवेलियों के बरामदे,जहां दादियों ने सुनाई थीं लोककथाएँ,और बच्चों ने सीखी थीं जीवन की सीखें,वहीं आज भी भुजरियांबचपन की याद दिलाती हैं,वह खेल, वह मस्ती, वह सांस्कृतिक संगम। यहाँ के मंदिर,जिन्होंने पीढ़ियों को जोड़ा,और त्योहारों ने रंग भरे,सबका जीवन बनाया एक सृजनात्मक संगम। भुजरियों का उत्सव,गाडरवारा की पहचान है,एकता और प्रेम का जीवंत प्रमाण है।यहाँ के लोग जानते हैं,कि खेतों की उपज जैसी ही जरूरी है,रिश्तों की उपज। जब लोग जवारे लेकर एक-दूसरे के घर जाते हैं,तो केवल गेहूं का सिरा नहीं होता हाथ में,बल्कि एक विश्वास होता साथ में,कि चाहे कितना भी वक्त बीत जाए,हम एक-दूसरे के लिए खड़े हैं,साथ हैं, अपन हैं। गाडरवारा की ये भुजरियां,ना केवल परंपरा का उत्सव हैं,बल्कि यह जीवन के अनुभवों का संगम हैं,जो हमें सिखाते हैं,कि असली शक्ति है सह-अस्तित्व में,और सबसे बड़ी धन है अपनत्व। यहाँ की मिट्टी से उठती ये खुशबू,और ये पारंपरिक स्वर,हमें बताते हैं कि भुजरियांगाडरवारा की आत्मा का गीत हैं,जो सदियों से बज रहा है,और अनगिनत दिलों को जोड़ रहा है।
सुशील शर्मा
भुजरियों के पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
: सब जेल सिहोरा में रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया
Sun, Aug 10, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
सब जेल सिहोरा में रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया
सिहोरा: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सब जेल सिहोरा में बंदियों की कलाई पर उनकी बहिनों द्वारा स्नेह की डोर बांधकर अपराध न करने का वचन लिया।आज सुबह से ही अपने भाइयों को रक्षासूत्र बांधने उनकी बहिनें जेल पहुंचने लगीं थी। जेल प्रबंधन द्वारा बंदियों को उनकी बहिनों से प्रत्यक्ष रूप मुलाकात करवाने की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई।कुल 49 बंदियों को 126 बहिनों द्वारा राखी बांधी गई । किसी भी बहिन को कोई असुविधा नहीं हुई बहिनों द्वारा जेलर दिलीप नायक एवं जेल स्टॉफ की सराहना की गई।